NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केंद्र ने की 10 लाख पेट्रोल पम्प कर्मचारियों के निजी डेटा की माँग
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना पूरी तरह नाकामियाब रही है, यही वजह है कि एनडीए ने एक नयी प्रक्रिया शुरू की है ,जिससे शायद लाभार्थियों की संख्या को बढ़ा चढ़ा के दिखाया जायेगा।
प्रणेता झा
23 Aug 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
petrol

प्रधानमंत्री की कौशल विकास योजना के अंतर्गत केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री का देश भर के विभिन्न पेट्रोल पम्पों के 10 लाख कर्मचारियों का व्यक्तिगत डेटा  प्राप्त करने की कोशिश का कर्मचारी और मालिक दोनों विरोध कर रहे हैं। 
 
उनका विरोध कई वजहों से है इसमें निजता के मूलभूत अधिकारों के हनन और डराए धमकाये जाने के आरोप शामिल हैं।एनडीए सरकार की कौशल विकास योजना पूरी तरह से नाकामयाब रही है क्योंकि उसमें पिछले तीन सालों में सिर्फ 15 % लोगों की नौकरियाँ लगीं हैं (41.3 लाख लोगों को विभिन्न चीज़ों के लिए प्रशिक्षित किया गया था लेकिन उनमें से सिर्फ 6.15 लाख लोगों की नौकरियाँ मिली), शायद इसीलिए सरकार ने पहले से ही काम कर रहे लोगों को सर्टिफिकेट देने का कार्यक्रम शुरू किया है। 

21 अगस्त को एनडीटीवी ने एक खबर चलाई  कि सरकारी तेल कम्पनियाँ डीलरों को धमकी दे रहीं हैं कि अगर उन्होंने कर्मचारियों का डेटा नहीं दिया तो उनकी सप्लाई काट दी जाएगी। जाति , धर्म , बैंक अकाउंट नंबर , आधार नंबर और चुनाव क्षेत्र जैसी निजी जानकारियां प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत  रेकॉगनेशन ऑफ़ प्रायर लर्निंग (RPL) की स्कीम के तहत माँगी जा रही हैं। 

6 जून को हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड, इंडियन ऑइल कॉपोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम लिमिटेड जैसी तीन सरकारी कम्पनियों ने देश भर के 59,000 पेट्रोलियम और एलपीजी डीलरों को RPLस्कीम के तहत अपने कर्मचारियों का डेटा भेजने को कहा। डेटा भरने का फॉर्म पेट्रोलियम मंत्रालय की हाइड्रोकार्बन सेक्टर स्किल काउंसिल ने बनाया हैI

स्कीम के मुताबिक इस काम को पूरा करने के बाद उन्हें RPL का सर्टिफिकेट मिलेगा और सरकार उनके खाते में 500 रूपये डाल देगी। सरकार ने 2020 के अंत तक 40 लाख लोगों को इस स्कीम के अंतर्गत लाने का लक्ष्य रखा है। सर्टिफिकेट पर आधार कार्ड का नंबर कर्मचारी के नाम के साथ आएगा। PMKVY के सर्टिफिकेट के अनुसार कर्मचारी का ग्रेड भी इसपर लिखा जायेगा। 

लेकिन सरकार ने एक महत्वपूर्ण सवाल का जवाब नहीं दिया I क्या कर्मचारियों के सर्टिफिकेट के लिए आधार कार्ड नंबर , जाति और दूसरे विवरण ज़रूरी हैं ? अधिसूचना मिलने के कुछ ही दिनों बाद कंसोर्टियम ऑफ़ इंडियन पेट्रोलियम डीलर्स  (CIPD) ने सभी तेल कंपनियों को लिखा कि इस तरह निजी जानकारी देना मूलभूत अधिकारों का हनन है। यह निजी जानकारी मालिकों और कर्मचारियों के बीच ही रहनी चाहिए। CIPD के महासचिव  सुरेश कुमार ने एनडीटीवी को बताया कि 

सीपीडी के महासचिव के सुरेश कुमार ने एनडीटीवी को बताया कि "इस तरह की सूचना मालिकों और कर्मचारियों के बीच ही रहनी चाहिए। यह समझते हुए कि यह मामला गरिमा और गोपनीयता से सम्बंधित है , हमने तेल कंपनियों को लिखा है कि हम यह सूचना देने में रुचि नहीं रखते।"

जहाँ एक तरफ सरकार ने कहा था कि यह विवादास्पद स्कीम सिर्फ संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए है , यह अभी तक साफ़ नहीं हुआ है कि क्या इस तरह का कोई काम पेट्रोलियम के अलावा किसी और क्षेत्र में शुरू हुआ है। 
 

pradhan mantri kaushal vikas yojna
BJP
Central Government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • maliyana
    न्यूज़क्लिक टीम
    मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल
    23 May 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह न्यूज़क्लिक की टीम के साथ पहुंची उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले के मलियाना इलाके में, जहां 35 साल पहले 72 से अधिक मुसलमानों को पीएसी और दंगाइयों ने मार डाला…
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    बनारस : गंगा में नाव पलटने से छह लोग डूबे, दो लापता, दो लोगों को बचाया गया
    23 May 2022
    अचानक नाव में छेद हो गया और उसमें पानी भरने लगा। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते नाव अनियंत्रित होकर गंगा में पलट गई। नाविक ने किसी सैलानी को लाइफ जैकेट नहीं पहनाया था।
  • न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    ज्ञानवापी अपडेटः जिला जज ने सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा अपना फैसला, हिन्दू पक्ष देखना चाहता है वीडियो फुटेज
    23 May 2022
    सोमवार को अपराह्न दो बजे जनपद न्यायाधीश अजय विश्वेसा की कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली। हिंदू और मुस्लिम पक्ष की चार याचिकाओं पर जिला जज ने दलीलें सुनी और फैसला सुरक्षित रख लिया।
  • अशोक कुमार पाण्डेय
    क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?
    23 May 2022
    2019 के बाद से जो प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं, उनसे ना तो कश्मीरियों को फ़ायदा हो रहा है ना ही पंडित समुदाय को, इससे सिर्फ़ बीजेपी को लाभ मिल रहा है। बल्कि अब तो पंडित समुदाय भी बेहद कठोर ढंग से…
  • राज वाल्मीकि
    सीवर कर्मचारियों के जीवन में सुधार के लिए ज़रूरी है ठेकेदारी प्रथा का ख़ात्मा
    23 May 2022
    सीवर, संघर्ष और आजीविक सीवर कर्मचारियों के मुद्दे पर कन्वेन्शन के इस नाम से एक कार्यक्रम 21 मई 2022 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया मे हुआ।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License