NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
कचहरी में वकील पर बम से हमला : बार एसोसिएशन महामंत्री समेत 17 पर मुकदमा
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सीएए आंदोलनकारियों पर तो सख़्त हैं लेकिन उनके राज में अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Feb 2020
lacknow

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर होती जा रही है। हालांकि योगी आदित्यनाथ की सरकार सीएए आंदोलनकारियों पर तो बहुत सख्ती दिखा रही है, लेकिन अपराध पर लगाम नहीं लगा पा रही है। अब तो आलम ये है कि अदालत में बम भी चल रहे हैं। राजधानी लखनऊ के सिविल अदालत परिसर में गुरुवार दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने एक अधिवक्ता पर बम से हमला कर दिया। इस मामले में बार एसोसिएशन महामंत्री समेत 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ लोगों ने लखनऊ बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव संजीव लोधी पर सिविल कोर्ट परिसर में बमों से हमला किया और उनमें से एक बम फटा जबकि बाकी दो में धमाका नहीं हुआ। इस घटना में लोधी समेत तीन अधिवक्ताओं को चोटें आई हैं।प्रदेश के अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ी करती इस एक और वारदात के मामले में लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री जीतू यादव समेत सात नामजद तथा 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
 
लोधी ने बताया कि उन्होंने कुछ न्यायिक अधिकारियों की उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। इसे लेकर लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री जीतू यादव, सुधीर यादव और अन्नू यादव उन्हें शिकायत वापस लेने की धमकी दे रहे थे। ये लोग उन न्यायिक अधिकारियों के करीबी हैं।लोधी का आरोप है कि गुरुवार को एजाज और आजम तथा करीब 10 अन्य लोग आये और उन पर सुतली बम से हमला कर दिया। उनमें से एक बम फटा। बाकी दो में धमाका नहीं हो पाया। हो। वारदात के बाद हमलावर असलहा लहराते हुए भाग गये।

उन्होंने बताया कि उनके साथ—साथ वकील श्यामसुंदर और प्रमोद लोधी को भी मामूली चोटें आयी हैं।लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेपी सिंह ने बताया कि बम कांड के दोषी लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वकीलों ने कचहरी के बाहर मुख्य मार्ग पर रास्ता जाम कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में अधिकारियों के समझाने बुझाने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि सभी वकीलों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है।
 
वारदात के बाद पैदा सूरतेहाल के मद्देनजर समूचे कचहरी परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।लखनऊ बार एसोसिएशन समेत विभिन्न अधिवक्ता संगठनों ने इस वारदात की कड़ी निंदा करते हुए। दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।सेंट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ के महासचिव संजीव पांडे ने लखनऊ के पुलिस आयुक्त सुजीत पांडे को लिखे पत्र में कहा है कि परंपरा यह रही है कि कचहरी के अधिवक्ताओं की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर जिले के पुलिस कप्तान और बाहर के कार्यकर्ताओं के बीच औपचारिक मुलाकात होती है। दुर्भाग्यवश बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस अफसरों के माध्यम से आपसे मुलाकात की कोशिश की गई लेकिन आपने समय नहीं दिया। 

उन्होंने कहा कि अदालत परिसर में विस्फोटक सामग्री अंदर लाई जा रही है। यह चिंता का विषय है। कोई अप्रिय घटना होने पर आपकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से जिम्मेदार होगी।प्रदेश के अदालत परिसरों में हमले की घटनाएं हाल में बढ़ी हैं। गत 17 दिसम्बर को बिजनौर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की भरी अदालत में बदमाशों ने गोलीबारी करके एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी और दो पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया था।

इसके पूर्व, सात जनवरी को लखनऊ में वकील शेखर त्रिपाठी को कुछ लोगों ने लाठी—डंडों से पीट—पीटकर मार डाला था।इस बीच, कांग्रेस महासचिव और पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस वारदात को लेकर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा "उत्तर प्रदेश सरकार को अब साफ-साफ कह देना चाहिए कि उसने तीन साल तक जनता से झूठ बोला। असल में प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला है। राजधानी में कचहरी में वकीलों पर बम से हमले हो रहे हैं। राजधानी से लेकर सुदूर क्षेत्र तक कोई सुरक्षित नहीं है। क्या व्यवस्था है ये?"

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)
 

Lucknow
lucknow court
lucknow court explosion
crime in lucknow
crime in up
yogi aditynath

Related Stories

बढ़ती नफ़रत के बीच भाईचारे का स्तंभ 'लखनऊ का बड़ा मंगल'

लखनऊः नफ़रत के ख़िलाफ़ प्रेम और सद्भावना का महिलाएं दे रहीं संदेश

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम

लखनऊ: अतंर्राष्ट्रीय शूटिंग रेंज बना आवारा कुत्तों की नसबंदी का अड्डा

लखनऊ: देशभर में मुस्लिमों पर बढ़ती हिंसा के ख़िलाफ़ नागरिक समाज का प्रदर्शन

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

ग्राउंड रिपोर्ट: ‘पापा टॉफी लेकर आएंगे......’ लखनऊ के सीवर लाइन में जान गँवाने वालों के परिवार की कहानी

हवा में ज़हर घोल रहे लखनऊ के दस हॉटस्पॉट, रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयार किया एक्शन प्लान

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें


बाकी खबरें

  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी सरकार के 8 साल: सत्ता के अच्छे दिन, लोगोें के बुरे दिन!
    29 May 2022
    देश के सत्ताधारी अपने शासन के आठ सालो को 'गौरवशाली 8 साल' बताकर उत्सव कर रहे हैं. पर आम लोग हर मोर्चे पर बेहाल हैं. हर हलके में तबाही का आलम है. #HafteKiBaat के नये एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार…
  • Kejriwal
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?
    29 May 2022
    हर हफ़्ते की तरह इस बार भी सप्ताह की महत्वपूर्ण ख़बरों को लेकर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन…
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!
    29 May 2022
    गोडसे जी के साथ न्याय नहीं हुआ। हम पूछते हैं, अब भी नहीं तो कब। गोडसे जी के अच्छे दिन कब आएंगे! गोडसे जी का नंबर कब आएगा!
  • Raja Ram Mohan Roy
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या राजा राममोहन राय की सीख आज के ध्रुवीकरण की काट है ?
    29 May 2022
    इस साल राजा राममोहन रॉय की 250वी वर्षगांठ है। राजा राम मोहन राय ने ही देश में अंतर धर्म सौहार्द और शान्ति की नींव रखी थी जिसे आज बर्बाद किया जा रहा है। क्या अब वक्त आ गया है उनकी दी हुई सीख को अमल…
  • अरविंद दास
    ओटीटी से जगी थी आशा, लेकिन यह छोटे फिल्मकारों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा: गिरीश कसारावल्ली
    29 May 2022
    प्रख्यात निर्देशक का कहना है कि फिल्मी अवसंरचना, जिसमें प्राथमिक तौर पर थिएटर और वितरण तंत्र शामिल है, वह मुख्यधारा से हटकर बनने वाली समानांतर फिल्मों या गैर फिल्मों की जरूरतों के लिए मुफ़ीद नहीं है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License