NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झारखंड चुनाव: प्रथम चरण में 13 सीटों के लिए 64 फीसदी से ज़्यादा मतदान
नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्वाधिक मतदान की ख़बर है, दूसरी ओर डाल्टनगंज में कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णानंद त्रिपाठी और भाजपा समर्थकों में झड़प की घटना हुई है जिसकी जांच के आदेश दिये गये हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Nov 2019
jharkhand election
Image courtesy: Times Now

रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में आज, शनिवार को 13 सीटों पर 64 फीसदी से भी ज़्यादा मतदान की ख़बर है। हालांकि अपराह्न तीन बजे मतदान खत्म होने तक कुल 62.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों पर हिंसा की मामूली वारदात देखने को मिलीं हालांकि कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा।

प्रदेश की 81 विधानसभा सीटों के लिये पांच चरणों में मतदान होना है।

अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्वाधिक मतदान की खबर है, दूसरी ओर डाल्टनगंज में कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णानंद त्रिपाठी और भाजपा समर्थकों में झड़प की घटना हुई है जिसकी जांच के आदेश दिये गये हैं।

चुनाव आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि मतदान का समय दोपहर बाद तीन बजे समाप्त होने तक कुल 62.87 प्रतिशत मतदान हुआ। हालांकि अभी दूरदराज के कई नक्सल प्रभावित इलाकों से अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है। वहां की रिपोर्ट आने के बाद मतदान का प्रतिशत और बढ़ने की संभावना है। हालांकि इसके बाद मिली रिपोर्ट के मुताबिक मतदान का प्रतिशत 64.12 रहा है।
table_0.JPG
इसके मुताबिक तक चतरा में 56.59 प्रतिशत,  मनिका में 57.61, हुसैनाबाद में 60.90, लातेहार में 67.20, बिश्रामपुर में 61.60 प्रतिशत, छतरपुर में 62.30, डाल्टनगंज में 63.90, पांकी में 64.10, लोहरदगा में 71.47, भवनाथपुर में 67.34 प्रतिशत,गढ़वा में 66.04, बिशुनपुर में 69.80, और गुमला में 67.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।

मतदान के दौरान मतदाताओं को भयभीत करने के लिए आज सुबह लगभग साढ़े आठ बजे नक्सलियों ने बिशुनपुर के घाघरा गांव के जंगल में एक पुलिया के निकट विस्फोट किया लेकिन इससे किसी नुकसान की खबर नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।

अपर पुलिस महानिदेशक एवं झारखंड चुनावों में सुरक्षा व्यवस्था के नोडल अधिकारी मुरारीलाल मीणा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हताश नक्सलियों ने मतदाताओं में भय पैदा करने के लिए बिशुनपुर के बानालाट और वीरानपुर के बीच जंगल में एक पुलिया के निकट यह विस्फोट किया लेकिन इससे किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई और भारी संख्या में सुरक्षा बलों की मौजूदगी के चलते नक्सली वहां से भाग निकले।

मीणा ने बताया कि सभी तेरह विधानसभा क्षेत्रों में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हुआ और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि सभी स्थानों पर मतदाताओं में भारी उत्साह दिखा और बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया जो संतोषजनक है।

इस बीच डाल्टनगंज में कांग्रेस के प्रत्याशी कृष्णानंद त्रिपाठी और भाजपा के समर्थकों में झड़प की सूचना मिली है। त्रिपाठी ने बूथ कब्जाने के आरोप लगाये हैं और उन्होंने कहा कि जब वह स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे तो भाजपा समर्थकों ने उन पर हमला बोल दिया जिसके बाद आत्मरक्षा में उन्हें अपनी पिस्तौल निकालनी पड़ी। त्रिपाठी ने भीड़ के बीच पिस्तौल लहरायी।

घटना के बाद दोनों पक्षों ने चुनाव अधिकारियों से मामले की शिकायत की है जिसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। चौबे ने बताया कि इस मामले में रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई की जायेगी। हालांकि इस झड़प के बाद भी आरोपित बूथों पर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
map jharkhand.JPG
(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

Jharkhand Assembly Elections
First phase polling
BJP
Congress
Krishnanand Tripathi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • AAKAR
    आकार पटेल
    क्यों मोदी का कार्यकाल सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में सबसे शर्मनाक दौर है
    09 Dec 2021
    जब कोरोना की दूसरी लहर में उच्च न्यायालयों ने बिल्कुल सही ढंग से सरकार को जवाबदेह बनाने की कोशिश की, तो सुप्रीम कोर्ट ने इस सक्रियता को दबाने की कोशिश की।
  • Sudha Bharadwaj
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    एल्गार परिषद मामला: तीन साल बाद जेल से रिहा हुईं अधिवक्ता-कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज
    09 Dec 2021
    भारद्वाज को 1 दिसंबर को बंबई उच्च न्यायालय ने जमानत दी थी और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत को उन पर लगाई जाने वाली पाबंदियां तय करने का निर्देश दिया था।
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों की ऐतिहासिक जीत: सरकार ने सभी मांगें मानी, 11 दिसंबर से ख़ाली करेंगे मोर्चा!
    09 Dec 2021
    अंततः सरकार अपने हठ से पीछे हटकर किसानों की सभी माँगे मानने को मजबूर हो गई है। सरकार ने किसानों की लगभग सभी माँगें मान ली हैं। इस बाबत कृषि मंत्रालय की तरफ़ से एक पत्र भी जारी कर दिया गया है। किसानों…
  • Sikhs
    जसविंदर सिद्धू
    सिख नेतृत्व को मुसलमानों के ख़िलाफ़ अत्याचार का विरोध करना चाहिए: विशेषज्ञ
    09 Dec 2021
    पंजाब का नागरिक समाज और विभिन्न संगठन मुसलमानों के उत्पीड़न के खिलाफ बेहद मुखर हैं, लेकिन सिख राजनीतिक और धार्मिक नेता चाहें तो और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।
  • Solidarity march
    पीपल्स डिस्पैच
    एकजुट प्रदर्शन ने पाकिस्तान में छात्रों की बढ़ती ताक़त का अहसास दिलाया है
    09 Dec 2021
    एकजुटता प्रदर्शन के लिए वार्षिक स्तर पर निकले जाने वाले जुलूस का आयोजन इस बार 26 नवंबर को किया गया। इसमें छात्र संगठनों पर विश्विद्यालयों में लगे प्रतिबंधों के ख़ात्मे, फ़ीस बढ़ोत्तरी को वापस लेने और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License