NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केंद्र सरकार राजनीतिक कारणों के चलते जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को बदलना चाहती है?
सूत्रों के मुताबिक वैचारिक मतभेद के चलते वोहरा के सम्बन्ध केंद्र से लगातार बिगड़ते जा रहे हैंI
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Aug 2018
NN Vohra

जम्मू कशमीर में बीजेपी-पीडीपी के गठबंधन टूटने के बाद से जारी राजनीतिक अस्थिरता के  बीच अब खबर आ रही है कि कुछ ही हफ्तों में राज्य में नए राज्यपाल की नियुक्ति हो सकती है। राज्य के मौजूदा राज्यपाल एन.एन.वोहरा का कार्यकाल 10 साल बाद खत्म होने वाला है। इस खबर का खुलासा भाजपा के महासचिव राम माधव ने कियाI एक न्यूज़ वेबसाइट से बात करते हुए राम माधव ने कहा कि ’’सरकार भविष्य के बारे में सोचते हुए, ज़रूरी कदम उठा सकती हैI मुझे लगाता है कि राज्य में जल्द ही नए राज्यपाल की नियुक्ति होगी।“

वहीं इस मामले को लेकर विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इससे राज्य में राजनीतिक अराजकता और बढ़ेगी। रिपोर्टों के मुताबिक महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.विद्यासागर राव या पूर्व गृह सचिव राजीव मेहरिश में से कोई वोहरा की जगह ले सकता है। गौरतलब है कि राव कई दशकों से आरएसएस के कार्यकर्ता रहें है।

सूत्रों के मुताबिक वोहरा के विधानसभा की बहाली और अनुच्छेद 35(ए) पर केंद्र सरकार से भिन्न मत रखने के बाद से ही उनके सम्बन्ध केंद्र के साथ खराब होना शुरू हो गए थे। गौरतलब है कि अनुच्छेद 35(ए) संविधान का वह प्रवधान है जो जम्मू कशमीर के नागरिकों को विशेषाधिकार देता है। 

मीडिया ख़बरों के मुताबिक, राम माधव ने कहा कि, “फिलहाल, हम जम्मू और कश्मीर में राज्यपाल शासन के पक्ष में हैंI हम स्थगित विधानसभा की इस स्थिति को बनाये रखने के पक्ष में हैंI पर आगे के लिए हमें देखना होगा की राजनीति किस ओर जाती हैI” 

कुछ दिन पहले, न्यूजक्लिक के साथ खास बातचीत में राज्य के पूर्व उप-मुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने बताया था कि “हम अगले महीने तक सरकार बनाने जा रहे हैं। इस बात में कोई संदेह नहीं कि हमारी सरकार बनने वाली है, संभावना है कि हम सज्जाद लोन के साथ गठबंधन कर सकते हैं, लेकिन पीडीपी के साथ कभी नहीं।”

माधव ने नैशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस के गठबंधन की ओर इशारा करते हुए कहा कि  "क्या होगा अगर नैशनल कोंफ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी एक साथ आए? उनके पास संख्या हैं। लेकिन हम लगातार राज्यपाल के शासन के पक्ष में हैं और उसके बाद शायद अगले छह महीनों के लिए राष्ट्रपति शासन के।"

गुप्ता ने न्यूजक्लिक को बताया कि "राम माधव कश्मीर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्यपाल के शासन का समर्थन कर रहें है। कश्मीर में स्थिति अनिश्चित है और हम अभी कोई सुसगंत निर्णय नहीं ले सकते हैं। लेकिन, केंद्र लगातार नई सरकार के गठन पर काम कर रहा है।"

हालांकि,  अटकलें यह भी लगाई जा रहीं है कि भाजपा, पीडीपी के बागी विधायकों के साथ सरकार बनाने की योजना बना रही है। मगर गुप्ता ने इस पर कहा कि "मैं अभी इस पर कुछ भी नहीं कह सकता यह अनिश्चित है।"

न्यूज़क्लिक ने राम माधव से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन हम असमर्थ रहे।

जम्मू कश्मीर
जम्मू-कश्मीर राज्यपाल शासन
BJP
BJP-PDP split
Article 35(A)

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Ukraine
    स्टुअर्ट ब्राउन
    यूक्रेन: एक परमाणु संपन्न राज्य में युद्ध के खतरे
    03 Mar 2022
    यूक्रेन के ऊपर रूस के आक्रमण से परमाणु युद्ध का खतरा वास्तविक बन गया है। लेकिन क्या होगा यदि देश के 15 परमाणु उर्जा रिएक्टरों में से एक भी यदि गोलीबारी की चपेट में आ जाए?
  • banaras
    विजय विनीत
    यूपी का रणः मोदी के खिलाफ बगावत पर उतरे बनारस के अधिवक्ता, किसानों ने भी खोल दिया मोर्चा
    03 Mar 2022
    बनारस में ऐन चुनाव के वक्त पर मोदी के खिलाफ आंदोलन खड़ा होना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है। इसके तात्कालिक और दीर्घकालिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। तात्कालिक तो यह कि भाजपा के खिलाफ मतदान को बल…
  • Varanasi District
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : बनारस की मशहूर और अनोखी पीतल पिचकारी का कारोबार पड़ रहा है फीका
    03 Mar 2022
    बढ़ती लागत और कारीगरों की घटती संख्या के कारण पिचकारी बनाने की पारंपरिक कला मर रही है, जिसके चलते यह छोटा उद्योग ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष रहा है।
  • migrants
    एपी
    एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी
    03 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक के अनुसार 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी…
  • medical student
    एम.ओबैद
    सीटों की कमी और मोटी फीस के कारण मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं छात्र !
    03 Mar 2022
    विशेषज्ञों की मानें तो विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह है यहां के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटों की संख्या में कमी और दूसरी वजह है प्राइवेट कॉलेजों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License