NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईजिप्ट : पत्रकार बासमा मुस्तफ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद ज़मानत पर रिहा
मुस्तफ़ा को रविवार को उस वक़्त गिरफ़्तार किया गया था जब वह देश के दक्षिण में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी की हत्या की ख़बर को कवर करने जा रही थीं।
पीपल्स डिस्पैच
07 Oct 2020
Basma mostafa

मिस्र के अधिकारियों ने मंगलवार 6 अक्टूबर की देर रात दक्षिणी मिस्र के लक्सर शहर में रविवार को हिरासत में लिए गए पत्रकार बासमा मुस्तफा को रिहा कर दिया। मिस्र की मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि मुस्तफा को 2000 मिस्री पाउंड की ज़मानत और सरकारी अभियोजन पक्ष ने आतंकवादी संगठन का सदस्य होने सहित उनके ख़िलाफ़ लगाए गए कई आरोपों के संबंध में पत्रकार से पूछताछ के अपने पहले दौर को समाप्त करने के बाद रिहा किया गया था।

पत्रकार की रिहाई भी मानवाधिकारों और प्रेस स्वतंत्रता संगठनों की ओर से बढ़ रही अंतरराष्ट्रीय आलोचना के मद्देनजर हुई है जिसने उनकी गिरफ्तारी और गुमसुदगी को लेकर कड़ी निंदा की थी। उन्होंने हाल के दिनों में पत्रकारों,मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के राज्य दमन की इसी तरह की घटनाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।

अपने बयान में सरकारी अभियोजन पक्ष ने कहा कि "प्रोसिक्योटर-जनरल ने प्रतिवादी बासमा मुस्तफा को उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को लेकर पूछताछ के बाद रिहा करने का आदेश दिया है।" बयान में कहा गया है कि मुस्तफा पर "अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल झूठी खबरों को प्रकाशित करने और प्रचार करने का" आरोप लगया गया। आगे कहा कि उनके ख़िलाफ़ जांच जारी रहेगी। अपनी तरफ से मुस्तफा ने अपने ख़िलाफ़ लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि वह विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों के लिए एक रिपोर्टर के रूप में काम करती हैं और यह ईमानदारी से और सटीक रूप से विषयों को कवर करने और मिस्र के समाज को प्रभावित करने वाले मुद्दों और देश में सार्वजनिक राय के लिए उनके पेशेवर कर्तव्यों का हिस्सा है।

मुस्तफा को शनिवार 3 अक्टूबर को लक्सर शहर में ट्रेन स्टेशन के पास से हिरासत में लिया गया और गायब कर दिया गया और अगली सुबह राज्य सुरक्षा अभियोजन के समक्ष पेश किया गया। मुस्तफा ने भ्रष्टाचार, कुशासन और अन्य मुद्दों के ख़िलाफ़ चल रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मिस्र के सुरक्षा बलों के हाथों एक नागरिक प्रदर्शनकारी की कथित हत्या को कवर करने के इरादे से लक्सर गई थीं। इसके बाद, सरकारी अभियोजन पक्ष ने मुस्तफा को 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया और आरोपों की जांच लंबित कर दी।

 

egypt
Basma Mostafa
journalists in egypt
press freedom in egypt

Related Stories

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

इजिप्ट : राजनीतिक क़ैदियों के समर्थन में मशहूर हस्तियों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

इजिप्ट की संसद ने आतंकवादी समूहों से कथित संबंधों वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्ख़ास्त करने के लिए क़ानून पारित किया

इतिहासकार की हिरासत को लेकर व्यापक आलोचना के बाद इजिप्ट ने ज़मानत पर रिहा किया

ईजिप्ट की आयरन एंड स्टील कंपनी बेचने का विरोध करने पर कर्मचारियों से सख़्ती

युद्धविराम की घोषणा के बाद गाज़ा में इज़रायली हमले समाप्त

ईजिप्ट : पुलिस स्टेशन पर 2013 के हमले के मामले में एक ही दिन में 17 लोगों को फांसी

मिस्र में मानवाधिकार उल्लंघन के रिकॉर्ड को देख अधिकार संगठनों का अमरीका से उसकी सैन्य सहायता रोकने का आह्वान

ईजिप्ट के मशहूर पत्रकार ख़ालिद दाऊद 18 महीने की हिरासत के बाद रिहा

जॉर्डन में तख़्तापलट की कोशिशों ने छोड़े सबूत


बाकी खबरें

  • विकास भदौरिया
    एक्सप्लेनर: क्या है संविधान का अनुच्छेद 142, उसके दायरे और सीमाएं, जिसके तहत पेरारिवलन रिहा हुआ
    20 May 2022
    “प्राकृतिक न्याय सभी कानून से ऊपर है, और सर्वोच्च न्यायालय भी कानून से ऊपर रहना चाहिये ताकि उसे कोई भी आदेश पारित करने का पूरा अधिकार हो जिसे वह न्यायसंगत मानता है।”
  • रवि शंकर दुबे
    27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?
    20 May 2022
    सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान अंतरिम ज़मानत मिलने पर जेल से रिहा हो गए हैं। अब देखना होगा कि उनकी राजनीतिक पारी किस ओर बढ़ती है।
  • डी डब्ल्यू स्टाफ़
    क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?
    20 May 2022
    श्रीलंका की तरह बांग्लादेश ने भी बेहद ख़र्चीली योजनाओं को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर विदेशी क़र्ज़ लिए हैं, जिनसे मुनाफ़ा ना के बराबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका में जारी आर्थिक उथल-पुथल…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...
    20 May 2022
    आज देश के सामने सबसे बड़ी समस्याएं महंगाई और बेरोज़गारी है। और सत्तारूढ़ दल भाजपा और उसके पितृ संगठन आरएसएस पर सबसे ज़्यादा गैर ज़रूरी और सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देने का आरोप है, लेकिन…
  • राज वाल्मीकि
    मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?
    20 May 2022
    अभी 11 से 17 मई 2022 तक का सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का “हमें मारना बंद करो” #StopKillingUs का दिल्ली कैंपेन संपन्न हुआ। अब ये कैंपेन 18 मई से उत्तराखंड में शुरू हो गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License