NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केएफएससी ने कहा कि, "संविधान और लोकतंत्र को जीवित रखें, बीजेपी कों वोट न दें"
मतदाताओं को भाजपा क्यों चुननी चाहिए जब उन्हें यह यकीन नहीं है कि क्या मोदी सरकार बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक हमलों के मुद्दों को हल करेगी?
योगेश एस.
01 May 2018
Translated by मुकुंद झा
BJP

क्या कर्नाटक के लोग भारतीय जनता पार्टी से उम्मीद कर सकते हैं, जो अनंत कुमार हेगड़े जैसे लोगों की मेज़बानी करती है, जो मंत्री संविधान की शपथ लेते है और भारत के लोकतंत्र के मूल-आत्मा को ही बदलन ही चाहते हैं? इस सवाल के साथ, ‘कर्नाटक फोरम टू सेव सविंधान’ (केएफएससी) राज्यभर में सार्वजनिक बैठकों का आयोजन कर रहा है| फोरम का नेतृत्व स्वतंत्रता सेनानी, सामजिक कार्यकर्त्ता और एक पत्रकार एच०एस० डोरेस्वमी कर रहे हैं| गाँधी माथु गौरियांनु कोंडवारिज नाममा माता इल्ला (गाँधी और गौरी को मारने वालों के लिए कोई वोट नहीं) इस नारे के साथ केएफएससी ने देश में भाजपा के इतिहास की समीक्षा करने के लिए इस मंच को बनाया है|

संसद सदस्य अनंत कुमार हेगड़े ने घोषणा की थी कि बीजेपी का उद्देश्य भारत के संविधान को बदलना है क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता की बात करता है; 25 दिसंबर 2017 को कोप्पल जिले में ब्राह्मण युवा परिषद की एक सभा को संबोधित करते हुए अपने बदनाम भाषण में, मौजूदा विकास मंत्री और उद्यमिता मंत्री ने संविधान पर अपने धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों और मूल्यों के लिए हमला किया था। अन्य राजनीतिक दलों द्वारा पूछे-जाने और आलोचना पर और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक विवाद होने के कारण, मंत्री ने लोकसभा में माफी माँगी, "एक नागरिक के रूप में, मैं संविधान का उल्लंघन करने के बारे में नहीं सोच सकता ..."। हालांकि, उनके गृह राज्य कर्नाटक में कोई भी अपने अपमानजनक संविधान और धर्मनिरपेक्ष भाषण को भूलने के लिए तैयार नहीं है। उनका ये भाषण मतदान से पूर्व कर्नाटक के लोगों को लिए चेतावनी के रूप में आया है।

12 जनवरी, 2018 को हेगड़े के बयान के एक महीने बाद, भारत के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीशों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी दी कि लोकतंत्र खतरे में है। कर्नाटक राज्य में इन घटनाओं और बीजेपी के प्रचार के कारण, केएफएससी मतदाताओं तक पहुँचने की ज़रूरत को समझता है और मोदी-शाह के नेतृत्त्व वाली आरएसएस सरकार के बारे में उनसे बात करता है जो लोकतंत्र के लिए खतरा बन गया है।

बंटवाला और बेंगलुरु में कर्नाटक फोरम टू सेव संविधान ने सम्मेलन किया

28 अप्रैल, 2018 को, केएफएससी ने कर्नाटक के दक्षिणी कन्नड़ ज़िले में एक ताल्लुका बंटवाला में अपना सम्मेलन आयोजित किया था। स्पर्शा कला मंदिर के परिसर में सम्मेलन में इससे जुड़े नागरिकों की एक बड़ी संख्या ने सभा में भाग लिया था। एक मंझे हुए अभिनेता प्रकाश राज, वर्तमान सरकार द्वारा बोलने की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले के विरोध में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। उनके अनुसार, बीजेपी देश में एकमात्र पार्टी है जिसकी विचारधारा नहीं है: क्योंकि उन्होंने कहा: "यह एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि एक जानवर  है, जिसका आरएसएस, चुने जाने और सत्ता में रहने के लिए उपयोग करता है।"

प्रकाश राज, गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता ऋचा सिंह सम्मेलन के वक्ता  थे। वक्ताओं ने नोट किया, दर्शकों में महिलाओं की अनुपस्थिति रही, जो दक्षिणी कन्नड़ क्षेत्र में संघ परिवार और बीजेपी की उपस्थिति दर्शाता है। अतीत में इस क्षेत्र में संघ परिवार के उपद्रवी समूहों द्वारा महिलाओं पर हमलों को देखा गया है।

यह सम्मलेन कड़ी सुरक्षा के बीच हुआI इस दौरान यह चर्चा हुई कि लोगों को किसे चुनना चाहिएI कर्नाटक सांप्रदायिक सद्भावना फोरम के केएल अशोक के अनुसार आगामी चुनाव संविधान-विरोधी और धर्मनिरपेक्षता-विरोधी पार्टियों तथा उन पार्टियों के बीच है जो ऐसी नहीं हैंI अशोक ने यही कहते हुए  सम्मेलन में उपस्थित लोगों से लोकतंत्र और तानाशाही के बीच चुनाव करने के लिए पूछाI यह I यह वही तानाशाही है जिसे बीजेपी स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।

दक्षिणी कन्नड़ क्षेत्र में अतीत में सांप्रदायिक हिंसा के कई घटनाओं का गवाह रहा हैं। इसे याद करते हुए, प्रकाश राज ने कहा कि, "दक्षिणी कन्नड़ क्षेत्र अपनी विरासत, संस्कृति, परंपरा और शांति के लिए जाना जाता है; और यह हमारे, इस क्षेत्र के लोगों पर, इस पहचान को संरक्षित करने की ज़िम्मेदारी है और बीजेपी और संघ परिवार की वजह से सांप्रदायिक राजनीति को इस क्षेत्र में लाने के प्रयास कर रही है।"

जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, केएफएससी राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनज़र राज्यभर में इन सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है। 29 अप्रैल 2018 को, सम्मेलन राजधानी बेंगलुरु में आयोजित किया गया था। एच एन डोरेस्वामी और राज्य के विभिन्न यूनियन के नेताओं और कार्यकर्त्ता प्रतिनिधियों के साथ ही  प्रकाश राज, जिग्नेश मेवानी और ऋचा सिंह ने सम्मेलन को संबोधित किया।

इस सम्मेलन के वक्ताओं ने बेरोज़गारी के मुद्दों पर बोला जो शहर में काफी बड़े स्तर पर दिखाई पड़ती हैI विजय माल्या, नीरव मोदी और गौतम अदानी के मामलों में मोदी सरकार की चुप्पी पर  वक्ताओं ने सवाल पूछा। 1 मई 2018 को नरेंद्र मोदी बेंगलुरू में हैं और इस पर जिग्नेश मेवानी ने बोला कि यह सबसे बड़ी विडंबना है; प्रधानमंत्री, जिनकी सरकार की नीतियाँ मज़दूरों के खिलाफ  हैं, मई दिवस पर राज्य के लोगों को संबोधित करेंगे। यह कहकर, उन्होंने लोगों से नरेंद्र मोदी से युवाओं को किए गए रोजगार के वादे  और 15 लाख रुपये उन्होंने हर किसी के खाते में जमा करने का वादा किया था उसके बारे में पूछने का आग्रह किया ।

एच एन डोरेस्वामी ने कहा कि इन चुनावों में चुनाव लड़ रहे राजनीतिक दलों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि दुश्मन भाजपा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस या जेडी (एस) को लोगों को सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि वे भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे भाजपा को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि, और केवल पार्टी जो इसे घोषित करती है, उसे ही वोट दिया जाना चाहिए।

दोनों सम्मेलनों में वक्ताओं ने देखा कि भाजपा को यह बताने में कोई दिलचस्पी नहीं है कि अगर वे सत्ता में आते हैं तो कर्नाटक के लिए उनकी योजना क्या है; नवंबर में परिवर्तन रैली से शुरू होने से अब तक, बीजेपी ने कहीं भी नहीं कहा है, राज्य के लिए इसकी योजना क्या है: क्योंकि सम्मेलन के वक्ताओं ने देखा कि वे सिद्दरामैया सरकार की आलोचना कर रहे हैं और मौजूदा सरकार को राज्य में एक " हिंदू विरोधी" सरकार के रूप में लेबल करके सांप्रदायिक भावनाओं को उजागर करने का प्रयास कर रहे हैं। । इस प्रकार, जब कोई नहीं जानता कि बेरोजगारी, गरीबी, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक हमलों के मुद्दे बीजेपी द्वारा हल किए जाएंगे, तो दोनों सम्मेलनों ने लोगों से भाजपा के लिए वोट देने के आधार पर विचार करने के लिए आग्रह किया गया हैं। विशेष रूप से जब केंद्र सरकार 2014 के लोकसभा चुनावों में किए गए वादे को पुरा करने में नाकाम रही है।

BJP
karnataka
Karnataka Assembly
Karnataka Assembly Elections 2018

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उप्र चुनाव: 'कैराना पलायन' के उलट बुंदेलखंड से पलायन चुनावी मुद्दा क्यों नहीं बनता
    04 Feb 2022
    बुंदेलखंड में कई गांव वीरान दिखाई देते हैं। बांस, मिट्टी, फूस, पुआल और कच्ची ईंटों से बने मकानों पर ताले लटके हुए हैं। कथित 'कैराना पलायन' के इसके विपरीत यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर हो रहे विस्थापन के…
  • UttarPradesh
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: नहीं चल पा रहा ध्रुवीकरण का कार्ड
    04 Feb 2022
    तमाम कोशिशों के बाद भी यूपी में बीजेपी का हिंदू-मुस्लिम का कार्ड नहीं चल पा रहा है। पश्चिम UP से आने वाली ग्राउंड रिपोर्ट्स बता रही हैं कि ध्रुवीकरण तो नहीं ही हुआ, उल्टे जाट समुदाय में, किसानों में…
  • CPIM
    भाषा
    नोएडा : रालोद- सपा गठबंधन के प्रत्याशियों को समर्थन देगी माकपा
    04 Feb 2022
    ग्रेटर नोएडा के स्वर्ण नगरी में स्थित प्रेस क्लब में बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान माकपा के जिला प्रभारी गंगेश्वर दत्त शर्मा ने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (…
  • tomar
    भाषा
    सरकार विधानसभा चुनावों के बाद एमएसपी समिति गठित करने के लिए प्रतिबद्ध : तोमर
    04 Feb 2022
    तोमर ने कहा कि एमएसपी पर समिति बनाने का मामला मंत्रालय के विचाराधीन है और विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद इसका गठन किया जाएगा।
  • RRb
    भाषा
    रेलवे ने आरआरबी परीक्षा प्रदर्शन को लेकर दो लाख अभ्यर्थियों से संपर्क साधा
    04 Feb 2022
    रेलवे ने एनटीपीसी और ‘लेवल-1’ की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे अभ्यर्थियों से संपर्क साधना शुरू किया है और बृहस्पतिवार को उसने करीब दो लाख विद्यार्थियों से…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License