NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर मामला : फिर सवालों के कठघरे में खड़ी है यूपी पुलिस!
मामले की गंभीरता को देखते हुए झांसी के डीएम शिवसहाय अवस्थी ने मैजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं एडीजी प्रेम प्रकाश ने कहा है कि इस मामले की जांच में अगर पुलिसवाले दोषी पाए जाएंगे, तो उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
सोनिया यादव
09 Oct 2019
फोटो सभार : सोशल मीडिया
फोटो सभार : सोशल मीडिया

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एक बार फिर पुलिस एनकाउंटर को लेकर सवालों के कठघरे में खड़ी है। मामला झांसी के मोंठ इलाके में हुए पुष्पेंद्र यादव के एनकाउंटर से जुड़ा है। एक ओर जहां पुलिस दावा कर रही है कि एनकाउंटर में मारा गया पुष्पेंद्र लुटेरा और खनन माफिया था तो वहीं पुष्पेंद्र के घरवाले और गांववाले इस एनकाउंटर को फर्जी करार दे रहे हैं, साथ ही इस मामले की सीबीआई जांच की मांग पर भी अड़े हैं।

ख़बरों के अनुसार एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे मोंठ तहसील में धरने पर बैठे 39 लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। ये सभी पुष्पेंद्र यादव के समर्थन में तहसील में धरना दे रहे थे।

क्या है पूरा मामला ?

झांसी की मोंठ पुलिस ने मीडिया को बताया कि 5 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे मोंठ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान पर बदमाशों ने बमरौली बाइपास के पास फायरिंग की और उनका मोबाइल और कार लूटकर फरार हो गए। जिसके बाद देर रात एरच के करगुवां निवासी विपिन, पुष्पेंद्र व रविंद्र के खिलाफ इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया। आरोप लगाया गया कि 29 सितंबर को बालू से भरा ट्रक बंद किए जाने के विरोध में इंस्पेक्टर पर हमला किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों की घेराबंदी की थी।

एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के अनुसार गुरसराय क्षेत्र में उसी रात करीब 2.30 बजे फरीदा गांव के पास सड़क पर कार आती दिखी। पुलिस ने कार को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार सवारों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो पुष्पेंद्र के सिर में जा लगी। मौका पाकर दोनों साथी भाग निकले। पुलिस टीम पुष्पेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुष्पेंद्र के घरवालों के किया फर्जी एनकाउंटर का दावा

पुष्पेंद्र के घरवालों के अनुसार पुष्पेंद्र के पास दो ट्रक थे, जिनसे वो बालू और गिट्टी की ढुलाई करता था। उनका कहना है कि पुलिस ने पहले तो उसके खिलाफ फर्जी केस किया और फिर एनकाउंटर में उसे मार दिया।
पुष्पेंद्र की पत्नी शिवांगी की मीडिया से बातचीत का वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियों में शिवांगी फूट-फूटकर रोते हुए कह रही है कि मेरे पति को मार डाला गया। हमें न्याय दे दो। हमे न्याय चाहिए।

न्यूज़क्लिक को एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि परिजनों ने अफसरों की तमाम मन्नतों के बाद भी मृतक का शव लेने से इनकार कर दिया। उनकी मांग थी कि पहले आरोपित इंस्पेक्टर धर्मेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी हो। लेकिन जब बात नहीं बनी तो देर रात 8 अक्तूबर को पुलिस ने पुष्पेंद्र के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

fb_img_1570374871386-1024x768_081019-075110-533x400.jpg
पत्रकार के अनुसार मृतक के घरवालों का कहना है कि पुष्पेंद्र का एक भाई दिल्ली में रहता है, पुलिस ने उसके खिलाफ भी हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया है। इस मामले में करगुआं गांव के लोगों ने भी पुष्पेंद्र का समर्थन किया है। कई गांववालों का कहना है कि एसएसपी और मोठ कोतवाल ने मिलकर पुष्पेंद्र की हत्या की है। उनकी मांग है कि जब एसएसपी ओपी सिंह और इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए झांसी के डीएम शिवसहाय अवस्थी ने मैजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं एडीजी प्रेम प्रकाश ने कहा है कि इस मामले की जांच में अगर पुलिसवाले दोषी पाए जाएंगे, तो उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।

प्रशासन द्वारा तमाम दबावों के बीच इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है। उनकी जगह चिरगांव थाना प्रभारी सुनील तिवारी की तैनाती की गई है।

बता दें कि सोशल मीडिया पर भी लोग इस एनकाउंटर पर जमकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस प्रकरण पर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस, बसपा और समाजवादी पार्टी सभी ने एक सुर में इस मामले की जांच सीबीआई से करने की मांग की है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे फर्जी एनकाउंटर करार देते हुए बीजेपी और योगी सरकार पर निशाना साधा है तो वहीं राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने इसे हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि मोंठ पुलिस ने पुष्पेंद्र का ट्रक पकड़ लिया था और पैसे के लेनदेन के विवाद में उसकी हत्या कर दी।

दूसरी ओर राज्य सरकार में मंत्री और पार्टी के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने ट्विट कर कहा है कि पुष्पेंद्र खनन माफिया था और अब समाजवादी पार्टी खनन माफिया के साथ खड़ी दिख रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी लखनऊ में विवेक तिवारी एनकाउंटर पर यूपी पुलिस की जमकर किरकिरी हुई थी। साल की शुरुआत में ही संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संभावित 59फर्जी एनकाउंटर मामलों का संज्ञान लेते हुए भारत सरकार को एक पत्र भी लिखा था। साथ ही मामले को बेहद चिंता का विषय बताया था।

साल 2018 में सिटीजन्स अगेंस्ट हेट नाम के गैर सरकारी संगठन ने मुठभेड़ के 28 मामलों का अध्ययन करके एक रिपोर्ट जारी की थी। इन 28 मामलों में 16 यूपी और 12 हरियाणा के थे। इस रिपोर्ट पर मानवाधिकारों से जुड़े कुछ अन्य संगठन भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि अध्ययन में मुठभेड़ से जुड़े कई ऐसे तथ्य मिले हैं जो संदेह पैदा करते हैं।

मानवाधिकार कार्यकर्ता अविनाश सचदेवा ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, 'फर्जी एनकाउंटर एक गंभीर मसला है। पुलिस इस पर जो भी तर्क दे, इसे जस्टिफाई नहीं कर सकती। सवाल ये भी है कि क्या केवल आरोपी होने भर से पुलिस को किसी के एनकाउंटर की इज़ाजत है? अगर पुष्पेंद्र कार लुटकर भागा था, तो बीच के कई पुलिस थानों पर आखिर उसे क्यों नहीं रोका गया?’

अविनाश का आगे कहना है, ‘2017 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके अनुसार फर्जी एनकाउंटर की शिकायतों के मामलों में उत्तर प्रदेश पुलिस देश में सबसे आगे है।' उन्होंने रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इस अध्ययन में आयोग ने पिछले 12 साल का आंकड़ा जारी किया था, जिसमें देशभर से फर्जी एनकाउंटर की कुल 1241 शिकायतें आयोग के पास पहुंची थीं। इसमें अकेले 455 मामले यूपी पुलिस के खिलाफ थे।

हालांकि बीजेपी की योगी सरकार और राज्य पुलिस प्रशासन बार-बार फर्जी एनकाउंटर के दावों का खंडन करता रहा है। उनका कहना है कि एनकाउंटर फर्जी तरीके से नहीं किए जा रहे हैं। अगर अपराधी पुलिस पर हमला करता है तो पुलिसकर्मियों को अपने बचाव के लिए उस समय जो उचित लगता है, वो करते हैं।

Utter pradesh
yogi government
Uttar Pradesh police
Fake encounter
Puspendra Yadav
Jhansi

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में

यूपी : ‘न्यूनतम अपराध’ का दावा और आए दिन मासूमों साथ होती दरिंदगी!

यूपी: ललितपुर बलात्कार मामले में कई गिरफ्तार, लेकिन कानून व्यवस्था पर सवाल अब भी बरकरार!

उत्तर प्रदेश: फ़ीस जमा न कर पाने के लिए विद्यालय ने छात्रा को अपमानित किया, रोते-रोते हुई मौत

सोनभद्र नरसंहार कांड: नहीं हुआ न्याय, नहीं मिला हक़, आदिवासियों के मन पर आज भी अनगिन घाव

यूपी: आज़मगढ़ में पुलिस पर दलितों के घर तोड़ने, महिलाओं को प्रताड़ित करने का आरोप; परिवार घर छोड़ कर भागे

यूपी: उन्नाव सब्ज़ी विक्रेता के परिवार ने इकलौता कमाने वाला गंवाया; दो पुलिसकर्मियों की गिरफ़्तारी


बाकी खबरें

  • यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल
    पीपल्स डिस्पैच
    यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल
    30 Mar 2022
    यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला युद्ध अब आधिकारिक तौर पर आठवें साल में पहुंच चुका है। सऊदी नेतृत्व वाले हमले को विफल करने की प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए हज़ारों यमन लोगों ने 26 मार्
  • imran khan
    भाषा
    पाकिस्तान में संकटग्रस्त प्रधानमंत्री इमरान ने कैबिनेट का विशेष सत्र बुलाया
    30 Mar 2022
    यह सत्र इस तरह की रिपोर्ट मिलने के बीच बुलाया गया कि सत्ताधारी गठबंधन के सदस्य दल एमक्यूएम-पी के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। 
  • national tribunal
    राज वाल्मीकि
    न्याय के लिए दलित महिलाओं ने खटखटाया राजधानी का दरवाज़ा
    30 Mar 2022
    “नेशनल ट्रिब्यूनल ऑन कास्ट एंड जेंडर बेस्ड वायोंलेंस अगेंस्ट दलित वीमेन एंड माइनर गर्ल्स” जनसुनवाई के दौरान यौन हिंसा व बर्बर हिंसा के शिकार 6 राज्यों के 17 परिवारों ने साझा किया अपना दर्द व संघर्ष।
  • fracked gas
    स्टुअर्ट ब्राउन
    अमेरिकी फ्रैक्ड ‘फ्रीडम गैस’ की वास्तविक लागत
    30 Mar 2022
    यूरोप के अधिकांश हिस्सों में हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग का कार्य प्रतिबंधित है, लेकिन जैसा कि अब यूरोपीय संघ ने वैकल्पिक गैस की आपूर्ति के लिए अमेरिका की ओर रुख कर लिया है, ऐसे में पिछले दरवाजे से कितनी…
  • lakhimpur kheri
    भाषा
    लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब
    30 Mar 2022
    पीठ ने कहा, ‘‘ एसआईटी ने उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को जांच की निगरानी कर रहे न्यायाधीश के दो पत्र भेजे हैं, जिन्होंने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के वास्ते राज्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License