NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
झारखंड: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक से की मारपीट, थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए
मुख्यमंत्री ने पुलिस को जांच के आदेश देते हुए अपने ट्वीट में कहा है, कि अमन चैन से रहने वाले झारखंडवासियों के इस राज्य में वैमनस्य की कोई जगह नहीं है।
अनिल अंशुमन
09 Jan 2022
lynching

बीते पांच दिन पहले ही प्रदेश के सिमडेगा में स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ द्वारा एक युवक को जिंदा जलाने की घटना पर मीडिया ने ‘मॉबलिंचिंग’ रिपोर्टिंग में काफी तत्परता दिखाई थी। इस घटना के तीन दिन बाद ही घटनास्थल पर जाकर प्रदेश भाजपा विरोधी दल नेता ने पीड़ित परिवार के इंसाफ का सवाल उठाकर राज्य की सरकार को आड़े हाथों लिया था। विडंबना है कि 7 जनवरी को धनबाद में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा दिनदहाड़े और सरेआम एक मानसिक रूप से अस्थिर मुस्लिम युवा को पीटने, थूक चटवाने और जय श्रीराम का नारा लगवाने वाले मामले में उसी मीडिया का सुर पूरी तरह से बदला हुआ नज़र आया। वहीं भाजपा नेताओं की भूमिका कांड के दोषियों पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर मजबूरन कार्रवाई कर रही पुलिस को ही धमकाने वाली दिख रही है।

7 जनवरी के दिन दोपहर बाद ही सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुए वीडियो ने उस समय सबको चौंका डाला जिसमें भाजपा के कार्यकर्ताओं की भीड़ सरेआम एक मुस्लिम युवक को लात घूंसों से पीटते, थूक चटवाते और जय श्रीराम का नारा लगवाते हुए साफ़ दिख रही है। 

कुछ लोगों ने उस वीडियो को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी टैग कर ट्वीट कर दिया, जिसपर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री का ट्वीट भी खूब वायरल हो गया। इस ट्वीट में उन्होंने घटना पर तुरत संज्ञान लेते हुए धनबाद पुलिस प्रशासन के आला-अधिकारियों को तुरंत मामले पर यथोचित क़दम उठाने का निर्देश दिया था।

बताया जा रहा है कि उस दिन धनबाद शहर के गाँधी चौक पर भाजपा के धनबाद सांसद और स्थानीय विधायक के नेतृत्व में ‘मोदी जी की सुरक्षा चूक’ मामले के विरोध में धरना दिया जा रहा था (प्रशासन के अनुसार इसके लिए कोई इज़ाज़त नहीं ली गयी थी)। दोपहर 12:30 बजे के आसपास नगर के ही वासेपुर निवासी एक अस्थिर मानसिक स्थिति वाले मुस्लिम युवक ने धरने के समीप जाकर मोदी जी समेत भाजपा नेताओं के खिलाफ कुछ अनर्गल बातें कहीं। 

जिसे सुनकर धरना पर बैठे भाजपा कार्यकर्ता आपा खो बैठे और उसे वहीं सड़क पर गालियाँ देते हुए पीटने लगे। कान पकड़कर उठक-बैठक कराई और थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए। उस दौरान वहां मास्क और हेलमेट की जांच कर रहे सभी पुलिस वाले सभी मूक तमाशाई बने रहे।

मीडिया की खबरों के अनुसार स्थानीय सांसद ने उक्त घटना पर कोई अफ़सोस जताने की बजाय उलटे यह सवाल उठाया है कि वह शख्स कार्यक्रम में आया ही क्यों। पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चहिये। मॉबलिंचिंग के प्रयास जैसा कोई मामला नहीं था।

जबकि धनबाद के स्थानीय भजापा विधायक ने उक्त कांड होने की बात को सिर्रे से खारिज करते हुए कहा है कि कुछ लोग बेवजह इसे सांप्रदायिक रंग दे रहें हैं। मुस्लिम युवक द्वारा पूरे हिन्दू धर्म के साथ-साथ प्रधानमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को गाली दिए जाने से उनके कार्यकर्त्ता प्रतिक्रिया में आ गए।

धरना का नेतृत्व कर रहे धनबाद नगर अध्यक्ष ने भी लगभग यही बातें दुहराते हुए दावा किया है कि मॉबलिंचिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई है। बल्कि कार्यक्रम स्थल के पास जुटी भीड़ में से ही कुछ लोगों ने यह सब किया है, इसमें भाजपा का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं है।

मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट निर्देश में यह भी कहा है, कि अमन चैन से रहने वाले झारखंड वासियों के इस राज्य में वैमनस्य की कोई जगह नहीं है। वहीं मासस, सीपीएम और भाकपा माले समेत कांग्रेस व कई सामाजिक संगठनों ने इस कांड की तीखी भर्त्सना की है। सभी ने कांड के समय वहां स्थानीय भाजपा सांसद और विधायक की मौजूदगी में हुई इस घिनौनी वारदात के लिए दोनों नेताओं से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार धनबाद के ही वासेपुर निवासी उक्त मुस्लिम युवक के भाई ने बताया है कि उनका भाई मानसिक रूप से बीमार चल रहा है। रांची स्थित सीआईपी में उसका मानसिक इलाज़ चल रहा है। यदि भीड़-भाड़ वाला इलाका नहीं होता तो उसके भाई के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी।

फिलहाल, मुख्यमंत्री के ट्वीट निर्देश के बाद धनबाद पुलिस ने इस कांड के वायरल हुए वीडियो के साथ-साथ पास की कई दुकानों में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कांड में शामिल 5 भाजपा नेताओं समेत 8-10 लोगों के खिलाफ ‘मॉबलिंचिंग विरोधी कानून’ के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से दो की गिरफ्तारी हुई है और बाकियों के फरार हो जाने के कारण छापेमारी चल रही है।  

अजीब विडंबना है कि दो दिन पहले ही सिमडेगा जिले में संजू प्रधान हत्या कांड के पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे भाजपा विधायक दल के नेता जो वहाँ हुए कांड को जघन्य मॉबलिंचिंग बताकर राज्य की सरकार को कोसते हुए नज़र आये, धनबाद वाले मामले पर पूरी तरह खामोश दिखे। स्थानीय भाजपा विधायक तो इनसे भी एक क़दम आगे बढ़कर मुख्यमंत्री के ट्वीट निर्देश पर मजबूरन सक्रिय हुई धनबाद पुलिस को धमकाते हुए कह रहें हैं- सरकारें तो आती-जाती हैं, पुलिस को किसी पार्टी कार्यकर्ता की तरह से काम नहीं करना चाहिए।

भाजपा के धनबाद सांसद महोदय ने ताज़ा बयान में मॉबलिंचिंग की घटना होने से साफ़ इंकार करते हुए आरोप लगया है कि वहां मौजूद पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की? सीएम के ट्वीट के बाद पुलिस का एक्शन बदला है। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी नेता ने पुलिस पर राजनितिक विद्वेष से काम करने का आरोप लगाया है।

फिलहाल स्थिति है कि हाल के समयों में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी ‘भीड़ हिंसा’ कांड के बाद उसमें शामिल भाजपा नेता-कार्यकर्त्ता अपने-अपने घरों से फरार नज़र आ रहें हैं।इन्हें बचाने के लिए पार्टी के सांसद-विधायक से लेकर सभी नेतागण ‘मजबूरन’ हो रही पुलिस कारवाई को कोस रहें हैं। एक खबर यह भी है कि भाजपा आला नेताओं की पहल पर मामले को रफा दफा करने के लिए पीड़ित और उसके परिजनों के साथ ‘समझौता-सुलह’ की कोशिश की जा रही है।

Jharkhand government
Jharkhand
Lynching
BJP
Hemant Soren
Muslims

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं

मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर


बाकी खबरें

  • भाकपा माले
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तालिबान के लिए अमेरिका जिम्मेदार, हम अफगानी जनता के साथ खड़े हैं- भाकपा माले
    19 Aug 2021
    अफगानिस्तान में 1996 से 2001 तक के तालिबानी शासन का अनुभव, और उसकी घोर प्रतिगामी व तानाशाही क़िस्म की विचारधारा व राजनीति, पूरी दुनिया में अफगानिस्तान के भविष्य को लेकर गहरी आशंका पैदा कर रही है
  • 'नई संसद में नए संविधान के साथ प्रवेश की मांग देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान का अनादर'
    सबरंग इंडिया
    'नई संसद में नए संविधान के साथ प्रवेश की मांग देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान का अनादर'
    19 Aug 2021
    जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर व अमर उजाला पर सहारनपुर में परिवाद दर्ज
  • केरल की वाम सरकार ने महामारी के दौरान ग़रीबों के हित में सही फ़ैसला लिया
    अज़हर मोइदीन
    केरल की वाम सरकार ने महामारी के दौरान ग़रीबों के हित में सही फ़ैसला लिया
    19 Aug 2021
    केरल में कोई भूखा ना रहे, इसके लिए पिनरायी विजयन सरकार फ़ूड किट और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण कर रही है।
  • अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम पर विचार – भाग दो 
    एम. के. भद्रकुमार
    अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम पर विचार – भाग दो 
    19 Aug 2021
    अफ़ग़ानिस्तान में एक संक्रमणकालीन सरकार बनाने के लिए तात्कालिक प्रयास किए जा रहे हैं। तालिबान एक व्यापक आधार वाली प्रतिनिधि व्यवस्था के प्रति उत्तरदायी दिखाई दे रहा है।
  • कोल इंडिया के चेयरमैन ने यूनियन से कहा, कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेतनवृद्धि देना मुश्किल
    भाषा
    कोल इंडिया के चेयरमैन ने यूनियन से कहा, कर्मचारियों को 50 प्रतिशत वेतनवृद्धि देना मुश्किल
    19 Aug 2021
    कर्मचारी यूनियनों ने कोल इंडिया प्रबंधन को अपना मांग पत्र दिया है जिसमें पांच साल के अवधि के दौरान वेतन में कम से कम 50 प्रतिशत वृद्धि की मांग शामिल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License