NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
घटना-दुर्घटना
समाज
भारत
राजनीति
#JusticeForDrPayal : बेटी के इंसाफ के लिए माता-पिता का मुंबई में अस्पताल के बाहर प्रदर्शन
जातीय उत्पीड़न से तंग आकर खुदकुशी करने वाली डॉ. पायल तड़वी के माता-पिता ने मुंबई में उस सरकारी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया जहां वह काम करती थी। इधर दिल्ली में उनके लिए कैंडिल मार्च निकाला जा रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 May 2019
Payal

अपनी सीनियर्स की ओर से किए जा रहे कथित जातीय उत्पीड़न से तंग आकर खुदकुशी करने वाली  डॉ. पायल तड़वी को इंसाफ की मांग को लेकर देशभर में आवाज़ें उठ रही हैं। आज मंगलवार को पायल के माता-पिता ने मुंबई में उस सरकारी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया जहां वह काम करती थी।

अन्य प्रदर्शनकारी भी तड़वी की मां आबिदा और पति सलमान के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए और तीन वरिष्ठों के खिलाफ “कड़ी कार्रवाई” की मांग की जिन्होंने कथित तौर पर “रैगिंग और जातीय टिप्पणियां कर उसे प्रताड़ित किया” और यह कदम उठाने के लिये बाध्य किया।

प्रदर्शनकारी वंचित बहुजन अगाड़ी से और दूसरे दलित और जनजातीय संगठनों से संबद्ध हैं और वे तड़वी की मौत को लेकर बीवाईएल नायर हॉस्पीटल के बाहर प्रदर्शन किया।

सलमान ने कहा, “हम चाहते हैं कि सरकार हस्तक्षेप करे। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। यह संभव है कि पायल की हत्या तीन महिला चिकित्सकों द्वारा की गई हो।”

प्रदर्शनकारियों और तड़वी के परिजनों के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हुए भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर “हमारी छोटी बहन के लिये न्याय की लड़ाई में” जरूरत हुई तो वह भी महाराष्ट्र का दौरा करेंगे।

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया और अस्पताल अधिकारियों को नोटिस जारी कर आठ दिन के अंदर यह बताने को कहा है कि उन्होंने रैगिंग विरोधी कानून को लागू करने के लिये क्या कदम उठाए।

तड़वी को खुदकुशी के लिये उकसाने की आरोपी तीन महिला चिकित्सकों ने मामले में “निष्पक्ष जांच” की मांग की है।

महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) को लिखे एक खत में आरोपी डॉक्टर अंकिता खंडेलवाल, हेमा आहूजा और भक्ति मेहारे ने कहा कि वे चाहती हैं कि कॉलेज इस मामले में निष्पक्ष जांच करे और उन्हें “न्याय दे”।

तीनों चिकित्सकों ने पत्र में कहा, “पुलिस बल और मीडिया के दबाव में जांच करने का यह तरीका नहीं है जिसमें हमारा पक्ष नहीं सुना जा रहा।’’

एमएआरडी ने तीनों चिकित्सकों को निलंबित कर दिया है।

एमएआरडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारे पास पुख्ता जानकारी है कि तीनों चिकित्सकों ने डॉ. पायल तड़वी के खिलाफ जातिगत टिप्पणियां कीं। हम इस मामले में आगे की जांच के लिये पुलिस का सहयोग करेंगे।

एमआरडी के महासचिव डॉ. दीपक मुंडे ने आईएएनएस से कहा, "यह महाराष्ट्र में पहली बार हुआ है कि किसी परास्नातक मेडिकल छात्रा ने जाति के आधार पर कथित उत्पीड़न के बाद अपनी जिंदगी को समाप्त करने का फैसला किया है।"

मुंडे ने कहा, "बीते तीन-चार वर्षो के दौरान हमने आरक्षित वर्ग से आने वाले छात्रों के लिए ऐसी टिप्पणियों में वृद्धि देखी है जोकि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"

26 वर्षीय डॉ. पायल तड़वी ने 22 मई को खुदकुशी कर ली थी। उनके परिवार का आरोप है कि चिकित्सकों ने उसके अनुसूचित जनजाति का होने को लेकर प्रताड़ित किया था।

dr payal thumbnail.jpg

जलगांव के मुस्लिम जनजातीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली डॉ. तडवी ऑब्स्टेट्रिक्स और गायनाकॉलोजी की दूसरी वर्ष की परास्नतक की छात्रा थीं और गढ़चिरौली के जनजातीय इलाकों में सेवा दे चुकी थीं।

उनकी खुदकुशी के बाद ‘जस्टिस फॉर पायल’ के नाम से इंसाफ दिलाने के लिए ज़मीन पर और सोशल मीडिया पर मुहिम शुरू हो गई है। 

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और अन्य छात्र संगठनों ने इस मामले में विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन किया और मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने कई शहरों और मुंबई में बी.वाई.एल. नायर अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किए।

दिल्ली में भी डॉ. पायल को इंसाफ के लिए मंगलवार को छात्र व अन्य लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। यह कैंडिल लाइट प्रदर्शन पहले महाराष्ट्र भवन के बाहर होना था लेकिन पुलिस की अनुमति नहीं मिलने पर  दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट्स फैकल्टी में किया जा रहा है।

(समाचार एजेंसी भाषा और आईएएनएस के इनपुट के साथ)

इसे भी पढ़ें : रोहित वेमुला से लेकर डॉ. पायल तक : जातीय शोषण की अंतहीन कथा

dr payal
payal tadvi
youth issues
Dalit atrocities
Caste Atrocities
Adivasis in India
doctors strike
Protests
SFI Protest
SFI
Mumbai

Related Stories

हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

नोएडा : प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर ठगी का आरोप, सीटू-डीवाईएफ़आई ने किया प्रदर्शन

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

सूडान में तख्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन जारी, 3 महीने में 76 प्रदर्शनकारियों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • एपी
    क्रिस रॉक को थप्पड़ मारने को लेकर ऑस्कर ने विल स्मिथ पर 10 साल का प्रतिबंध लगाया
    09 Apr 2022
    स्मिथ की हरकत पर अकादमी के ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ की बैठक के बाद यह फैसला किया गया है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें भविष्य में इन पुरस्कारों के लिए नामित किया जाएगा या नहीं।
  • kashmiri student
    नासीर ख़ुएहामी
    घोर ग़रीबी के चलते ज़मानत नहीं करा पाने के कारण कश्मीरी छात्र आगरा जेल में रहने के लिए मजबूर
    09 Apr 2022
    विश्वास की कमी और वित्तीय दबाव उन परिवारों के रास्ते में आड़े आ रहे हैं, जिनके बच्चों को क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान के हाथों भारत की शिकस्त के बाद जेल में डाल दिया गया था, हालांकि उन्हें ज़मानत…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फरीदाबाद : आवास के मामले में सैकड़ों मजदूर परिवारों को हाईकोर्ट से मिली राहत
    09 Apr 2022
    पिछले कुछ सालों में दिल्ली एनसीआर और उसके पास के क्षेत्रों में सरकारों ने बड़ी तेज़ी से मज़दूर बस्तियों को उजाड़ना शुरू किया। ख़ासकर कोरोना काल में सरकार ने बड़े ही चुपचाप तरीके से अपने इस अभियान को चलाया…
  • गुरसिमरन बख्शी
    मांस खाने का राजनीतिकरण करना क्या संवैधानिक रूप से सही है?
    09 Apr 2022
    मांस पर प्रतिबंध लगाना, किसी भी किस्म के व्यापार करने के मामले में मौलिक अधिकार का उल्लंघन कहलाता है और किसी वैधानिक क़ानून के समर्थन के अभाव में, यह संवैधानिक जनादेश के मामले में कम प्रभावी हो जाता…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,150 नए मामले, 83 मरीज़ों की मौत
    09 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 25 लाख 1 हजार 196 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License