NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कनाडाः तेल-पाइपलाइन विस्तार को लेकर लोगों का विरोध तेज़
पाइपलाइन विस्तार को लेकर विरोध कर रहे लोगों सहित दो सांसदों को गिरफ़्तार किया गया।
पवन कुलकर्णी
26 Mar 2018
pm Trudeau

कनाडाई सीनेट द्वारा किंडर मॉर्गन ट्रांस पाइपलाइन के विस्तार को सर्वसम्मति से 22 मार्च को पारित किए जाने के बाद इसका विरोध करने वालो का प्रदर्शन तेज़ हो गया है। लोग संघीय सरकार के एडमॉन्टन और बर्नबे के बीच मौजूदा 1,150 किलोमीटर की पाइपलाइन के विस्तार के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित 7.4 बिलियन डॉलर की परियोजना का विरोध कर रहे हैं।

19 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के तीन बाद शनिवार 23 मार्च को दो सांसद को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों सांसदों में एक एलिज़ाबेथ मे जो कि ग्रीन पार्टी से हैं और केनेडी स्टेवर्ट जो कि नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं। दोनों सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट की आदेश की अवहेलना करते हुए इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। ज्ञात हो कि अदालत ने पिछले हफ्ता अपने आदेश में कहा था कि प्रदर्शनकारियों को कार्य स्थल से पांच मीटर दूर ही रहना है।

अदालत में पेश होने के वादे के बाद एक पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद, एलिज़ाबेथ मे ने प्रस्तावित पाइपलाइन को "विनाशकारी, जलवायु-नष्ट करने वाली" परियोजना के रूप में बताते हुए कहा कि उनकी एकजुटता स्थानीय लोगों के साथ जारी रहेगी, "जिनकी ज़मीन पर बर्बरता का यह काम किया जा रहा है। अहिंसावादी नागरिक अवज्ञा जलवायु को लेकर जागरूक, जिम्मेदार नागरिक का नैतिक दायित्व है।"

"मैं किंडर मॉर्गन को जारी किए गए परमिट की वैधता पर अदालत के फैसले का इंतज़ार करती हूं। दुर्भाग्य से संघीय सरकार और टेक्सास निगम संघीय न्यायालय के फैसले का इंतज़ार नहीं कर रहे हैं। किंडर मॉर्गन पर्यावरण और स्थानीय अधिकारों के लिए अपूर्णीय क्षति करने वाले कृत्यों के लिए प्रतिबद्ध है।"

इसी दिन विक्टोरिया के लगभग 100 लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए। ये लोग एनडीपी के सांसद मर्रे रनकिंम के आवास के बाहर इकट्ठा हुए। मर्रे ने पिछले महीने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडियो के उस बयान की आलोचना की थी जिसमें उन्होंने पाइपलाइन विस्तार की बात कही थी। मर्रे ने प्रधानमंत्री के इस कार्य की आलोचना करते हुए इसे "हमारे समुद्र तट के साथ रूसी रूले खेलने" के रूप में चित्रित किया था। ट्रूडियो के इस बयान के जवाब में कि राष्ट्रहित में विरोध प्रदर्शन के बावजूद इस पाइपलाइन का निर्माण किया जाएगा रनकिन ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में कहा कि, "पर्यटन उद्योग, हमारे अधिकार, मतस्य हितों सहित अन्य दुर्लभ प्रजातियों पर होने तेल रिसाव को लेकर हमारी वाजिब चिंता है।"

किंडर मॉर्गन के अधीन हुई घटनाएं, तेल रिसाव और कदाचार के आंकड़े

साल 2007 में जब निर्माण करने वाला एक दल इनलेट ड्राइव पर काम कर रहा था तो अचनाक कार्य के दौरान किंडर मॉर्गन की मौजूदा पाइपलाइन में छिद्र हो गया। बर्नबे के निवासी इसके गवाह थे। बर्नबे नाउ से बात करते हुए एक निवासी ने कहा कि इस पाइपलाइन से जाने वाला कच्चा तेल आस पास के इलाके में चारों तरफ फैल रहा था। पाइपलाइन से यह 30 फीट ऊंचा निकल रहा था जिससे आसपास के सड़क, पेड़ और जमीन पूरी तरह भर गए थे। सड़क पर ये काला तेल फैल गया था। बर्नबे पुलिस, फायर विभाग और इंजीनियरिंग विभाग के इमर्जेंसी ग्रुप फौरन हरकत में आया और फौरन 225 निवासियों को इलाका खाली कर देने को कहा।

ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, "ये कच्चा तेल आसपास की ज़मीन, स्टॉर्म ड्रेन और सीवर में भी चला गया। बर्नेट हाइवे कई दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। स्टॉर्म ड्रेन से गुज़रते हुए ये कच्चा तेल अंततः बर्रार्ड इनलेट के समुद्र तट तक पहुंच गया जहां यह हवा और ज्वार के माध्यम से इनलेट में फैलाना शुरू हो गया। बर्रार्ड इनलेट का समुद्री वातावरण और लगभग 1,200मीटर की तटरेखा इस कच्चे तेल के फैलने से प्रभावित हुई। इस तेल के संपर्क में आने के बाद किनारे पर रहने वाली कई पक्षियां इससे प्रभावित हो गई।"

इनवायरमेंट मैनेजमेंट एक्ट के तहत कचरे से वातारवरण में होने वाले प्रदूषण के चलते अक्टूबर 2011 में यूएस की कंपनी किंडर मॉर्गन को दोषी ठहराए जाने के बाद इसे पाइपलाइन के नज़दीक खुदाई का पता लगाने की सुविधा के लए सुरक्षित खुदाई के लिए वर्कशॉप को फंड करने के लिए एक सौ हज़ार डॉलर का योगदान देने का आदेश दिया गया था।

यह किंडर मॉर्गन की पाइपलाइनों में होने वाली दुर्घटनाओं में पहली या एकमात्र नुकसानदेह घटना नहीं है। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ ट्रंस्पोर्टेशन्स पाइपलाइन एंड हजार्डस मैटेरियनल सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार यूएस में जहां किंडर मॉर्गन का मुख्यालय है, वर्ष 2006 से इस साल फरवरी तक कुल 121 घटनाएं हुईं जिससे इसके पाइपलाइनों से 17,598 ग्रॉस बैरल खतरनाक तेल निकल गए, इससे 63,192,218 डॉलर की कुल संपत्ति नुकसान हुआ।

फाइनांशियल रिसर्च फर्म हेजे की एक साल 2013 की रिपोर्ट में किंडर मॉर्गन द्वारा कई असुरक्षित कार्यों को रेखांकित किया गया है जो दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ाता है।

किंडर मॉर्गन की पाइपलाइनों की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए इस रिपोर्ट ने साल 2012 के इस तथ्य पर ध्यान आकर्षित किया है कि "किंडर मॉर्गन ने 30 बिलियन डॉलर से ज़्यादा क़ीमत में तब की सबसे बड़ी गैस पाइपलाइन कंपनी एल पासो को हासिल कर लिया था। किंडर मॉर्गन पहले से ही 70-99% के रखरखाव के खर्च में कटौती कर दी है और रखरखाव [पूंजी व्यय] में 60% तक कटौती कर दी है। हमारे विचार में यह चिंताजनक है कि किन्डर मॉर्गन के समर्थकों का मानना है कि यह एक अच्छा व्यवसायिक काम है।"

साइटलाइन इंस्टिट्यूट द्वारा इस कंपनी के धोखाधड़ी को उजागर किया गया है। "उपभोक्ता के भंडार से कोयले की चोरी करने, गैसोलिन में खतरनाक कचरे को मिश्रित करने और अन्य जुर्म में किंडर मॉर्गन पर यूएस सरकार द्वारा जुर्माना लगाया गया था।"

साल 2016 में ब्रिटिश कोलोम्बिया सरकार ने, 300,000 बैरल क्षमता से लेकर 890,000 बैरल तक तिगुना करने को लेकर इस आधार पर कि तेल के रिसाव की संभावना के साथ इस कंपनी ने पर्याप्त प्रावधान नहीं बनाए थे, औपचारिक रूप से मौजूदा पाइपलाइन के समानांतर एक अन्य पाइपलाइन का निर्माण करने का विरोध किया था।

हालांकि प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए अपनी वचनबद्धता को स्पष्ट कर दिया है कि यह कनाडा की अर्थव्यवस्था में सुधार लाएगा और रोज़गार पैदा करेगा। कई आलोचकों को ये कार्य पूरी तरह अस्वीकार्य है। क्लाइमेट जस्टिस प्रोजेक्ट के वरिष्ठ अर्थशास्त्री और निदेशक मार्क ली ने तर्क दिया है, "कोई भी आर्थिक लाभ छोटे और अस्थायी निर्माण कार्य होंगे" उन्होंने आगे कहा कि "हालांकि, तेल रिसाव से बड़े पैमाने पर आर्थिक ख़तरा है और ये मतस्य एवं पर्यटन उद्योग जैसे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए ख़तरा है।

उन्होंने कहा कि यद्यपि जलवायु परिवर्तन के विरूद्ध वैश्विक लड़ाई में कनाडा को अग्रणी देश के रूप में जाना जाता है, लेकिन ट्रूडियो के निर्णय ने "जलवायु परिवर्तन के अग्रणी के रूप में अमान्य कर दिया है। प्रधानमंत्री गलत दिशा में जा खड़े हैं जो इतिहास का हिस्सा है।"

कॉर्पोरेट मैपिंग प्रोजेक्ट के सहनिदेशक बिल कैरोल ने कहा कि "प्रधानमंत्री ट्रूडियो सही हैं कि ट्रांजिशन (जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ऊर्जा में) को निवेश की आवश्यकता है, लेकिन उस अर्थ में नहीं जो प्रधानमंत्री का इरादा है।"

ग्रीन पार्टी
न्यूज़ डेमोक्रेटिक पार्टी
कैनेडी स्टीवर्ट
एलिज़ाबेथ मेह

Related Stories


बाकी खबरें

  • tourism sector
    भाषा
    कोरोना के बाद से पर्यटन क्षेत्र में 2.15 करोड़ लोगों को रोज़गार का नुकसान हुआ : सरकार
    15 Mar 2022
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्यटन पर महामारी के प्रभावों को लेकर एक अध्ययन कराया है और इस अध्ययन के अनुसार, पहली लहर में 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा जबकि दूसरी लहर में 52…
  • election commission of India
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल
    15 Mar 2022
    दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली नगर निगम चुनावो को टालने का मन बना लिया है। दिल्ली चुनावो की घोषणा उत्तर प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले 9 मार्च को होनी थी लेकिन आयोग ने इसे बिल्कुल…
  • hijab
    सीमा आज़ाद
    त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है
    15 Mar 2022
    इस बात को दरअसल इस तरीके से पढ़ना चाहिए कि "हर धार्मिक रीति का पालन करना औरतों का अनिवार्य धर्म है। यदि वह नहीं है तभी उस रीति से औरतों को आज़ादी मिल सकती है, वरना नहीं। "
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
    15 Mar 2022
    एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
  • Karnataka High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब  मामला: हिजाब इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका
    15 Mar 2022
    अदालत ने अपना फ़ैसला सुनते हुए यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इसे संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कहा जा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License