NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
कैफे कॉफी डे के संस्थापक सिद्धार्थ लापता 
एक कारोबारी के तौर पर मैं विफल रहा। उम्मीद है कि एक दिन आप समझेंगे, मुझे माफ कर दीजिए। हमारी संपत्तियों और उनकी संभावित वैल्यू की लिस्ट अटैच कर रहा हूं। हमारी संपत्तियां हमारी देनदारियों से ज्यादा हैं। इनसे सभी का बकाया चुका सकते हैं।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Jul 2019
image courtesy: DainikBhaskar.com

कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के फाउंडर सिद्धार्थ (58) सोमवार रात से लापता हैं। ये  कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद हैं। अख़बारों में छपी जानकारी के अनुसार  ड्राइवर ने बताया कि सिद्धार्थ उलाल शहर में स्थित पुल तक घूमने के लिए आए थे। वहां उन्होंने कार रुकवाई और पैदल ही निकल गए। मैं उनका इंतजार कर रहा था। 90 मिनट तक वापस नहीं आए तो पुलिस को सूचना दी। ड्राइवर के बयान से पुलिस को अंदेशा है कि सिद्धार्थ नदी में कूद गए होंगे। इस आधार पर पुलिस सर्च ऑपरेशन में जुटी है। 25 तैराकों समेत 200 लोग सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। भारतीय कोस्ट गार्ड के जहाज आईसीजीएस राजदूत और एसीवी (एच-198) भी सर्च ऑपरेशन में शामिल हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी और कई अन्य नेता सिद्धार्थ के बारे में जानकारी लेने के लिए एसएम कृष्णा के घर पहुंचे।

इस बीच सिद्धार्थ का 27 जुलाई को कंपनी के नाम लिखा पत्र सामने आया है। इसमें कर्जदाताओं और प्राइवेट इक्विटी पार्टनर के दबाव का जिक्र है। उन्होंने लिखा था कि बतौर व्यवसायी नाकाम रहा।
--
पत्र में सिद्धार्थ ने लिखा, ‘‘बेहतर प्रयासों के बावजूद मैं मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयार करने में नाकाम रहा। मैंने लंबे समय तक संघर्ष किया लेकिन अब और दबाव नहीं झेल सकता। एक प्राइवेट इक्विटी पार्टनर 6 महीने पुराने ट्रांजेक्शन से जुड़े मामले में शेयर बायबैक करने का दबाव बना रहा है। मैंने दोस्त से बड़ी रकम उधार लेकर ट्रांजेक्शन का एक हिस्सा पूरा किया था। दूसरे कर्जदाताओं द्वारा भारी दबाव की वजह से मैं टूट चुका हूं।"

‘‘मेरी विनती है कि आप सभी मजबूती से नए मैनेजमेंट के साथ बिजनेस को आगे बढ़ाते रहें। सभी गलतियों के लिए मैं जिम्मेदार हूं। सभी वित्तीय लेन-देनों के लिए मैं जिम्मेदार हूं। मेरी टीम, ऑडिटर्स और सीनियर मैनेजमेंट को मेरे व्यापारिक लेन - देन के बारे में जानकारी नहीं है। कानून को सिर्फ मुझे जिम्मेदार ठहराना चाहिए। मैंने परिवार या किसी अन्य को इस बारे में नहीं बताया।’’ 

‘‘मेरा इरादा किसी को गुमराह या धोखा देने का नहीं था। एक कारोबारी के तौर पर मैं विफल रहा। उम्मीद है कि एक दिन आप समझेंगे, मुझे माफ कर दीजिए। हमारी संपत्तियों और उनकी संभावित वैल्यू की लिस्ट अटैच कर रहा हूं। हमारी संपत्तियां हमारी देनदारियों से ज्यादा हैं। इनसे सभी का बकाया चुका सकते हैं।’’

सिद्धार्थ ने पिछले महीने आईटी कंपनी माइंडट्री में अपनी पूरी हिस्सेदारी लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) को 3,000 करोड़ रुपए में बेची थी। इससे पहले वे 21% होल्डिंग के साथ माइंडट्री के सबसे बड़े शेयरधारक थे। कॉफी के बिजनेस में सफल कारोबारी के तौर पर उनकी खास पहचान है। कर्नाटक में उनके पास 12,000 एकड़ जमीन में कॉफी का प्लांटेशन है। इस साल मार्च तक देशभर में सीसीडी के 1,752 कैफे थे।

वीजी सिद्धार्थ के लापता होने की खबर से बीएसई पर कॉफी डे एंटरप्राइजेज का शेयर 19.99% गिरकर 154.05 पर आ गया। एनएसई पर 20% गिरावट के साथ 153.40 रुपए तक फिसल गया। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि चेयरमैन और एमडी वी जी सिद्धार्थ सोमवार शाम से संपर्क में नहीं है।  

letter_1.png
( भाषा के इनपुट के साथ )

Café Coffee Day
CCD Chief Missing
V G Sidhhartha
SM Krishna
Coffee Day Enterprises

Related Stories


बाकी खबरें

  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    लोगों की बदहाली को दबाने का हथियार मंदिर-मस्जिद मुद्दा
    20 May 2022
    एक तरफ भारत की बहुसंख्यक आबादी बेरोजगारी, महंगाई , पढाई, दवाई और जीवन के बुनियादी जरूरतों से हर रोज जूझ रही है और तभी अचनाक मंदिर मस्जिद का मसला सामने आकर खड़ा हो जाता है। जैसे कि ज्ञानवापी मस्जिद से…
  • अजय सिंह
    ‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार
    20 May 2022
    मौजूदा निज़ामशाही में असहमति और विरोध के लिए जगह लगातार कम, और कम, होती जा रही है। ‘धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाना’—यह ऐसा हथियार बन गया है, जिससे कभी भी किसी पर भी वार किया जा सकता है।
  • India ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेता
    20 May 2022
    India Ki Baat के दूसरे एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, भाषा सिंह और अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेताओं की। एक तरफ ज्ञानवापी के नाम…
  • gyanvapi
    न्यूज़क्लिक टीम
    पूजा स्थल कानून होने के बावजूद भी ज्ञानवापी विवाद कैसे?
    20 May 2022
    अचानक मंदिर - मस्जिद विवाद कैसे पैदा हो जाता है? ज्ञानवापी विवाद क्या है?पक्षकारों की मांग क्या है? कानून से लेकर अदालत का इस पर रुख क्या है? पूजा स्थल कानून क्या है? इस कानून के अपवाद क्या है?…
  • भाषा
    उच्चतम न्यायालय ने ज्ञानवापी दिवानी वाद वाराणसी जिला न्यायालय को स्थानांतरित किया
    20 May 2022
    सर्वोच्च न्यायालय ने जिला न्यायाधीश को सीपीसी के आदेश 7 के नियम 11 के तहत, मस्जिद समिति द्वारा दायर आवेदन पर पहले फैसला करने का निर्देश दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License