NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कांग्रेस और वाम दलों ने राफेल सौदे की जेपीसी जांच की मांग दोहराई
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस और वाम दलों ने राफेल मामले में जेपीसी जांच की मांग दोहराई है। अदालत ने भी कहा कि हम विमानों की खरीद की प्रक्रिया के हर पहलू पर गौर नहीं कर सकते।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Dec 2018
rafale

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस और वाम दलों ने राफेल मामले में जेपीसी जांच की मांग दोहराई है। याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने भी इसके खिलाफ अभियान जारी रखने का ऐलान किया है। अदालत ने भी याचिका खारिज करने के बावजूद अपने फैसले में साफ कहा है कि “हम विमानों की खरीद की प्रक्रिया के हर पहलू पर गौर नहीं कर सकते।” 

कांग्रेस ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से राफेल विमान मामले में जांच की याचिकाओं को खारिज करने के बावजूद इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराए जाने की अपनी मांग को दोहराया। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों से कहा कि विमान सौदे में भ्रष्टाचार हुआ है।

सुरजेवाला ने कहा, "सौदे में बहुस्तरीय भ्रष्टाचार हुआ है। हम जानते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय के पास सभी पहलुओं पर विचार करने की शक्ति नहीं है। इसलिए कांग्रेस मामले में कभी भी सर्वोच्च न्यायालय नहीं गई।"

उन्होंने कहा, "मैं जेपीसी जांच के लिए नरेंद्र मोदी को चुनौती देता हूं। अगर आप डरे हुए नहीं हैं, तो फिर जेपीसी से जांच क्यों नहीं करवाते। सरकार को यह बताना होगा कि क्यों प्रति विमान कीमत 526 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,670 करोड़ रुपये हो गई।"

सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में सौदे के बारे में 'अधूरी' जानकारी दी।

उधर, सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने अपने ट्वीट में कहा कि सिर्फ जेपीसी जांच के बाद ही राफेल घोटाले का सच बाहर आ सकता है। उन्होंने कहा कि हम जेपीसी जांच की अपनी पुरानी मांग को फिर दोहराते हैं। मोदी इस मांग को खारिज कर रहे हैं यही इस बात का सुबूत है कि वे इसमें दोषी हैं।  

The truth about the Rafale scam will only come out through the mechanism of a JPC. We reiterate our long-standing demand for a JPC. Modi’s refusal to have a JPC is the biggest evidence of guilt. https://t.co/5qtLtEJ7lY

— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) December 14, 2018

आपको बता दें कि आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राफेल विमान सौदे की अदालत की निगरानी में जांच संबंधी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इस सौदे की प्रक्रिया में कुछ भी संदेहजनक नहीं है। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा का उल्लेख करते हुए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस संजय कृष्णन कौल और जस्टिस के.एम.जोसेफ की पीठ ने कहा, "हम संतुष्ट हैं, इस सौदे में संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है।"

अदालत ने ये भी कहा कि हम विमानों की खरीद की प्रक्रिया के हर पहलू पर गौर नहीं कर सकते। 
 

ये भी पढ़ें : राफेल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूरी तरह गलत : प्रशांत भूषण

केंद्र सरकार ने इस सौदे का बचाव करते हुए कहा है कि फ्रांस की तरफ से कोई संप्रभु गारंटी नहीं है लेकिन लिखित आश्वासन मिला है।

प्रशांत भूषण, अरुण शौरी, पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा, वकील एम.एल.शर्मा, विनीत दांडा और संजय सिंह द्वारा दायर याचिकाओं में अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद भाजपा मंत्रियों ने कांग्रेस पर हमला बोला। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल मुद्दे की संयुक्त संसदीय समिति से जांच की विपक्षी पार्टियों की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि फैसले के मद्देनजर सौदे पर किसी तरह की चर्चा की बात अब खत्म हो गई है। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफ़ी की भी मांग की।

इस पूरे मसले पर आज लोकसभा और राज्यसभा दोनों में जबर्दस्त हंगामा हुआ।

हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

(कुछ इनपुट आईएएनएस)

Rafale deal
rafale scam
Supreme Court
BJP
Congress
left parties
jpc
prashant bhushan

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • भाषा
    आकार पटेल ने सीबीआई के ख़िलाफ़ अवमानना याचिका दाख़िल की
    08 Apr 2022
    पटेल के वकील ने दावा किया था कि उनके मुवक्किल को बृहस्पतिवार रात एक हवाई अड्डे पर रोका गया और उन्हें सूचित किया गया कि सीबीआई ने एलओसी वापस नहीं लिया है। 
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: भूख है तो सब्र कर रोटी नहीं तो क्या हुआ...
    08 Apr 2022
    संसद में विपक्षी सांसद महंगाई, नफरत, बेरोजगारी, पत्रकारों पर बढ़ते हमले पर बात करने का निवेदन करते हैं लेकिन माननीय सभापति महोदय मुस्कुरा कर टालते जाते हैं।
  • एम. के. भद्रकुमार
    पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा
    08 Apr 2022
    नई दिल्ली को स्पष्ट हो जाना चाहिए और इस वास्तविकता को समझ लेना चाहिए कि यूक्रेन संघर्ष इंडो-पैसिफ़िक रणनीति का ही एक ख़ाका है।
  • भाषा
    संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया
    08 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से रूस को निलंबित करने के लिए अमेरिका द्वारा लाये गये एक प्रस्ताव को पारित करने के लिए 193 सदस्यीय महासभा (यूएनजीए) में इसके (प्रस्ताव के) पक्ष में 93 मत…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पकिस्तान: उच्चतम न्यायालय से झटके के बाद इमरान ने बुलाई कैबिनेट की मीटिंग
    08 Apr 2022
    उच्चतम न्यायालय के इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने के नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी के विवादास्पद फैसले को रद्द करने के बाद, इमरान ने आज यानी शुक्रवार दोपहर 2 बजे कैबिनेट…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License