NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोरियाई प्रायद्वीप में अब कोई युद्ध नहीं होगा, किम और मून ने की घोषणा
उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेताओं ने शांति और यहाँ तक कि अंतिम एकीकरण के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदमों के साथ एक संयुक्त बयान जारी कियाI
पवन कुलकर्णी – द डॉन न्यूज़
28 Apr 2018
Translated by महेश कुमार
Moon Jae-in

आज का उत्तर-दक्षिण कोरिया शिखर सम्मेलन, जिसने पहली बार देखा कि कोरियाई युद्ध के बाद उत्तरी कोरिया नेता वास्तविक सीमा पार कर पहली बार दक्षिण में प्रवेश किया और दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने संयुक्त बयान दिया।

कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के कार्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता दोहराए जाने के अलावा, बयान में सैन्य शत्रुता को समाप्त करने और शांति संधि को आगे बढ़ाने के लिए भी सहमत हुए है। संयुक्त बयान में यह भी संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष प्रायद्वीप के दीर्घकालिक उद्देश्य जिसमें कोरिया के एकीकरण की भी रुचि रखते हैं।

उत्तरी कोरियाई नेता किम जोंग-एन के आमंत्रण पर आज सुबह दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई द्वारा उत्तरी कोरिया के डी.एम्.जेड. (जहाँ भारी जोकि सैन्य जमावड़ा) है, उस क्षेत्र में दौरा किया और उसके बाद वार्ता के लिए पनमुंजम के सीमावर्ती गांव में चर्चा के लिए दक्षिण लोट गए। गांव में पीस हाउस में बैठक में प्रवेश करने से पहले, किम ने अतिथि पुस्तक में "शांति के नए युग" की घोषणा करने वाले एक संदेश पर हस्ताक्षर किए।

अपने नए दृढ़ संकल्प को मून के सामने दोहराते हुए किम ने कहा "नए इतिहास को रचने के लिए यह सन्देश भेज रहा हूँ कि," वे परमाणु मिसाइल परीक्षण रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं, और दक्षिण कोरियाई नेताओं की सुबह की सुरक्षा मीटिंगों के लिए जो भागना पड़ता था, किम ने मून से मजाक किया अब, "हम आपकी सुबह की सुबह नींद में बाधा नहीं डालेंगे।"

बंद दरवाजे की वार्ता के पहले दौर के बाद जो 100 मिनट तक चली, जहां कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणुकरण से मुक्त करने के मुद्दे पर चर्चा की गई और घोषणा का मसौदा तैयार करने का निर्णय लिया गया, उसके लिए पहला सत्र स्थगित कर दिया गया।

4:30 पीएम (कोरियाई समय) पर वार्ता के एक और दौर के बाद, दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए जो शांति समझौते तक पहुंचने के लिए कई निर्णयों पर सहमत हुए।

दोनों कोरियाई लोगों के बीच दुश्मनी "शीत युद्ध अवशेष" कहते हुए, संयुक्त बयान ने पुष्टि की कि, "दोनों नेताओं ने ईमानदारी से 8 करोड़ कोरिया के लोगों और पूरी दुनिया के लिए घोषित किया कि कोरियाई प्रायद्वीप में अब युद्ध नहीं होगा और इस प्रकार शांति का नया युग शुरू हो गया है। "

सैन्य शत्रुता को समाप्त करने के लिए प्रैक्टिकल उपायों पर सहमति हुई

सैन्य मोर्चे पर, दोनों पक्ष "भूमि, वायु और समुद्र समेत प्रत्येक डोमेन में एक दूसरे के खिलाफ सभी शत्रुतापूर्ण कृत्यों को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए सहमत हुए हैं"।

"मिलिट्री जोन को गैर-मिलिट्री जों में बदलने के लिए" – जो वास्तव में सीमा का काम करता है को वास्तविक शांति क्षेत्र में बदला जाएगा, दोनों कोरियाई इस साल 1 मई से सभी प्रचार गतिविधियों को समाप्त करने पर सहमत हुए हैं। इनमें बड़े पैमाने पर लाउडस्पीकरों और पुस्तिकाओं के वितरण पर प्रचार संदेश प्रसारित करना शामिल है। 

अतीत में, उत्तरी रेखा सीमा में संघर्ष, जो समुद्री सागर में सैन्य सीमा रेखा से विस्तारित समुद्री सीमा है, जिसमें दोनों पक्षों के कई सैन्य कर्मियों की मौत हो गई थी और कई युद्धपोतों डूब गयेत थे। "आकस्मिक सैन्य संघर्षों को रोकने और सुरक्षित गतिविधियों की गारंटी" के लिए, देश "पश्चिमी सागर में उत्तरी सीमा के आसपास के क्षेत्रों को समुद्री शांति क्षेत्र में बदलने के लिए एक व्यावहारिक योजना तैयार करने पर सहमत हुए हैं"।

दोनों पक्षों में एकीकरण की रुचि पर संकेत

विशेष रूप से अमेरिका और विदेशी शक्तियों के भौगोलिक रणनीतिक हितों ने ऐतिहासिक रूप से युद्ध के बाद से प्रायद्वीप इस झगडे को बढाने में योगदान दिया है। बयान में कहा गया है कि "दक्षिण और उत्तरी कोरिया अपने स्वयं के समझौते पर कोरियाई राष्ट्र की नियति निर्धारित करने के सिद्धांत की पुष्टि करता है", इसका विशेष महत्व है, क्योंकि यह दक्षिण कोरिया के अमेरिकी स्टैंड से स्वतंत्र, अपने स्टैंड पर जोर देने के इरादे का संकेत देता है।

दोनों देशों ने घोषणा की है कि वे 2018 एशियाई खेलों जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में संयुक्त रूप से भाग लेंगे, यह घोषणा करके अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम हैं।

बयान में "कोरियाई राष्ट्र" का उपयोग भी नई संभावनाओं का द्वार खोलता है। संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि "राष्ट्रीय सुलह और एकता की भावना को फिर से जीवंत करने के लिए ... सभी स्तरों पर सक्रिय सहयोग, आदान-प्रदान, दौरे और संपर्क को बढ़ावा दिया जायगा"।

बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि उत्तर कोरिया के दक्षिणी हिस्से में गाईसॉन्ग शहर में, दोनों पक्षों के निवासी प्रतिनिधियों के साथ एक संपर्क कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा, "अधिकारियों के बीच घनिष्ठ परामर्श की सुविधा के लिए"।

इसके अलावा, "दोनों पक्ष पूर्वी परिवहन गलियारे के साथ-साथ सियोल और सिनुइजू के बीच रेलवे और सड़कों के कनेक्शन और आधुनिकीकरण की दिशा में व्यावहारिक कदम उठाने पर सहमत हुए।"

परमाणु मुक्त कोरिया के लिए प्रतिबद्धता

1953 का कोरियाई युद्ध उत्तरी कोरिया, अमेरिका और चीन के बीच एक युद्धविराम के साथ समाप्त हुआ था। हालांकि, एक शांति संधि की अनुपस्थिति में, दोनों देश तकनीकी रूप से अभी भी युद्ध में हैं।

इस अनिश्चित स्थिति को समाप्त करने के लिए, दोनों देश कोरियाई प्रायद्वीप पर स्थायी और ठोस शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से सहयोग करने के लिए सहमत हुए हैं। बयान में कहा गया है कि सेना के वर्तमान अप्राकृतिक अवस्था को खत्म करना और कोरियाई प्रायद्वीप पर एक मजबूत शांति व्यवस्था स्थापित करना एक ऐतिहासिक मिशन है जिसमें  किसी भी कारण से देरी नहीं होनी चाहिए।

हालांकि, यह मानते हुए कि अमेरिका और चीन के बिना कोई शांति समझौता प्रभावी नहीं हो सकता है, बयान बैठक में दोनों देशों को शामिल करने का एक आम इरादा रखता है।

"दक्षिण और उत्तरी कोरिया दो कोरियाई और संयुक्त राज्य अमेरिका, या दोनों कोरियाई, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन से जुड़े त्रिपक्षीय बैठकों को सक्रिय रूप से युद्ध के अंत को घोषित करने और स्थायी और ठोस शांति निजाम स्थापित करने के दृष्टिकोण से आगे बढ़ने पर सहमत हुए हैं, "बयान पुष्टि करता है।

एक बार दोनों पक्षों द्वारा विभिन्न उपायों पर सहमति मिलने के बाद सैन्य तनाव को कम करना शुरू हो गया, उत्तर और दक्षिण कोरिया ने "चरणबद्ध तरीके से निरस्त्रीकरण करने के लिए सहमति व्यक्त की"।

"दक्षिण और उत्तरी कोरिया ने परमाणु मुक्त कोरियाई प्रायद्वीप, पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के की जरूरत को महसूस करने के सामान्य लक्ष्य की पुष्टि की। दक्षिण और उत्तर ने इस विचार को साझा किया कि उत्तरी कोरिया द्वारा शुरू किए जाने वाले उपाय कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए बहुत सार्थक और महत्वपूर्ण हैं और सहमत हैं बयान में कहा गया है कि इस संबंध में अपनी संबंधित भूमिकाएं और जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए तैया हैं।

हालांकि, कोरियाई प्रायद्वीप के मुक्त परमाणुकरण का अर्थ है कि अमेरिकी जहाजों और पनडुब्बियां पर प्रतिबंध हो जो कोरियाई जल में परमाणु हथियार ले जाने का काम करती है यह अभी अनुत्तरित प्रश्न हैं।

संयुक्त वक्तव्य के बाद, किम ने शांति हासिल करने के लिए दोनों देशों द्वारा किए गए पिछले प्रयासों की असफलताओं के स्पष्ट संदर्भ में कहा: "हमें उम्मीद है कि हम अतीत की अपनी  गलती नहीं दोहराएंगे .. मुझे उम्मीद है कि यह एक अवसर होगा जब कोरियाई लोग उत्तर से दक्षिण में स्वतंत्र रूप से स्थानांतरित हो सकेंगे। हमें अपने इतिहास के लिए जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।"

सफलता का स्वागत करते हुए, जापानी प्रधान मंत्री शिन्जो आबे ने कहा, "आज राष्ट्रपति मून  जेए-इन और अध्यक्ष किम जोंग यून ने उत्तरी कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के बारे में गंभीर चर्चा की। मैं उत्तरी कोरिया से संबंधित विभिन्न मुद्दों के व्यापक संकल्प की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में आपका स्वागत करना चाहता हूं। "

"कोरियन वॉर टू एंड!", (कोरिया के युद्ध को समाप्त होना होगा) डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट करके इसका लाभ लेने से पहले ट्वीट किया, "संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सभी महान लोगों को कोरिया में जो हो रहा है पर बहुत गर्व होना चाहिए!"

लेकिन उन्होंने यह भी नोट किया, "अच्छी चीजें तो हो रही हैं, लेकिन केवल समय ही बताएगा!

उत्तर और दक्षिण कोरिया ने इस क्षेत्र में शांति की स्थापना की उम्मीद के प्रति एक बड़ा कदम उठाया है। फिर भी, कई चुनौतियां बनी हुई हैं, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका के भू-रणनीतिक हितों के इस स्वागत की पहल की सुचारु प्रगति की अनुमति लेनी होगी, जिसमें इस क्षेत्र को अच्छे से बदलने की क्षमता है।

North Korea
South Korea
Moon Jae-in
DMZ

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

अमेरिका को महसूस हो रही है चीन के साथ आर्थिक संबंध सुधारने की ज़रूरत

अटलांटा में हुई गोलीबारी में 8 लोगों की मौत, एशिया-विरोधी भेदभाव का संदेह

क्रांतिकारी जब जागते हैं, वह प्रेम के सिवा और किसी चीज़ की परवाह नहीं करते 

दक्षिण कोरियाई ऑटो कर्मचारियों की बेहतर वेतन को लेकर हड़ताल तेज़

क्यों दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक साझेदारी यानी आरसीईपी में भारत शामिल नहीं हुआ?

अमेरिकी प्रतिनिधि के दक्षिण कोरिया दौरे में 'उत्तर कोरिया के साथ वार्ता' की चर्चा प्रमुखता से पाई गई

दक्षिण कोरिया से कम्युनिकेशन बंद होने पर "कोरियाई शांति प्रक्रिया" में हो सकती है बाधा

प्रमोटर पर चले मुकदमा और एपीपीसीबी की ज़िम्मेदारी तय हो: पूर्व सचिव सरमा

दक्षिण कोरिया : कोरोना वायरस महामारी के बीच वामपंथी गठबंधन की संसदीय चुनाव में भारी बहुमत से जीत


बाकी खबरें

  • Western media
    नतालिया मार्क्वेस
    यूक्रेन को लेकर पश्चिमी मीडिया के कवरेज में दिखते नस्लवाद, पाखंड और झूठ के रंग
    05 Mar 2022
    क्या दो परमाणु शक्तियों के बीच युद्ध का ढोल पीटकर अंग्रेज़ी भाषा के समाचार घराने बड़े पैमाने पर युद्ध-विरोधी जनमत को बदल सकते हैं ?
  •  Mirzapur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी: चुनावी एजेंडे से क्यों गायब हैं मिर्ज़ापुर के पारंपरिक बांस उत्पाद निर्माता
    05 Mar 2022
    बेनवंशी धाकर समुदाय सभी विकास सूचकांकों में सबसे नीचे आते हैं, यहाँ तक कि अनुसूचित जातियों के बीच में भी वे सबसे पिछड़े और उपेक्षित हैं।
  • Ukraine return
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे ठाले:  मौत के मुंह से निकल तो गए लेकिन 'मोदी भगवान' की जय ना बोलकर एंटिनेशनल काम कर गए
    05 Mar 2022
    खैर! मोदी जी ने अपनी जय नहीं बोलने वालों को भी माफ कर दिया, यह मोदी जी का बड़प्पन है। पर मोदी जी का दिल बड़ा होने का मतलब यह थोड़े ही है कि इन बच्चों का छोटा दिल दिखाना ठीक हो जाएगा। वैसे भी बच्चे-…
  • Banaras
    विजय विनीत
    बनारस का रण: मोदी का ग्रैंड मेगा शो बनाम अखिलेश की विजय यात्रा, भीड़ के मामले में किसने मारी बाज़ी?
    05 Mar 2022
    काशी की आबो-हवा में दंगल की रंगत है, जो बनारसियों को खूब भाता है। यहां जब कभी मेला-ठेला और रेला लगता है तो यह शहर डौल बांधने लगाता है। चार मार्च को कुछ ऐसा ही मिज़ाज दिखा बनारस का। यह समझ पाना…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 6 हज़ार नए मामले, 289 मरीज़ों की मौत
    05 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 5,921 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 29 लाख 57 हज़ार 477 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License