NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कॉर्बेट में ‘मौज-मस्ती’ से आर्थिक संकट का हल नहीं निकलेगा: येचुरी
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ‘अब यह कोई सुनी सुनाई बात नहीं है। हर दिन पुख्ता आंकड़े आ रहे हैं जो हर क्षेत्र में आर्थिक संकट की गंभीरता बयां कर रहे हैं।’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Aug 2019
सीताराम येचुरी

नई दिल्ली: माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा कि संकट का सामना कर रही अर्थव्यवस्था का हल जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान में ‘मौज-मस्ती’से नहीं निकलेगा।

उनकी यह टिप्पणी डिस्कवरी चैनल पर सोमवार को प्रसारित ‘मैन वर्सेज वाइल्ड’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिखाई देने के बाद आई है, जिसकी शूटिंग कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान में हुई थी।

The fun and frolic in Corbett will not provide the solution to this grave economic crisis, created by the government since 2014. We have not heard any coherent plan from the govt except same rabid, divisive spiel meant to cause social disharmony. pic.twitter.com/9Lfi1jLxNl

— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) August 14, 2019

येचुरी ने ट्वीट किया, ‘कॉबेर्ट में मौज मस्ती से, गंभीर संकट से गुजर रही अर्थव्यस्था का हल नहीं निकलेगा, जिसे सरकार 2014 से ही पैदा कर रही है। हमने सरकार की कोई स्पष्ट योजना के बारे में नहीं सुना, सिवाय वहीं पुराने कट्टर, विभाजनकारी भाषण के, जिससे सामाजिक कटुता पैदा होती है।’

माकपा महासचिव ने कहा, ‘अब यह कोई सुनी सुनाई बात नहीं है। हर दिन पुख्ता आंकड़े आ रहे हैं जो हर क्षेत्र में आर्थिक संकट की गंभीरता बयां कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखने वाले और अर्थव्यवस्था के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार लोग गायब हैं या वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।’

This is no longer some anecdotal evidence. Hard data every single day is driving home the gravity of the economic crisis which engulfs all sectors. The writing is on the wall and those responsible for managing the economy are missing or distracting from the real issue. pic.twitter.com/lrxR0CrfOr

— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) August 14, 2019

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मैन वर्सेस वाइल्ड’ में बियर ग्रिल्स के साथ मिलकर नदी के ठंडे पानी में राफ्ट बोट पर सवारी की थी। डिस्कवरी चैनल के ‘मैन वर्सेस वाइल्ड विद बियर ग्रिल्स एंड प्राइम मिनिस्टर मोदी’ में दोनों ने उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में ठंड और बारिश में शूटिंग की।

आपको बता दें कि सोमवार की रात इस इस शो के प्रसारण से पहले ही इसे लेकर कुछ विवाद भी हुआ था। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया था कि इस शो की शूटिंग फरवरी में पुलवामा हमले वाले दिन हुई थी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

 

Sitaram yechury
CPM
Narendra modi
economic crises
indian economy
Economic Recession
man vs wild
Discovery channel

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • Women Hold Up More Than Half the Sky
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    महिलाएँ आधे से ज़्यादा आसमान की मालिक हैं
    19 Oct 2021
    हाल ही में जारी हुए श्रम बल सर्वेक्षण पर एक नज़र डालने से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 73.2% महिला श्रमिक कृषि क्षेत्र में काम करती हैं; वे किसान हैं, खेत मज़दूर हैं और कारीगर हैं।
  • Vinayak Damodar Savarkar
    डॉ. राजू पाण्डेय
    बहस: क्या स्वाधीनता संग्राम को गति देने के लिए सावरकर जेल से बाहर आना चाहते थे?
    19 Oct 2021
    बार-बार यह संकेत मिलता है कि क्षमादान हेतु लिखी गई याचिकाओं में जो कुछ सावरकर ने लिखा था वह शायद किसी रणनीति का हिस्सा नहीं था अपितु इन माफ़ीनामों में लिखी बातों पर उन्होंने लगभग अक्षरशः अमल भी किया।
  • Pulses
    शंभूनाथ शुक्ल
    ‘अच्छे दिन’ की तलाश में, थाली से लापता हुई ‘दाल’
    19 Oct 2021
    बारिश के चलते अचानक सब्ज़ियों के दाम बढ़ गए हैं। हर वर्ष जाड़ा शुरू होते ही सब्ज़ियों के दाम गिरने लगते थे किंतु इस वर्ष प्याज़ और टमाटर अस्सी रुपए पार कर गए हैं। खाने के तेल और दालें पहले से ही…
  • migrant worker
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कश्मीर में प्रवासी मज़दूरों की हत्या के ख़िलाफ़ 20 अक्टूबर को बिहार में विरोध प्रदर्शन
    19 Oct 2021
    "अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद घाटी की स्थिति और खराब हुई है। इससे अविश्वास का माहौल कायम हुआ है, इसलिए इन हत्याओं की जिम्मेवारी सीधे केंद्र सरकार की बनती है।”
  • Non local laborers waiting for train inside railwaysation Nowgam
    अनीस ज़रगर
    कश्मीर में हुई हत्याओं की वजह से दहशत का माहौल, प्रवासी श्रमिक कर रहे हैं पलायन
    19 Oct 2021
    30 से अधिक हत्याओं की रिपोर्ट के चलते अक्टूबर का महीना सबसे ख़राब गुज़रा है, जिसमें 12 नागरिकों की हत्या शामिल हैं, जिनमें से कम से कम 11 को आतंकवादियों ने क़रीबी टारगेट के तौर पर मारा है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License