NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
किसी शिक्षाविद के ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ दर्जे को समाप्त करने की पहल नहीं की गई : एचआरडी मंत्रालय
मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय सामने आया है जब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इतिहासकार रोमिला थापर समेत ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ का दर्जा प्राप्त शिक्षाविदों से बायोडाटा मांगने के फैसले को लेकर विवाद शुरू हो गया। 
भाषा
02 Sep 2019
romila thapar
Image Courtesy: The Quint

नई दिल्ली: मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इतिहासकार रोमिला थापर समेत ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ का दर्जा प्राप्त किसी भी व्यक्ति की सेवा समाप्त करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। 

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने जुलाई में थापर को पत्र लिखकर बायोडाटा देने को कहा था ताकि वे इस बात का मूल्यांकन कर सकें कि थापर को ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ के तौर पर जारी रखना चाहिए या नहीं। थापर के अलावा वैज्ञानिक आर राजारमण, जेएनयू के पूर्व कुलपति आशीष दत्ता सहित 12 एमेरिटस प्रोफेसरों को ऐसा पत्र प्राप्त हुआ जिन्होंने 75 वर्ष की उम्र पार कर ली। विश्वविद्यालय में अभी ऐसे पदधारक 25 शिक्षाविद हैं। 

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव आर सुब्रमण्यम ने अपने ट्वीट में कहा, ‘हमने जेएनयू में प्रोफेसर एमेरिटस दर्जे से संबंधित विवाद के बारे में विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ चर्चा की है। सम्मानित शिक्षाविदों समेत किसी को भी प्रोफेसर एमेरिटस के दर्जे से वंचित करने की कोई पहल नहीं की गई है।’

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल अध्यादेश के प्रावधानों का पालन कर रहा है। बहरहाल, जवाहरलाल नेहरू शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने रविवार को अपने एक बयान में कहा कि यह ‘जानबूझकर किया गया प्रयास है और उन लोगों को अपमानित करना है जो वर्तमान प्रशासन के आलोचक हैं।’ उसने इस कदम की औपचारिक वापसी और थापर के लिए व्यक्तिगत माफी जारी करने की मांग की। 

इस पर विश्वविद्यालय ने कहा कि वह जेएनयू में ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ के पद पर नियुक्ति के लिए अपने अध्यादेश का पालन कर रहा है।

उसने कहा कि अध्यादेश के मुताबिक, विश्वविद्यालय के लिए यह जरूरी है वह उन सभी को पत्र लिखे जो 75 साल की उम्र पार कर चुके हैं ताकि उनकी उपलब्धता और विश्वविद्यालय के साथ उनके संबंध को जारी रखने की उनकी इच्छा का पता चल सके। यह पत्र सिर्फ उन ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ को लिखे गए हैं जो इस श्रेणी में आते हैं।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि उसने यह पत्र उनकी सेवा को खत्म करने के लिए नहीं बल्कि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च वैधानिक निकाय कार्यकारिणी परिषद द्वारा समीक्षा करने की जानकारी देने के लिए लिखा है और ऐसा अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयें जैसे एमआईटी और प्रिसंटन विश्वविद्यालय में भी होता है। 

आपको बता दें कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने जुलाई में थापर को पत्र लिखकर बायोडाटा देने को कहा था ताकि वे इस बात का मूल्यांकन कर सकें कि थापर को प्रोफेसर एमेरिटस के तौर पर जारी रखना चाहिए या नहीं।

Romila thapar
JNU
Jawaharlal Nehru Teachers Association
Teachers union

Related Stories

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

शिक्षाविदों का कहना है कि यूजीसी का मसौदा ढांचा अनुसंधान के लिए विनाशकारी साबित होगा

जेएनयू में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में एक व्यक्ति गिरफ़्तार, GSCASH बहाली की मांग

प्रत्यक्ष कक्षाओं की बहाली को लेकर छात्र संगठनों का रोष प्रदर्शन, जेएनयू, डीयू और जामिया करेंगे  बैठक में जल्द निर्णय

दिल्ली : विश्वविद्यालयों को खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हिरासत में  लिया

“सर्वोत्कृष्टता के संस्थान” या “बहिष्कार के संस्थान”

अंबेडकर विश्वविद्यालय: फ़ीस माफ़ी खत्म करने की योजना के ख़िलाफ़ छात्रों का प्रदर्शन

JNU हिंसा: क्या दिल्ली पुलिस अधूरी तस्वीर पेश कर रही है?


बाकी खबरें

  • सुहित के सेन
    हिन्दू दक्षिणपंथ द्वारा नफरत फैलाने से सांप्रदायिक संकेतों वाली राजनीति बढ़ जाती है  
    08 Apr 2022
    पत्रकारों और अल्पसंख्यकों पर हमले और भाजपा सरकारों के बदतर शासन के रिकॉर्ड दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।
  • लाल बहादुर सिंह
    MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?
    08 Apr 2022
    एक ओर किसान आंदोलन की नई हलचलों का दौर शुरू हो रहा है, दूसरी ओर उसके ख़िलाफ़ साज़िशों का जाल भी बुना जा रहा है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मिड-डे-मील में लापरवाहीः बिहार के बाद राजस्थान में खाने के बाद 22 बच्चे बीमार
    08 Apr 2022
    मिड-डे-मील योजना में लापरवाही से बच्चों के बीमार पड़ने की ख़बरें अक्सर आती रही हैं। ताज़ा मामला राजस्थान का है जहां इस भोजन के करने के बाद 22 बच्चों के बीमार होने की बात सामने आई है।
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा-सपा की सीधी टक्कर
    08 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव भी बेहद दिलचस्प होने वाले हैं, क्योंकि ज्यादातर सीटों पर भाजपा-सपा के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है तो कहीं-कहीं बाहुबलियों के करीबी अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं।
  • मार्को फर्नांडेज़
    चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र
    08 Apr 2022
    अमेरिकी में विदेश नीति के विशेषज्ञ लैटिन अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को लेकर सतर्क हो गए हैं, यह भावना आने वाले वक़्त में और भी तेज़ होगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License