NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केरल के राज्यपाल ने विधानसभा में सीएए विरोधी प्रस्तावों पर संदर्भों को पढ़ा
राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान ने कहा ‘‘हमारी नागरिकता धर्म के आधार पर नहीं हो सकती क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के खिलाफ है जो कि हमारे संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Jan 2020
केरल के राज्यपाल

तिरुवनंतपुरम : केरल के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान ने हैरत में डालते हुए बुधवार को सदन में वाम सरकार का अपना नीतिगत संबोधन देते हुए राज्य विधानसभा द्वारा पारित संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी प्रस्ताव पर संदर्भों को पढ़ा।
विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव और कानून के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने के कदम को लेकर राज्य सरकार के साथ टकराव रखने वाले खान ने कहा कि हालांकि उनकी इस विषय पर ‘‘आपत्तियां और असहमति’’ है लेकिन वह मुख्यमंत्री की इच्छा का ‘‘सम्मान’’ करते हुए नीतिगत संबोधन के 18वें पैराग्राफ को पढ़ेंगे।
पैराग्राफ 18 सीएए विरोधी प्रस्ताव से संबंधित है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह पैरा (पैराग्राफ 18) पढ़ने जा रहा हूं क्योंकि माननीय मुख्यमंत्री चाहते हैं कि मैं यह पढूं। हालांकि मेरी यह राय है कि यह नीति या कार्यक्रम की परिभाषा के तहत नहीं आता है।’’
इस संबंध में माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार के साथ हालिया संवाद का जिक्र करते हुए खान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद उनसे पत्र में कहा था कि ‘‘यह सरकार का रुख है।’’
राज्यपाल ने कहा कि हालांकि वह इस पर असहमत है लेकिन वह मुख्यमंत्री विजयन की इच्छा का सम्मान करते हुए इस पैराग्राफ को पढ़ रहे हैं। 

राज्य सरकार के सीएए विरोधी रुख भरे संदर्भों को पढ़ते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमारी नागरिकता धर्म के आधार पर नहीं हो सकती क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के खिलाफ है जो कि हमारे संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केरल विधानसभा ने सीएए 2019 को रद्द करने का केंद्र से अनुरोध करते हुए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। मेरी सरकार को लगता है कि यह कानून हमारे संविधान में प्रदत्त प्रमुख सिद्धांतों के खिलाफ है।’’ 
खान ने कहा कि सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 को हटाने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय में एक याचिका भी दायर की।

उन्होंने कहा, ‘‘मजबूत राज्य और मजबूत केंद्र हमारे संघवाद के स्तंभ हैं। जब संवैधानिक मूल्यों की बात हो और बड़े पैमाने पर आपत्तियों हो तो राष्ट्र के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को राज्यों की असली आपत्तियों पर विचार करने की जरूरत होनी चाहिए।’’

यूडीएफ विधायकों ने राज्यपाल का रास्ता रोका

इससे पहले केरल में विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ विधायकों ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए बुधवार को विधानसभा में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का रास्ता रोका और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए तथा बैनर दिखाए।

यह घटना तब हुई जब मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और अध्यक्ष पी श्रीरामकृष्णन ने खान को नीति संबोधन के लिए विधानसभा को बुलाया।

प्रदर्शन के तकरीबन 10 मिनट के बाद मार्शलों ने बल प्रयोग कर विपक्षी सदस्यों को हटाया और राज्यपाल के लिए आसन तक रास्ता बनाया।

राज्यपाल के आसन तक पहुंचते ही राष्ट्रगान बजाया गया लेकिन विपक्ष के सदस्य आसन के समीप एकत्रित हो गए और राष्ट्रगान पूरा होने के तुरंत बाद उन्होंने ‘राज्यपाल वापस जाओ’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।

जब खान ने अपना नीति संबोधन शुरू किया तो विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए विधानसभा से बहिर्गमन किया।
नीति संबोधन का बहिष्कार करने के बाद उन्होंने विधानसभा के प्रवेश द्वार पर धरना दिया।

(भाषा से इनपुट के साथ)

arif mohammad khan
governor kerala assembly
kerala governor
ant CAA
Anti CAA Protests

Related Stories

केरल: आख़िरकार राज्यपाल ने कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए एक दिन के विधानसभा सत्र की मंज़ूरी दी

दिल्ली दंगे : चार्जशीट के मुताबिक़, सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों ने ‘प्रतिशोधी’ कार्रवाई को भड़काया

'संविधान बचाने निकल पड़ी हैं औरतें'

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा जारी, मोदी-ट्रम्प वार्ता और अन्य ख़बरें

जामिया को लेकर वीडियो वार : जेसीसी ने कहा- हाथ में पत्थर नहीं, पर्स है

CAA के समर्थन में रैली ने किया इशारा, राज ठाकरे ले चुके हैं एक नया मोड़

संविधान पर बढ़े हमलों के ख़िलाफ़ संघर्ष भी तेज़

भारत में लोकतंत्र कमजोर क्यों हुआ?

भारत की पड़ोसी को प्रथम मानने वाली नीति अपने अवसान कि ओर

CAA-NRC संविधान के आधारभूत मूल्यों के ख़िलाफ़ है


बाकी खबरें

  • विजय विनीत
    बनारस को धार्मिक उन्माद की आग में झोंकने का घातक खेल है "अज़ान बनाम हनुमान चालीसा" पॉलिटिक्स
    19 Apr 2022
    हनुमान चालीसा एक धार्मिक पाठ है। इसे किसी को जवाब देने के लिए नहीं, मन और आत्मा की शांति के लिए पढ़ा जाता है। अब इसका इस्तेमाल नफ़रती राजनीति के लिए किया जा रहा है। दिक्कत यह है कि बहुत से पढ़े-लिखे…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश फसल घोटाला: माकपा ने कहा- 4000 करोड़ के घोटाले में बिचौलिए ही नहीं भाजपाई भी हैं शामिल
    19 Apr 2022
    माकपा ने इस घोटाले का आरोप बीजेपी पर लगाते हुए कहा है कि पिछले डेढ़ दशक से भी लंबे समय से चल रहे गेहूं घोटाले में बिचौलिए ही नहीं प्रशासन और भाजपाई भी बड़े पैमाने पर शामिल हैं। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: कई राज्यों में मामले बढ़े, दिल्ली-एनसीआर में फिर सख़्ती बढ़ी 
    19 Apr 2022
    देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकारों ने कोरोना के नियमों का पालन करने जोर दिया है, और मास्क नहीं पहनने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा |
  • अजय कुमार
    मुस्लिमों के ख़िलाफ़ बढ़ती नफ़रत के ख़िलाफ़ विरोध में लोग लामबंद क्यों नहीं होते?
    19 Apr 2022
    उत्तर भारत की मज़बूत जनाधार वाली पार्टियां जैसे कि समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, बाकी अन्य दलों के नेताओं की तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया, जिससे यह लगे कि भारत के टूटते ताने-बाने को बचाने के…
  • संदीप चक्रवर्ती
    केवल आर्थिक अधिकारों की लड़ाई से दलित समुदाय का उत्थान नहीं होगा : रामचंद्र डोम
    19 Apr 2022
    आर्थिक और सामाजिक शोषण आंतरिक रूप से जुड़े हुए हैं। माकपा की पोलिट ब्यूरो में चुने गए पहले दलित सदस्य का कहना है कि सामाजिक और आर्थिक दोनों अधिकारों की लड़ाई महत्वपूर्ण है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License