NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
किसानों को राहत दे पाने में असमर्थ सरकार : किसान खुद आगे आए किसानों की मदद के लिए
किसानों के संगठन अखिल भारतीय किसान सभा ने मृतक परिवार से मिलकर शोक व्यक्त करते हुए परिवार की मदद के लिए एक लाख रुपए का चेक दिया साथ ही उन्होंने सरकार से मृतक परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की।
संघर्ष संवाद
10 Feb 2018
किसान सभा

20 जनवरी को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की कोतवाली महमूदाबाद के ग्राम भौंरी में एक दलित किसान ज्ञानचंद्र की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। हमेशा की तरह न ही प्रशासन ने और न सरकार ने मृतक किसान की कोई सुध ली। किंतु इस बार किसान खुद अपने मारे गए किसान भाई की मदद के लिए आगे आए। किसानों के संगठन अखिल भारतीय किसान सभा ने मृतक परिवार से मिलकर शोक व्यक्त करते हुए परिवार की मदद के लिए एक लाख रुपए का चेक दिया साथ ही उन्होंने सरकार से मृतक परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की। हम आपके साथ यहां अखिल भारतीय किसान सभा की इस मामले पर प्रदीप शर्मा की रिपोर्ट साझा कर रहे है;
 

कर्ज मुक्ति की जगह ,किसान को मिलती है मौत की सज़ा - किसान सभा

महमूदाबाद, सीतापुर के ग्राम भौरी में दलित किसान ज्ञानचंद्र को फाइनेंस कंपनी ने ट्रेक्टर से कुचल कर मारा था। किसान सभा ने पीड़ित परिवार को एक लाख का चेक दी। सरकार से 25 लाख देने की मांग की ।

उत्तर प्रदेश, महमूदाबाद सीतापुर- गत 20 जनवरी को कोतवाली महमूदाबाद के ग्राम भौरीं में दलित किसान ज्ञानचंद्र पुत्र संतलाल की फाइनेंस कंपनी द्वारा ट्रैक्टर से कुचलकर हुई हत्या के मामले में मृतक के परिजनों को किसान सभा ने गॉव पहुंचकर मृतक की पत्नी ज्ञाना देवी को 1 लाख रुपयों का चेक सौंपा। यह जानकारी देते हुए प्रदेश महासचिव मुकुट सिंह ने बताया के घटना की जानकारी मिलते ही किसान सभा ने आकर मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि केरल से पूर्व विधायक व अखिल भारतीय किसान सभा के कोषाध्यक्ष पी कृष्ण प्रसाद,राष्टीय संयुक्त सचिव एन के शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष भारत सिंह,राज कमेटी सदस्य प्रवीण सिंह,माकपा राज्य कमेटी सदस्य प्रदीप शर्मा , वरिष्ठ अधिवक्ता अजय द्विवेदी के साथ मृतक के घर पहुंचकर अखिल भारतीय किसान सभा के माध्यम से 1 लाख रुपयों की चेक दी और संवेदना व्यक्त की।

साथ मौके पर सभा के अधिकारी मुकुट सिंह ने संबोधित भी किया और सहायता के बारे में भी बताया।उन्होंने भविष्य में भी पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार और सीतापुर के किसान अपने को अकेला न समझे हम व हमारी सभा कंधे से कन्धा मिलाकर चलेंगे। मृतक के घर पहुंचे एन के शुक्ल ने कहा कि पूरे देश में बड़ी कंपनियां किसानों के साथ गलत और अनुचित व्यवहार कर रही है।हम इससे अनभिज्ञ नही है। हमारा संगठन इस दुःख की घड़ी में आपके साथ है और न्याय के लिए यदि कही आंदोलन करने की नौबत आएगी तो हम पीछे नही हटेंगे सभा के कोषाध्यक्ष पी कृष्ण प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के मुख्य मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी बनती है मृतक की पत्नी और बच्चों के भरण पोषण के लिए 25 लाख रूपये की सहायता दी जानी चाहिए ।

हमारा संगठन इस संबंध ने तथा कई अन्य मांगों को लेकर आने वाली 15 मार्च को लखनऊ में सिटी स्टेशन के पास रफेआम क्लब में पूरे प्रदेश से एकत्रित होकर किसानों के साथ प्रदेश सरकार के समक्ष बात रखी जायेगी।इस मौके पर मृतक के भाई बाबूराम,ओमप्रकाश, लेखराम,सियाराम, मायावती,पुष्पा देवी,सुमित्रा देवी,उमा देवी, देशराज सहित सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

अखिल भारतीय किसान सभा
कृषि संकट
किसानों की आत्महत्या
उत्तर प्रदेश
सीतापुर

Related Stories

मोदी सरकार ने फसल बीमा योजना पर गुपचुप तरीके से ताला लगा दिया है

उप्र बंधक संकट: सभी बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, आरोपी और उसकी पत्नी की मौत

भारतीय अर्थव्यवस्था की मंदी दूर कर सकती है कृषि

नागरिकता कानून: यूपी के मऊ अब तक 19 लोग गिरफ्तार, आरएएफ और पीएसी तैनात

सत्ता का मन्त्र: बाँटो और नफ़रत फैलाओ!

5 सितम्बर : देश के लोकतांत्रिक आंदोलन के इतिहास में नया अध्याय

छद्मपूर्ण योजना: "आदर्श गाँव" के पाँच साल

हिमाचल : किसान सभा ने दूध के उचित दाम न मिलने को लेकर किया प्रदर्शन

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

कुल उत्पादन के एक तिहाई के लिए एमएसपी, बाकी का क्या?


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License