NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
किसानों की नाराज़गी के चलते , सरकार ने पशु खरीद फरोख्त के नियमों में किया बदलाव
काफी विवाद के बाद केंद्र सरकार अब पशु व्यापार पर बनाये गए सख्त नियम से पीछे हटती दिख रही है I केंद्र सरकार ने Prevention Of cruelty Act 2017 में से  “स्लौटर”(पशुवध) शब्द को हटाये जाने के लिए अधिसूचना जारी की है I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Feb 2018
cows

काफी विवाद के बाद केंद्र सरकार अब पशु व्यापार पर बनाये गए सख्त नियम से पीछे हटती दिख रही है I केंद्र सरकार ने Prevention Of cruelty Act 2017 में से  “स्लौटर”(पशुवध) शब्द को हटाये जाने के लिए अधिसूचना जारी की है I

पिछले साल मई में सरकार ने जो अधिसूचना जारी की थी जिसमें पशु बाज़ार में पशु को बूचड़खाने में बेचे जाने पर रोक लगाने की कोशिश कर रही थी I इस अधिसूचना में लिखा गया था कि किसी भी व्यक्ति को बाज़ार में पशु लाने से पहले एक अधिकारी या पशु के मालिक से एक लिखित अर्ज़ी लाकर देनी होगी जिसमें ये कहा गया हो कि “पशु काटे जाने या बूचड़खाने में बेचे जाने के लिए नहीं लाया जा सकता” I

इस नियम पर मद्रास हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी और बाद में इसके खिलाफ विभिन्न किसान संगठन और दूसरे संगठन भी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गए थे I केरल, पश्चिम बंगाल और विभिन्न राज्यों ने भी इस नियम के खिलाफ रोष ज़ाहिर किया था और सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर रोक लगा दी थी I

किसानों का कहना है कि इस नियम से गाँव की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा है और किसानों के पास पशु बाज़ार के आलावा बूचडखाने तक और कोई पहुँच नहीं थी I इस बात के आलावा देश भर में गाय के नाम पर लगातार सांप्रदायिक घटनाओं में बढ़ोत्तरी को भी इस नियम से जोड़कर देखा जा रहा था I माना जा रहा था कि सरकार इन तथाकथित गौ रक्षकों को न सिर्फ मूक-दर्शक बनकर बढ़ावा दे रही है, बल्कि इस तरह के नियम लाकर इस आतंक पर  कानूनी मुहर भी लगा रही है I पिछले साल सितम्बर से शुरू हुए राजस्थान के किसान आन्दोलन ने भी इस नियम को वापस लिए जाने की माँग की थी I अदालतों की रोक के बाद सरकार ने इसपर पुनरविचार करने के लिए नवम्बर में विभिन्न राज्यों की प्रतिक्रिया जानने के लिए चिट्ठी लिखी थी I माना जा रहा है कि किसानों के दबाव में ही केंद्र सरकार अपने कदम से पीछे हटती दिखाई पड़ रही है I

हाल में जारी की गयी नयी अधिसूचना से ये साफ़ है कि सरकार पशु को बूचड़खाने में बेचे जाने पर रोक ये निर्णय से पीछे हट रही है I इस बात के आलावा नए अधिसूचना में कहा गया है कि किसी अस्वस्थ पशु को या किसी गर्भवती पशु को भी बाज़ार में बेचा नहीं जा सकता I

इस मुद्दे पर न्यूज़क्लिक से बात करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष वीजू कृष्णन ने कहा “ हम इस अधिसूचना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गए थे , जिसके बाद सुप्रीम  कोर्ट ने इस पर रोक लगई थी I हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं पर इस बदलाव के बावजूद सरकार तथाकथित गौ रक्षकों के खिलाफ न तो कोई कानून ला रही है और न ही उनपर कोई रोक लगा रही है I इस वजह है कि किसान अब भी बाज़ार में पशु ले जाने से डर रहे हैं I दरअसल इस कानून को लाने का मकसद, गौ रक्षकों को कानूनी मुहर देना था I कृषि संकट के इस समय में किसान पशु या उसका दूध बेचकर ही गुज़ारा कर रहे थे पर इस अधिसूचना की वजह से गाँव की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चर्मरा गयी है I बूचड़खाने में न बेचे जाने की वजह से आवारा पशु फसलों को बर्बाद कर रहे थे , यही वजह थी की किसान इसके इतना खिलाफ थे I”

गाय
गौ रक्षक
बीजेपी
संघ परिवार
गौ ह्त्या

Related Stories

झारखंड चुनाव: 20 सीटों पर मतदान, सिसई में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल

झारखंड की 'वीआईपी' सीट जमशेदपुर पूर्वी : रघुवर को सरयू की चुनौती, गौरव तीसरा कोण

हमें ‘लिंचिस्तान’ बनने से सिर्फ जन-आन्दोलन ही बचा सकता है

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

असमः नागरिकता छीन जाने के डर लोग कर रहे आत्महत्या, एनआरसी की सूची 30 जुलाई तक होगी जारी

अहमदाबाद के एक बैंक और अमित शाह का दिलचस्प मामला

आरएसएस के लिए यह "सत्य का दर्पण” नहीं हो सकता है

उत्तरपूर्व में हिंदुत्वा का दोगुला खेल

अशोक धावले : मोदी सरकार आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे किसान विरोधी सरकार है

छत्तीसगढ़ में नर्सों की हड़ताल को जबरन ख़तम कराया गया


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान : दलितों पर बढ़ते अत्याचार के ख़िलाफ़ DSMM का राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन
    22 Mar 2022
    दलित शोषण मुक्ति मंच(DSMM) ने पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा माँगा है और कहा राजस्थान सरकार कमजोर तबके की सुरक्षा में विफल रही है। 
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट: सुरक्षा गांरटी मिलने पर नाटो की सदस्यता पर चर्चा को तैयार यूक्रेन
    22 Mar 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार देर रात कहा कि वह संघर्ष-विराम, रूसी सैनिकों की वापसी और यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी के बदले में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता नहीं…
  • उद्धव सेठ
    यहूदियों के नरसंहार को दर्शाता उपन्यास ‘माउस’ पर प्रतिबंध सिर्फ एक पाखंड है
    22 Mar 2022
    बच्चों के लिए चित्रकथा बनाने वाले भारतीय रचनाकारों और शिक्षाविदों के मुताबिक़, टेनेसी स्कूल की ओर से लगाया गया यह प्रतिबंध बच्चों को असली ज़िंदगी की नग्नता और नस्लवाद को देखने से नहीं रोक सकता।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,581 नए मामले, 33 मरीज़ों की मौत
    22 Mar 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.74 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 70 हज़ार 515 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीरी पंडितों ने द कश्मीर फाइल्स में किए गए सांप्रदायिक दावों का खंडन किया
    22 Mar 2022
    उस वक्त की हिंसा से बचे हुए लोग इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान प्रायोजित विद्रोही समूहों के कार्यों के लिए दोषी ठहराया जा रहा है और उन्हें बदनाम किया जा रहा है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License