NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केंद्र ने असम को अचानक घोषित किया ‘संरक्षित क्षेत्र’, विदेशी पत्रकारों से कहा- राज्य छोड़ें
द असम ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक एनआरसी के प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया के राजनीतिकरण पर सवाल उठने के बाद विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने असम को अचानक 'संरक्षित क्षेत्र' की श्रेणी के तहत रख दिया है।
न्यूज़क्लिक डेस्क
06 Sep 2019
NRC

असम में काम करने वाले सभी विदेशी पत्रकारों को राज्य छोड़ने के लिए कहा गया है। द असम ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक एनआरसी के प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया के राजनीतिकरण पर सवाल उठने के बाद विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने असम को अचानक 'संरक्षित क्षेत्र' की श्रेणी के तहत रख दिया है। परिणामस्वरुप विदेशी पत्रकारों को राज्य छोड़ने के लिए कहा गया।

उदाहरण के लिए असम ट्रिब्यून की रिपोर्ट कहती है कि वायर एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की एक महिला रिपोर्टर को हाल ही में असम पुलिस ने हवाई अड्डे तक पहुंचाया और दिल्ली के लिए अगली उपलब्ध फ्लाइट में डाल दिया। सूत्रों के मुताबिक असम सरकार के अधिकारियों ने उन्हें विनम्रता से राज्य छोड़ने और भारत सरकार से अनुमति लेने के लिए कहा।

गृहमंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस आदेश तक विदेशी मीडिया को रिपोर्टिंग का काम केवल जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कुछ पहाड़ी राज्यों में प्रवेश करने पर रोक थी। लेकिन अब असम को अन्य उत्तर पूर्वी राज्यों के साथ संरक्षित क्षेत्री की सूची में जोड़ा गया है।

इसको लेकर जब विदेश मंत्रालय के सूत्रों से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि विदेशी पत्रकारों को अब विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी और गृहमंत्रालय द्वारा अंतिम मंजूरी दी जाएगी। सरकार का यह आदेश हाल में एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद तब आया है जब विदेशी मीडिया में इसे बड़े स्तर पर प्रकाशित किया गया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने रविवार को स्पष्ट किया था कि एनआरसी की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सरकार द्वारा पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि विदेशी मीडिया के एक बड़े हिस्से में अंतिम एनआरसी के बारे में कुछ टिप्पणियां की गई हैं जो गलत हैं।

यूएनएचसीआर के प्रमुख फिलिपो ग्रांडी ने भी एनआरसी की अंतिम सूची से 1.9 मिलियन लोगों के राज्यविहीन होने के खतरे पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने जिनेवा के एक बयान में कहा कि मैं भारत से यह सुनिश्चित करने की अपील करता हूं कि इस कार्रवाई में कोई भी राज्यविहीन न हो। इसमें लोगों को सूचना, कानूनी सहायता और उचित प्रक्रिया के उच्चतम मानकों के अनुसार कानूनी पहुंच सुनिश्चित की जाए।

बीते रविवार को ग्रांडी ने अपनी प्रतिक्रिया में चेतावनी दी कि कोई भी प्रक्रिया जो बड़ी संख्या में लोगों को राष्ट्रीयता के बिना छोड़ सकती है, यह वैश्विक प्रयासों को बहुत बड़ा झटका होगा। यूएनएचसीआर ने सरकार से अन्य भारतीय राज्यों में होने वाली ऐसी ही प्रक्रियाओं पर कार्रवाई करने का भी आग्रह किया है और अधिकारियों से आग्रह किया है कि जिनकी राष्ट्रीयता वेरीफाइड नहीं की गई, उन्हें डिपोर्ट न करें।
यूएन एजेंसी ने भारत सरकार को लोगों की राष्ट्रीयता का निर्धारण करने और अपने जनादेश और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार राज्यविहीनता को रोकने में मदद करने के अपने प्रस्ताव को दोहराया।

(साभार : sabrangindia)

NRC
NRC Process
NRC Assam
modi sarkar
Asam Protected area
foreign Ministry
home ministry

Related Stories

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

शाहीन बाग़ की पुकार : तेरी नफ़रत, मेरा प्यार

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

मतदाता पहचान कार्ड, सूची को आधार से जोड़ने सहित चुनाव सुधार संबंधी विधेयक को लोकसभा की मंजूरी

लखीमपुर खीरी कांड: गृह राज्य मंत्री टेनी दिल्ली तलब

मंत्रिमंडल ने तीन कृषि क़ानून को निरस्त करने संबंधी विधेयक को मंज़ूरी दी

अबकी बार, मोदी जी के लिए ताली-थाली बजा मेरे यार!

वैश्विक भुखमरी इंडेक्स में भारत की ‘तरक़्क़ी’: थैंक्यू मोदी जी!

अदालत ने फिर उठाए दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच पर सवाल, लापरवाही के दोषी पुलिसकर्मी के वेतन में कटौती के आदेश

युवाओं ने दिल्ली सरकार पर बोला हल्ला, पूछा- 'कहां है हमारा रोज़गार?'


बाकी खबरें

  • तो इतना आसान था धर्म संसद को रोकना? : रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट
    सत्यम् तिवारी
    तो इतना आसान था धर्म संसद को रोकना? : रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट
    27 Apr 2022
    डाडा जलालपुर में महापंचायत/धर्म संसद नहीं हुई, एक तरफ़ वह हिन्दू हैं जो प्रशासन पर हिन्दू विरोधी होने का इल्ज़ाम लगा रहे हैं, दूसरी तरफ़ वह मुसलमान हैं जो सोचते हैं कि यह तेज़ी प्रशासन ने 10 दिन पहले…
  • Taliban
    स्टीफन नेस्टलर
    तालिबान: महिला खिलाड़ियों के लिए जेल जैसे हालात, एथलीटों को मिल रहीं धमकियाँ
    27 Apr 2022
    तालिबान को अफ़गानिस्तान पर नियंत्रण किए हुए आठ महीने बीत चुके हैं और इतने समय में ही ये देश समाचारों से बाहर हो गया है। ओलिंपिक में भाग लेने वाली पहली अफ़गान महिला फ्रिबा रेज़ाई बड़े दुख के साथ कहती हैं…
  • modi
    न्यूज़क्लिक टीम
    100 राजनयिकों की अपील: "खामोशी से बात नहीं बनेगी मोदी जी!"
    27 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार डिप्लोमैट्स द्वारा प्रधानमंत्री को लिखी गयी चिट्ठी पर बात कर रहे हैं।
  • Stan swamy
    अनिल अंशुमन
    ‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण
    27 Apr 2022
    ‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’ पुस्तक इस लिहाज से बेहद प्रासंगिक है क्योंकि इसमें फ़ादर स्टैन स्वामी द्वारा सरकारों की जन-विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ लिखे गए चर्चित निबंधों का महत्वपूर्ण संग्रह किया गया है…
  • SHOOTING RANGE
    रवि शंकर दुबे
    लखनऊ: अतंर्राष्ट्रीय शूटिंग रेंज बना आवारा कुत्तों की नसबंदी का अड्डा
    27 Apr 2022
    राजधानी लखनऊ में बने अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग रेंज को इन दिनों आवारा कुत्तों की नसबंदी का केंद्र बना दिया गया है, जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License