NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कासगंज दंगों में संकल्प फाउंडेशन की क्या थी भूमिका ?
चन्दन गुप्ता संकल्प के संस्थापक सदस्य था और उसकी मौत 26 जनवरी को मुस्लिम बहुल इलाके बुड्डू नगर से निकली गयी विवादित तिरंगा यात्रा में गोली लगने से हुई थी I
तारिक़ अनवर
05 Feb 2018
संकल्प

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कासगंज में हुए दंगों के 10 दिन बाद पुलिस ने 123 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और यह भी दावा किया है कि उन्होंने ज़्यादातर मामलों को सुलझा लिया है। लेकिन पुलिस ने अब तक संकल्प फाउंडेशन जिसपर आरोप है कि वह बिना अनुमति के तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे, पर कोई कार्यवाही नहीं की है I इस दौरान यह पिछले साल बनी संस्था लगातार फेसबुक के ज़रिये सांप्रदायिक ज़हर फैला रही है। साथ ही यह खुलेआम मुसलमानों से बदला लेने की धमकी भी दे रही है I

इस NGO के अध्यक्ष अनुकल्प विजय चन्द्र चौहान ने फेसबुक पर मुसलमानों को धमकाते हुए लिखा कि उन्हें चन्दन गुप्ता की मौत पर खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा I चन्दन गुप्ता संकल्प के संस्थापक सदस्य था और उसकी मौत 26 जनवरी को मुस्लिम बहुल इलाके बुड्डू नगर से निकली गयी विवादित तिरंगा यात्रा में गोली लगने से हुई थी I

सुरक्षा बालों की मौजूदगी के बावजूद 29 जनवरी तक चली हिंसा में मुस्लिमानों की कई दुकाने जलाई गयीं और मस्जिदें को या तो जला दिया गया या फिर उन्हें बुरी तरह से तबाह कर दिया गया I

कासगंज में राष्ट्रवाद के नाम पर फैलाई जा रही साम्प्रदायिकता के लिए सिर्फ चौहान ज़िम्मेदार नहीं हैं I इसी संस्था के आयूष शर्मा जो खुद को पंडित जी कहलवाना पसंद करते हैं, ने भी मुस्लिम समुदाय की खिलाफत की I

अपने फेसबुक पोस्ट पर शर्मा लिखते हैं “आज मैं सवाल पूछना चाहता हूँ कि क्या “भारत माता की जय” और “वन्दे मातरम” बोलने के लिए हमपर गोलियाँ चलायी जायेंगे और तेज़ाब फेंका जायेगा? यह किस तरह का विकास है और प्रशासन शिकायत करने के बावजूद कोई कदम क्यों नहीं उठा रहा ? 

उसने यह भी कहा कि “हमारे भाई (चन्दन गुप्ता) ने दंगों में अपनी जान गँवा दी I हमारे स्वाभिमान और अभिव्यक्ति की आज़ादी को इन्साफ मिलना चाहिए I सिर्फ भारत माता की जय का नारा देने से और लिखने से काम नहीं बनेगा I अब ये संघर्ष देश प्रेम के लिए हमारी लड़ाई है”

यह बातें 26 जनवरी को हुई घटनाओं के ठीक उलट है I चन्दन गुप्ता उस रैली का हिस्सा था जिसमें तिरंगों के साथ भगवा झंडे और बंदूकें लहराई जा रही थीं I मोटरसाइकिल सवारों की यह रैली ज़बरदस्ती बलराम गेट के पास स्थित मुस्लिम बहुल बुड्डू नगर से गुज़रने की ज़िद पकड़े हुई थी, जहाँ पहले ही लोग झंडा रोहण का कार्यक्रम कर रहे थे I ये गली गुब्बारों और झंडों से सजी हुई थी और वहाँ लोगों के बैठने के लिए कुर्सियाँ भी लगी हुई थी, साथ ही इस तिराहे पर जिसे वीर अब्दुल हमीद तिराहा कहा जाता है, पर झंडा फहराया जा रहा था I

गली में मौजूद लोगों ने बाइक सवारों को उनके साथ शामिल होने को कहा पर, बाइक सवारों ने वहीं से गुज़रने की ज़िद की और वहाँ आपत्तिजनक नारे लगाने लगे। इस वजह से वहाँ झड़प हो गई I पुलिस वहाँ पहुँची और हुड़दंगियों को वहाँ से मोटरसाइकिलें छोड़कर भागना पड़ा I ये सब CCTV फुटेज और दूसरे विडिओज़ द्वारा देखा जा सकता है जो कि न्यूज़क्लिक के पास मौजूद है I

इस बात में कोई शक नहीं है कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा छत से चलाई गयी गोली से हुई चन्दन गुप्ता की मौत निंदनीय और शोकजनक है, पर यह भी साफ़ है कि इस घटना का फायदा दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा अपने मकसद के लिए किया जा रहा है। और ऐसा तब जब उन्होंने ही इस पूरे विवाद को हवा दी थी I ये और भी साफ़ तब हो जाता है जब हम शर्मा के भड़काऊ फेसबुक पोस्ट देखते हैं I

“चलो साथ में आकर मुस्लिम  समाज की खिलाफत करते हैं I हमें इस तरह की मानसिकता वाले लोगों के साथ दोस्ती या व्यापार नहीं करना चाहिए I ये खिलाफ़त आप उस माँ का दर्द बाँटते हुए कीजिए जिसने अपना बेटा खोया है I उसके पिता के बारे में सोचिये जिसके बुढ़ापे का सहारा सिर्फ “वन्दे मातरम” और “भारत माता की जय” बोलने के लिए छीन लिया गया I यह आपका निर्णय है पर याद रखिये कल को यह आप हो सकते हैं या आपके बेटे या आपके भाई I मेरे राष्ट्रवादी भाइयों, मैं आपकी कुर्बानियों के सामने अपना सर झुकता हूँ I यह बेकार नहीं जायेगा I अगर मैं सिर्फ 1 और व्यक्ति को अपने साथ इस मुहीम में जोड़ पाता हूँ तो मैं इसे एक बड़ी जीत समझूँगा।”

इस मामले में तब तक 11 FIR हुई हैं और पुलिस ने 125 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें ज़्यादातर कथित तौर पर एक ही सम्प्रदाय से आते हैं I लेकिन जिन्होंने बिना अनुमति के “तिरंगा यात्रा” निकली उन्हें पुलिस ने तब तक नहीं पड़का है I

उत्तर प्रदेश में काम कर रहे मानवाधिकार संगठन रिहाई मंच से जुड़े राजीव यादव का मानना है कि बाबा शेरनाथ मंदिर से जुड़ा संकल्प फाउंडेशन काफी संदेहजनक दिखाई पड़ता है I राजीव कुछ ही दिनों पहले कासगंज में फैक्ट फाइंडिंग के लिए गए थे I उन्होंने कहा ये मंदिर नाथ परंपरा से जुड़ा हुआ है जिसके मुखिया खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं I

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए यादव ने कहा “इस मंदिर के मौजूदा पंडित सोमनाथ की नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा की गयी है I जबसे यह नए पंडित आये हैं संकल्प फाउंडेशन हर सोमवार को मंदिर में महा आरती आयोजित करता है I संकल्प के पदाधिकारियों ने इस महंत का स्वागत शहरभर में एक बड़ी रैली निकालकर किया था I”NGO का फेसबुक पेज भी इस बात की गवाही देता है I

संकल्प फाउंडेशन
चन्दन गुप्ता
कासगंज दंगे
उत्तर प्रदेश
योगी आदित्यनाथ
VHP
ABVP

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

गहराते आर्थिक संकट के बीच बढ़ती नफ़रत और हिंसा  

चुनाव से पहले गुजरात में सांप्रदायिकता तनाव, उन जिलों में दंगों की कोशिश जहां भाजपा मजबूत नहीं

महंत ने भगवानपुर में किया हनुमान चालीसा का पाठ, कहा ‘उत्तराखंड बन रहा कश्मीर’

जहांगीरपुरी हिंसा में अभी तक एकतरफ़ा कार्रवाई: 14 लोग गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • Hijab Verdict
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुसलमानों को अलग थलग करता है Hijab Verdict
    17 Mar 2022
  • fb
    न्यूज़क्लिक टीम
    बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल
    17 Mar 2022
    गैर लाभकारी मीडिया संगठन टीआरसी के कुमार संभव, श्रीगिरीश जलिहाल और एड.वॉच की नयनतारा रंगनाथन ने यह जांच की है कि फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल होने दिया। मामला यह है किसी भी राजनीतिक…
  • Russia-Ukraine war
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या है रूस-यूक्रेन जंग की असली वजह?
    17 Mar 2022
    रूस का आक्रमण यूक्रेन पर जारी है, मगर हमें इस जंग की एक व्यापक तस्वीर देखने की ज़रूरत है। न्यूज़क्लिक के इस वीडियो में हमने आपको बताया है कि रूस और यूक्रेन का क्या इतिहास रहा है, नाटो और अमेरिका का…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    झारखंड में चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीज़ों का बढ़ता बोझ : रिपोर्ट
    17 Mar 2022
    कैग की ओर से विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट में राज्य के जिला अस्पतालों में जरूरत के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी का खुलासा हुआ है।
  • अनिल जैन
    हिटलर से प्रेरित है 'कश्मीर फाइल्स’ की सरकारी मार्केटिंग, प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक
    17 Mar 2022
    एक वह समय था जब भारत के प्रधानमंत्री अपने समय के फिल्मकारों को 'हकीकत’, 'प्यासा’, 'नया दौर’ जैसी फिल्में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया करते थे और आज वह समय आ गया है जब मौजूदा प्रधानमंत्री एक खास वर्ग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License