NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कनाडा : कोर्ट ने गैस पाइपलाइन के ख़िलाफ़ स्वदेशी लोगों की याचिका को ख़ारिज किया
स्थानीय लोग उनकी ज़मीन पर गैस पाइपलाइन लगने का विरोध कर रहे थे। इस पाइपलाइन की वजह से उनके अधिकार और पर्यावरण पर पर ख़तरा मंडरा रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
05 Feb 2020
कनाडा

कनाडा की फ़ेडरल कोर्ट ने सर्वसम्मति से मल्टीबिलियन डॉलर की गैस पाइपलाइन के ख़िलाफ़ स्थानीय लोगों की याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है। इसका मतलब यह है कि 1150 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का यह प्रोजेक्ट अब शुरू हो गया है।

अपने फ़ैसले में कोर्ट ने कहा है कि अगर स्थानीय लोगों की सभी याचिकाओं को स्वीकार कर लिया जाता है तो "सलाह-मशविरा जारी रहेगा और प्रोजेक्ट कभी शुरू नहीं हो पाएगा, और याचिकाकर्ताओं का इस पर de facto veto अधिकार हो जाएगा।"

ट्रांस माउंटेन पाइपलाइन एडमोंटन, अल्बर्टा से ब्रिटिश कोलंबिया तट तक चलती है। क्षेत्र में स्वदेशी समूह ने परियोजना की अनुमति देने से पहले उनसे परामर्श करने में सरकार की विफलता के प्रति अपनी नाराज़गी व्यक्त की है। वे क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण पर अपने अधिकारों पर पाइपलाइन के संभावित प्रभाव के बारे में भी चिंतित हैं।

कनाडा का क़ानून यह कहता है कि अगर कोई प्रोजेक्ट स्वदेशी जनजतियों के अधिकारों को प्रभावित करता है, तो यह अनिवार्य है कि सरकार उनसे मशविरा करे। इस मामले में स्वदेशी लोगों के लिए सुरक्षित पेयजल का अधिकार सवालों के घेरे में है।

पिछले साल अगस्त में जारी हुई एक अपील में फ़ेडरल कोर्ट ने इस प्रोजेक्ट की मंज़ूरी रोक दी थी क्योंकि सरकार स्थानीय आबादी से बात करने में विफल रही थी।

5.6 बिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्ट को कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए ज़रूरी बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है और कहा है कि प्रोजेक्ट से आने वाला रेवेन्यू रिन्यूएबल एनर्जी के स्त्रोत बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा।

स्थानीय लोगों को इस क्षेत्र में ट्रेफिक बढ़ने का डर सता रहा है, जिससे स्थानीय वातावरण और जलवायु पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने फ़ैसले से असहमति और निराशा जताई है और कहा है कि पाइपलाइन के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। 

canada
Gas Pipeline
indigenous population

Related Stories

पंजाब: अपने लिए राजनीतिक ज़मीन का दावा करतीं महिला किसान

अधिकार समूहों ने कनाडा से सऊदी अरब को हथियारों की बिक्री रोकने को कहा

यूएस-जर्मन नॉर्ड स्ट्रीम-2 गैस पाइपलाइन सौदे में तीसरा भागीदार भी है

टोरंटो में बेघरों के शिविरों पर पुलिस की कार्रवाई, 26 गिरफ़्तार

कनाडा : अनुबंध वार्ता विफल होने के बाद 2,400 से अधिक खनिकों ने हड़ताल की

इज़रायल से ड्रोन ख़रीदने के कनाडा के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध तेज़

कनाडा ने ट्रम्प समर्थक, श्वेत वर्चस्ववादी समूह "प्राउड बॉयज़" को आतंकवादी संगठन घोषित किया

‘भांग कोई ख़तरनाक मादक पदार्थ नहीं’,संयुक्त राष्ट्र की इस नयी धारणा का क्या मायने ?

फ़ेसबुक ने पाइपलाइन विरोधी सोशल मीडिया अभियान से कुछ ही दिन पहले दर्जनों खातों को ब्लॉक किया

भारत को फ़ाइव आइज़ देशों के साथ नहीं होना चाहिए


बाकी खबरें

  • Budget 2022
    भरत डोगरा
    जलवायु बजट में उतार-चढ़ाव बना रहता है, फिर भी हमेशा कम पड़ता है 
    18 Feb 2022
    2022-23 के केंद्रीय बजट में जलवायु परिवर्तन, उर्जा नवीनीकरण एवं पर्यावरणीय संरक्षण के लिए जिस मात्रा में समर्थन किये जाने की आवश्यकता है, वैसा कर पाने में यह विफल है।
  • vyapam
    भाषा
    व्यापमं घोटाला : सीबीआई ने 160 और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया
    18 Feb 2022
    केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वर्ष 2013 के प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में धांधली करने के आरोप में 160 और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया है। आरोपियों में प्रदेश के तीन निजी मेडिकल…
  • Modi
    बी सिवरमन
    मोदी के नेतृत्व में संघीय अधिकारों पर बढ़ते हमले
    18 Feb 2022
    मोदी सरकार द्वारा महामारी प्रबंधन के दौरान अनुच्छेद 370 का निर्मम हनन हो, चाहे राज्यों के अधिकारों का घोर उल्लंघन हो या एकतरफा पूर्ण तालाबंदी की घोषणा हो या फिर महामारी के शुरुआती चरणों में अत्यधिक…
  • kannauj
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: कन्नौज के पारंपरिक 'इत्र' निर्माता जीवनयापन के लिए कर रहे हैं संघर्ष
    18 Feb 2022
    कच्चे माल की ऊंची क़ीमतें और सस्ते, सिंथेटिक परफ्यूम के साथ प्रतिस्पर्धा पारंपरिक 'इत्र' निर्माताओं को पहले से कहीं अधिक प्रभावित कर रही है।
  • conteniment water
    सौरभ शर्मा
    यूपी चुनाव: कथित तौर पर चीनी मिल के दूषित पानी की वजह से लखीमपुर खीरी के एक गांव में पैदा हो रही स्वास्थ्य से जुड़ी समस्यायें
    18 Feb 2022
    लखीमपुर खीरी ज़िले के धरोरा गांव में कथित तौर पर एक चीनी मिल के कारण दूषित होते पानी के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांव के लोग न सिर्फ़ स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, बल्कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License