NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
कोस्टा रिका बना समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाला पहला सेंट्रल अमेरिकन देश
ये क़ानून देश में वामपंथी और प्रगतिशील आंदोलनों द्वारा शुरू किए गए एक दशक लंबे संघर्ष का परिणाम है।

पीपल्स डिस्पैच
27 May 2020
cos

कोस्टा रिका पहला केंद्रीय अमेरिकी देश बन गया है जिसने 26 मई को समलैंगिक विवाह को मान्यता दे दिया।

अगस्त 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने संसद से 'देश के फैमिली कोड' में संशोधन करने के लिए कहा था जो 26 मई 2020 तक समलैंगिक विवाह पर प्रतिबंध लगाता है। संशोधन न होने पर समलैंगिक विवाह स्वतः क़ानूनी होगा। कोस्टा रिका की संसद ने इस क़ानून में संशोधन करने के लिए वोट नहीं किया और न ही इसने लेजिस्लेटिव एसेंबली के पादरी एडुआर्डो क्रूक्सशंक के अध्यक्ष सहित अपने कुछ रूढ़िवादी सदस्यों के अनुरोध को अदालत से इसमें देरी करने की अनुमति दी।

राष्ट्रपति कार्लोस अल्वाराडो ने ट्वीट किया “कोस्टा रिका आधिकारिक रूप से समान विवाह को मान्यता देता है। आज हम स्वतंत्रता, समानता और लोकतांत्रिक संस्थानों का जश्न मनाते हैं। सहानुभूति और प्यार वह कम्पास हो सकता है जो हमें आगे बढ़ने और एक ऐसे देश का निर्माण करने की अनुमति देता है जहां सभी लोग फिट हों।”

उन्होंने इस क्षेत्र के देशों को समलैंगिक विवाह को वैध बनाने के लिए कहते हुए 2018 में इंटर-अमेरिकन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स द्वारा जारी किए गए आदेशों पर कार्रवाई करने का वादा किया था।

समलैंगिक विवाह को वैध बनाना देश में वामपंथी और प्रगतिशील आंदोलनों की एक बड़ी जीत है जो पिछले एक दशक से समानता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दिन के लिए एक बड़ा उत्सव होना था जो COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए लागू किए गए सामाजिक दूरी के मानदंडों के कारण रद्द कर दिया गया। हालांकि, ये उत्सव सरकारी टेलीविजन और सोशल मीडिया पर मनाया गया।

इसे क़ानून बनने के बाद एक समलैंगिक जोड़े 24 वर्षीय डारिता अराया अर्गिडास और 29 वर्षीय एलेक्जेंड्रा क्विरोस कैस्टिलियो का विवाह हो गया। उनका विवाह को सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया।

साउथ और सेंट्रल अमेरिकन क्षेत्र में अर्जेंटीना, ब्राजील, इक्वाडोर और मैक्सिको कुछ ऐसे देश हैं जिन्होंने समलैंगिक विवाह को मान्यता दे दी है।

costa rica
same sex marriage
communist movement
communist idealogy

Related Stories

मैक्सिको के युकाटन प्रांत ने समलैंगिक विवाह को वैध किया

मैक्सिको के प्रांत बाजा कैलिफ़ोर्निया और सिनालोआ ने समान-लिंग विवाह को वैध किया  

कोस्टा रिकाः आईएमएफ़ से सरकार के क़रार के ख़िलाफ़ सामाजिक संगठन और ट्रेड यूनियन की आंदोलन की तैयारी


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान : दलितों पर बढ़ते अत्याचार के ख़िलाफ़ DSMM का राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन
    22 Mar 2022
    दलित शोषण मुक्ति मंच(DSMM) ने पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा माँगा है और कहा राजस्थान सरकार कमजोर तबके की सुरक्षा में विफल रही है। 
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट: सुरक्षा गांरटी मिलने पर नाटो की सदस्यता पर चर्चा को तैयार यूक्रेन
    22 Mar 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार देर रात कहा कि वह संघर्ष-विराम, रूसी सैनिकों की वापसी और यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी के बदले में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता नहीं…
  • उद्धव सेठ
    यहूदियों के नरसंहार को दर्शाता उपन्यास ‘माउस’ पर प्रतिबंध सिर्फ एक पाखंड है
    22 Mar 2022
    बच्चों के लिए चित्रकथा बनाने वाले भारतीय रचनाकारों और शिक्षाविदों के मुताबिक़, टेनेसी स्कूल की ओर से लगाया गया यह प्रतिबंध बच्चों को असली ज़िंदगी की नग्नता और नस्लवाद को देखने से नहीं रोक सकता।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,581 नए मामले, 33 मरीज़ों की मौत
    22 Mar 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.74 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 70 हज़ार 515 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीरी पंडितों ने द कश्मीर फाइल्स में किए गए सांप्रदायिक दावों का खंडन किया
    22 Mar 2022
    उस वक्त की हिंसा से बचे हुए लोग इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान प्रायोजित विद्रोही समूहों के कार्यों के लिए दोषी ठहराया जा रहा है और उन्हें बदनाम किया जा रहा है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License