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भारत
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जोधपुर में 2 परिवारों के बीच मारपीट का वीडियो हिंदू-मुस्लिम ऐंगल के साथ हुआ वायरल
राजस्थान का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. वीडियो में काफी हिंसा है. कई लोग डंडों से एक व्यक्ति को पीटते हुए दिख रहे है. जिस व्यक्ति को पीटा जा रहा है, उसके बदन से खून बह रहा है. दावा है कि पीटने वाले लोग मुसलमान हैं जिन्हें कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में गिरफ़्तारी का कोई डर नहीं है.
प्रियंका झा
23 Sep 2021
fact check

राजस्थान का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. वीडियो में काफी हिंसा है. कई लोग डंडों से एक व्यक्ति को पीटते हुए दिख रहे है. जिस व्यक्ति को पीटा जा रहा है, उसके बदन से खून बह रहा है. दावा है कि पीटने वाले लोग मुसलमान हैं जिन्हें कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में गिरफ़्तारी का कोई डर नहीं है.

एक ट्विटर यूज़र ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “राजस्थान में एक निर्दोष हिन्दू योगेश जाटव की राशीद और उसके साथियों ने पिंट पिंट कर हत्या कर दी लिंचिंग कांग्रेस शासित राज्य में हुई है, मरने वाला हिन्दू और मारने वाला शान्तिदूत इस लिए सन्नाटा.”

रमेश सोलंकी नाम के एक वेरिफ़ाइड ट्विटर यूज़र ने भी इस दावे वाले एक ट्वीट को कोट ट्वीट करते हुए राजस्थान सरकार के कई मंत्रियों को टैग किया. बताया जा रहा है कि घटना के 5 दिन बाद भी किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई.

 

कई लोगों ने फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये वीडियो शेयर किया और दावा किया कि मारने वाले लोग मुस्लिम समुदाय के हैं. ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर पर भी इस वीडियो की सच्चाई पता करने की कई रिक्वेस्ट मिलीं.

फ़ैक्ट-चेक

इस मामले की जानकारी के लिए हमने की-वर्ड्स सर्च किया और हमें कुछ रिपोर्ट्स मिलीं जिनके मुताबिक पीड़ित और आरोपी एक ही समुदाय के थे. दैनिक भास्कर की 19 सितम्बर की रिपोर्ट के मुताबिक, ” महामंदिर थाना क्षेत्र के खटीकों का मोहल्ला मानसागर शिवपुरी में 19 तारिक को आपसी रंजिश के चलते दो परिवार आमने-सामने हो गए. लाठियों व सरियों से किए गए हमले में पांच लोग घायल हो गए.” इस रिपोर्ट में कुछ तस्वीरें भी हैं जो शेयर किए जा रहे वीडियो के विज़ुअल से मेल खाती हैं.

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि लाठियों सेे किए गए हमले में अजय, कंचन, शांति, कैलाश एवं कमलेश घायल हो गए. मामले की जानकारी होने पर पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया जिनके नाम हैं, मनोहरलाल, रविंद्र खींची, भरत, विशाल, संतोष, विकास, घनश्याम, देवीलाल, भवानी व पुखराज. यानी, दोनों ही पक्ष हिन्दू समुदाय से हैं.

इस घटना की रिपोर्ट पत्रिका, नवभारत टाइम्स ने भी दी. किसी भी रिपोर्ट में इसे सांप्रदायिक मामला नहीं बताया गया है.

थानाधिकारी लेखराज सिहाग ने पत्रिका को बताया, “महामंदिर दूसरी पोल के बाहर मानसागर खटीकों के मोहल्ले में परिवार के दो पक्षों के बीच रंजिश है. अनंत चतुदर्शी के उपलक्ष में शनिवार रात मोहल्ले में जागरण था, जहां विरोधी पक्ष का युवक जा पहुंचा और विवाद करने लगा. जिससे वहां झगड़ा हो गया. बाद में वह युवक चला गया. इसको लेकर रविवार दोपहर एक पक्ष के सात-आठ युवक तलवार, लोहे के पाइप, सरिए आदि से लैस होकर आए और झालरा बेरा के पास खड़े अजय पुत्र कैलाश खटीक पर हमला कर दिया. उसके मामा कमलेश ने बीच-बचाव किया. इस पर हमलावर कमलेश पर टूट पड़े. तलवार, लोहे के पाइप व सरियों से अंधाधुंध वार किए. जिससे उसका सिर फट गया और वहीं पर गिर गया.”

ऑल्ट न्यूज़ ने महामंदिर थाने से संपर्क किया. पुलिस ने बताया, “इस घटना में हिन्दू-मुस्लिम ऐंगल नहीं था. ये दो परिवारों के आपसी रंज़िश का मामला था. सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ किया जा रहा दावा बिलकुल ग़लत है.”

इस तरह ये स्पष्ट है कि घटना को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. दो हिन्दू परिवारों के बीच लड़ाई के वीडियो को मुस्लिमों पर निशाना साधते हुए शेयर किया गया.

साभार : ऑल्ट न्यूज़ 

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