NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया में वामपंथी कार्यकर्ताओं की हत्याओं का विरोध, हजारों लोग सड़कों पर उतरे
कोलंबिया के ओम्बुड्समैन कार्यालय के अनुसार, 2016 में सरकार के देश के सबसे बड़े विद्रोही समूह ‘रेवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेज ऑफ कोलंबिया’ के साथ शांति समझौता किए जाने के बाद कम से कम 462 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है।
एपी
27 Jul 2019
Protests Planned Across Colombia in Defense of Social Leaders

बोगोटा : कोलंबिया में हजारों लोग देश के शांति समझौते के मद्देनजर वामपंथी कार्यकर्ताओं की हत्याओं के सिलसिले को खत्म करने की मांग को लेकर शुक्रवार रात को सड़कों पर उतरे।

बड़े और छोटे शहरों में सफेद कपड़े पहने हुए प्रदर्शनकारी ‘‘बिना नेता के शांति नहीं हो सकती’’ तथा ‘‘अब और खूनखराबा नहीं’’ के पोस्टरों के साथ सड़कों पर उतरे।

कोलंबिया में आधी सदी से चल रहे रक्तरंजित सशस्त्र संघर्ष को खत्म करने की कोशिश पर ये हत्याएं धब्बे की तरह हैं।

कोलंबिया के ओम्बुड्समैन कार्यालय के अनुसार, 2016 में सरकार के देश के सबसे बड़े विद्रोही समूह ‘रेवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेज ऑफ कोलंबिया’ के साथ शांति समझौता किए जाने के बाद कम से कम 462 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है।

राष्ट्रपति इवान ड्यूक ने अंतिम क्षण में अपनी रूढ़िवादी डेमोक्रेटिक सेंटर पार्टी में कुछ लोगों की इच्छाओं के विरुद्ध प्रदर्शनों का समर्थन करने का फैसला किया है।

हाल ही में एक रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा था कि वह शांति समझौते के तत्वों को लेकर कोलंबिया में ‘‘ध्रुवीकरण और विभाजन’’ पर खेद जताते हैं

colombia
Protests
genocide
left activist
Ombudsman office
Revolutionary Armed Forces of Colombia

Related Stories

जेएनयू में छात्रा से छेड़छाड़, छात्र संगठनों ने निकाला विरोध मार्च

हैदराबाद के बाद उन्नाव को लेकर ग़म और गुस्सा, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा

क्या योगी राज में अब विरोध प्रदर्शन का अधिकार ख़त्म हो गया है?

हरियाणा : कांग्रेस प्रवक्ता की हत्या के खिलाफ कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

सूडान संकट : हिंसा में मृतकों की संख्या 100 से ज़्यादा हुई

बांदीपोरा रेप केस में जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया, शुक्रवार तक रिपोर्ट मांगी


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License