NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
सस्ती शिक्षा के लिए छात्रों का देशव्यापी प्रदर्शन, दिल्ली के कनॉट प्लेस में बनाई मानव श्रृंखला
इस प्रदर्शन में एम्स और आइआइटी के छात्रों ने भी अपनी भागीदारी की, सभी ने लगातार महंगी होती शिक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की और सबके लिए अच्छी और सस्ती शिक्षा की मांग की।
मुकुंद झा
27 Nov 2019
jnu feee hike

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी और ड्राफ्ट न्यू एजुकेशन पॉलिसी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन जारी है। छात्रों ने बुधवार को देशव्यापी प्रदर्शन का आवाह्न किया था। इसी के तहत दिल्ली के दिल कहें जाने वाले कनॉट प्लेस में छात्र मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

इस प्रदर्शन में जेएनयू ,डीयू,एम्स सहित कई अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र शामिल हुए। इन सभी छात्रों ने राजीव चौक मेट्रो के गेट नंबर-5 पर एकत्रित होकर सेन्ट्रल पार्क के साथ बने इनर सर्किल में मानव श्रृंखला बनाई। 'एजुकेशन फॉर ऑल फी मस्ट फॉल' के नारों के साथ ही शिक्षा के निजीकरण,फीस वृद्धि,शिक्षा के बजट में कटौती को लेकर लिखे नारों की तख्तियों के साथ छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे।

इसी बीच दो चार लोग जो खुद को आम नागरिक कह रहे थे उन्होंने जेएनयू और वहां के छात्रों के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए जैसे-ठोक के देंगें आज़ादी,उमर को दे दी आज़ादी,कश्मीर को दे दी आज़ादी,तुमको भी देंगे आज़ादी। लेकिन पुलिस ने उन्हें कुछ ही देर बाद वहां से हटा दिया।

जेएनयू के एक छात्र ने कहा वो हमारे नहीं बल्कि खुद के भविष्य के खिलाफ़ बोल रहे हैं लेकिन हम उनके भी अच्छे के लिए भी लड़ेंगे।

हसन जो जेएनयू में रशियन भाषा के छात्र हैं और वो विकलांग भी हैं वो दिल्ली पुलिस के उस बयान के बाद भी प्रदर्शन में आए थे जिसमे एक जवान ने शशिभूषण से कहा था अंधा है तो प्रदर्शन में क्यों आया है। हसन ने कहा कि वो यहां पुरानी फीस और हॉस्टल व्यवस्था की वापसी के लिए आया हैं क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें अपनी आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी।

उन्होंने प्रशासन द्वारा की जा रही आंशिक कमी को लेकर कहा कि हमें दया नहीं अधिकार चाहिए। देश के टैक्स के पैसे पर नेता मौज करे लेकिन हम पढ़ाई भी न करे!

ऐसे कई छात्र हमें मिले, कई दृष्टिबाधित छात्र भी इस प्रदर्शन ने शामिल हुए थे। सभी जोश भरे स्वर में नारे लगा रहे थे-यह वृद्धि वापस करना होगा, वरना रोज़ धरना होगा।

अमन जो इसी वर्ष जेएनयू में आए है वो भी विकलांग हैं।उन्होंने भी कहा कि संपूर्ण फीस वृद्धि वापस हो, जब नेताओं की हवाई यात्रा,घर,गाड़ी इत्यादि फ्री हो सकती है तो शिक्षा फ्री क्यों नहीं हो सकती?

इस प्रदर्शन में एम्स और आइआइटी के छात्रों ने भी अपनी भागीदारी की, सभी ने लगातार महंगी होती शिक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की और सबके लिए अच्छी और सस्ती शिक्षा की मांग की।

एम्स छात्रसंघ के अध्यक्ष मुकुल ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सभी लोगों का  अधिकार होना चाहिए। देश के सभी लोगों को गुड़वत्ता पूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य मिले यही लड़ाई जेएनयू लड़ रहा है इसलिए हम उनके साथ हैं।

दिल्ली एसएफआई के राज्य अध्यक्ष सुमित कटारिया ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि यह लड़ाई जेएनयू की नही पूरे देश की है और पूरे देश का छात्र इसको लेकर लड़ रहा है। जेएनयू ने उस आंदोलन को और तेज़ करने का काम किया है जिसे उत्तराखंड,हिमाचल,गुजरात और दिल्ली विश्वविद्यालय सहित देश के तमाम छात्र लंबे समय से लड़ रहे हैं।

हालांकि छात्रों के आंदोलन के बढ़ते दायरे को देखते हुए और इस आंदोलन को शांत करने के लिए जेएनयू प्रशासन ने फीस में आंशिक कमी का फैसला लिया है।

फीस वृद्धि को लेकर बढ़ते बवाल के बाद जेएनयू ने रविवार को एक हाई लेवल कमेटी बनाई जिसने सभी छात्रों के लिए बढ़ी हुई फीस में 50 फीसदी की कटौती का फैसला लिया है। वहीं गरीबी रेखा से नीचे के छात्रों को फीस बढ़ोतरी में 75 फीसदी की छूट दी गई है।

लेकिन इस रियायत से भी जेएनयू छात्र संतुष्ट नहीं है और उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष पूर्ण फीस वापसी का है, हम यहां मोल भाव करने नहीं आए हैं।

जेएनयू प्रशासन के इस कदम की वहाँ के शिक्षक और कर्मचारी संघ ने भी आलोचना कि और प्रशासन से मांग की है कि वे जल्द से जल्द बढ़ी हुई फीस को वापस लें।जेएनयू छात्रसंघ ने कड़ी आपत्ति करते हुए कहा कि ये  'बचकानी हरकत' करना बन्द करें और छात्रों के धैर्य की परीक्षा ना लें। जेएनयूएसयू की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है- "प्रशासन को ऐसी बचकानी हरकतें करने और हमारे धैर्य को परखने से पहले दो बार सोचने की जरूरत है"।

जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा कि जेएनयू प्रशासन हमारे साथ सौदा कर रही है लेकिन हमारा यह संघर्ष संपूर्ण फीस वापसी कराकर रहेगा ।आगे वो कहती हैं कि ये सरकार के लिए भी चेतावनी है कि वो शिक्षा और छात्र विरोधी काम करना बन्द करे, अन्यथा पूरा देश सड़कों पर होगा।

 

JNU
JNUSU
Fee Hike
all india protest
human chain
Delhi
du
aimis
IIT

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए


बाकी खबरें

  • punjab
    रवि कौशल
    पंजाब चुनाव: पार्टियां दलित वोट तो चाहती हैं, लेकिन उनके मुद्दों पर चर्चा करने से बचती हैं
    12 Feb 2022
    दलित, राज्य की आबादी का 32 प्रतिशत है, जो जट्ट (25 प्रतिशत) आबादी से अधिक है। फिर भी, राजनीतिक दल उनके मुद्दों पर ठीक से चर्चा नहीं करते हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से कमज़ोर, सामाजिक रूप से उत्पीड़ित…
  • union budget
    बी. सिवरामन
    केंद्रीय बजट 2022-23 में पूंजीगत खर्च बढ़ाने के पीछे का सच
    12 Feb 2022
    क्या पूंजीगत खर्च बढ़ने से मांग और रोजगार में वृद्धि होती है?
  • Rana Ayyub
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    जनता के पैसे का इस्तेमाल ख़ुद के लिए नहीं किया : राना अय्यूब
    12 Feb 2022
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बयान जारी करते हुए अय्यूब ने कहा कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग के अधिकारियों को ‘‘स्पष्ट रूप से दिखाया’’ है कि ‘‘राहत अभियान के धन का कोई भी हिस्सा…
  • sc and yogi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सुप्रीम कोर्ट की यूपी सरकार को चेतावनी; सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ वसूली नोटिस वापस लें या हम इसे रद्द कर देंगे
    12 Feb 2022
    शीर्ष अदालत ने कहा कि दिसंबर 2019 में शुरू की गई यह कार्यवाही उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिपादित कानून के खिलाफ है और इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 50 हज़ार नए मामले सामने आए 
    12 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 50,407 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 25 लाख 86 हज़ार 544 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License