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भारत
राजनीति
किसानों को राहत दे पाने में असमर्थ सरकार : किसान खुद आगे आए किसानों की मदद के लिए
किसानों के संगठन अखिल भारतीय किसान सभा ने मृतक परिवार से मिलकर शोक व्यक्त करते हुए परिवार की मदद के लिए एक लाख रुपए का चेक दिया साथ ही उन्होंने सरकार से मृतक परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की।
संघर्ष संवाद
10 Feb 2018
किसान सभा

20 जनवरी को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की कोतवाली महमूदाबाद के ग्राम भौंरी में एक दलित किसान ज्ञानचंद्र की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। हमेशा की तरह न ही प्रशासन ने और न सरकार ने मृतक किसान की कोई सुध ली। किंतु इस बार किसान खुद अपने मारे गए किसान भाई की मदद के लिए आगे आए। किसानों के संगठन अखिल भारतीय किसान सभा ने मृतक परिवार से मिलकर शोक व्यक्त करते हुए परिवार की मदद के लिए एक लाख रुपए का चेक दिया साथ ही उन्होंने सरकार से मृतक परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की। हम आपके साथ यहां अखिल भारतीय किसान सभा की इस मामले पर प्रदीप शर्मा की रिपोर्ट साझा कर रहे है;
 

कर्ज मुक्ति की जगह ,किसान को मिलती है मौत की सज़ा - किसान सभा

महमूदाबाद, सीतापुर के ग्राम भौरी में दलित किसान ज्ञानचंद्र को फाइनेंस कंपनी ने ट्रेक्टर से कुचल कर मारा था। किसान सभा ने पीड़ित परिवार को एक लाख का चेक दी। सरकार से 25 लाख देने की मांग की ।

उत्तर प्रदेश, महमूदाबाद सीतापुर- गत 20 जनवरी को कोतवाली महमूदाबाद के ग्राम भौरीं में दलित किसान ज्ञानचंद्र पुत्र संतलाल की फाइनेंस कंपनी द्वारा ट्रैक्टर से कुचलकर हुई हत्या के मामले में मृतक के परिजनों को किसान सभा ने गॉव पहुंचकर मृतक की पत्नी ज्ञाना देवी को 1 लाख रुपयों का चेक सौंपा। यह जानकारी देते हुए प्रदेश महासचिव मुकुट सिंह ने बताया के घटना की जानकारी मिलते ही किसान सभा ने आकर मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि केरल से पूर्व विधायक व अखिल भारतीय किसान सभा के कोषाध्यक्ष पी कृष्ण प्रसाद,राष्टीय संयुक्त सचिव एन के शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष भारत सिंह,राज कमेटी सदस्य प्रवीण सिंह,माकपा राज्य कमेटी सदस्य प्रदीप शर्मा , वरिष्ठ अधिवक्ता अजय द्विवेदी के साथ मृतक के घर पहुंचकर अखिल भारतीय किसान सभा के माध्यम से 1 लाख रुपयों की चेक दी और संवेदना व्यक्त की।

साथ मौके पर सभा के अधिकारी मुकुट सिंह ने संबोधित भी किया और सहायता के बारे में भी बताया।उन्होंने भविष्य में भी पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार और सीतापुर के किसान अपने को अकेला न समझे हम व हमारी सभा कंधे से कन्धा मिलाकर चलेंगे। मृतक के घर पहुंचे एन के शुक्ल ने कहा कि पूरे देश में बड़ी कंपनियां किसानों के साथ गलत और अनुचित व्यवहार कर रही है।हम इससे अनभिज्ञ नही है। हमारा संगठन इस दुःख की घड़ी में आपके साथ है और न्याय के लिए यदि कही आंदोलन करने की नौबत आएगी तो हम पीछे नही हटेंगे सभा के कोषाध्यक्ष पी कृष्ण प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के मुख्य मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी बनती है मृतक की पत्नी और बच्चों के भरण पोषण के लिए 25 लाख रूपये की सहायता दी जानी चाहिए ।

हमारा संगठन इस संबंध ने तथा कई अन्य मांगों को लेकर आने वाली 15 मार्च को लखनऊ में सिटी स्टेशन के पास रफेआम क्लब में पूरे प्रदेश से एकत्रित होकर किसानों के साथ प्रदेश सरकार के समक्ष बात रखी जायेगी।इस मौके पर मृतक के भाई बाबूराम,ओमप्रकाश, लेखराम,सियाराम, मायावती,पुष्पा देवी,सुमित्रा देवी,उमा देवी, देशराज सहित सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

अखिल भारतीय किसान सभा
कृषि संकट
किसानों की आत्महत्या
उत्तर प्रदेश
सीतापुर

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