NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिग्गज पत्रकार सी राघवाचारी का निधन
राघवाचारी एक श्रेष्ठ वक्ता और लेखक थे। उन्होंने वर्ष 1972 से लगभग 30 वर्ष से भी अधिक समय तक तेलुगू दैनिक ‘विशालआंध्र’ का संपादन किया।
भाषा
28 Oct 2019
 C. Raghavachari
फोटो साभार : The Hindu

अमरावती : दिग्गज पत्रकार सी राघवाचारी का सोमवार सुबह निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। 

राघवाचारी ने वर्ष 1972 से लगभग 30 वर्ष से भी अधिक समय तक तेलुगू दैनिक ‘विशालआंध्र’ का संपादन किया था।

वारंगल जिले (वर्तमान में तेलंगाना राज्य में) के निवासी राघवाचारी ने विद्यार्थी के रूप में अपना करियर भाकपा (सीपीआई) के एआईएसएफ के छात्रनेता के रूप में शुरू किया और इसके राज्य अध्यक्ष के तौर पर कार्य किया।

वह एक श्रेष्ठ वक्ता और लेखक थे। बाद में वह भाकपा द्वारा संचालित अखबार ‘विशालआंध्र’ में पत्रकार के रूप में जुड़ गए।

बहुत ही कम समय में उन्होंने इसके संपादक का पदभार संभाल लिया और 32 वर्षों तक पदासीन रहे।

विनीत और नम्र व्यक्तित्व वाले राघवाचारी विभिन्न क्षेत्रों में अपने विस्तृत ज्ञान और अपने विशेष संपादकीय के लिए जाने जाते थे।

वह कुछ समय से उम्रसंबंधी समस्यायों से ग्रस्त थे और पिछले हफ्ते से वह हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे।

भाकपा के एक सूत्र ने बताया कि अस्पताल में सोमवार तड़के उनका निधन हो गया।

उनका पार्थिव शरीर विजयवाड़ा ले जाया गया। वह पिछले चालीस वर्षों से विजयवाड़ा में रह रहे थे।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी, टीडीपी अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडु, जनसेना अध्यक्ष पवन कल्याण, प्रदेश के सूचना और जनसंपर्क मंत्री पर्णी वेंकटरमैया और अनेक अन्य राजनेताओं ने राघवाचारी के निधन पर शोक व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने शोक संदेश में लिखा, “ राघवाचारी मूल्य आधारित पत्रकारिता में विश्वास रखते थे और उनका लेखन इसका प्रत्यक्ष प्रमाण था।

वह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत थे।”

नायडु ने कहा कि राघवाचारी एक ईमानदारी से अपना काम किया और वे एक अनुकरणीय पत्रकार थे। 

C. Raghavachari
journalist
CPIM
CPI

Related Stories

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

जम्मू-कश्मीर: अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में महत्वपूर्ण रमज़ान की नमाज़ को रोक दिया


बाकी खबरें

  • तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : मथुरा की जनता ने कहा मंदिर के नाम पर भंग हो रही सांप्रदायिक शांति
    19 Jan 2022
    कई स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई मुद्दा नहीं है, हम इसे चुनावी मुद्दा नहीं बनने देंगे।
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2.82 लाख से ज़्यादा नए मामले, 441 मरीज़ों की मौत
    19 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 4.83 फ़ीसदी यानी 18 लाख 31 हज़ार हो गयी है।
  • यूपीः योगी सरकार में मनरेगा मज़दूर रहे बेहाल
    एम.ओबैद
    यूपीः योगी सरकार में मनरेगा मज़दूर रहे बेहाल
    19 Jan 2022
    प्रदेश में काम न मिलने के अलावा मनरेगा से जुड़े मज़दूरों को समय पर भुगतान में देरी का मामला अक्सर सामने आता रहता है। बागपत में इस योजना के तहत काम कर चुके मज़दूर पिछले दो महीने से मज़दूरी के लिए तरस…
  •  Memorial
    विक्रम सिंह
    1982 की गौरवशाली संयुक्त हड़ताल के 40 वर्ष: वर्तमान में मेहनतकश वर्ग की एकता का महत्व
    19 Jan 2022
    19 जनवरी, 1982 के दिन आज़ाद भारत के इतिहास में शायद पहली बार ऐसी संयुक्त हड़ताल का आयोजन किया गया था जो न केवल पूरी तरह से सफल रही बल्कि इसकी सफलता ने भविष्य में मजदूरों और किसानों की एकता कायम करते…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बर ; कश्मीर से UP: सियासत की बिछी बिसात, फ़रेब का खेल
    18 Jan 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने कश्मीर प्रेस क्लब को साजिशाना ढंग से बंद करने और उत्तर प्रदेश में बिछी सियासत की बिसात पर की चर्चा। कार्यक्रम में उन्होंने कश्मीर के पत्रकार अनीस ज़रगर और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License