NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
कोयला घोटाला : नवीन जिंदल सहित पांच के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश
जिंदल के अलावा जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के पूर्व निदेशक सुशील मारू, पूर्व उपप्रबंध निदेशक आनंद गोयल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रांत गुजराल और डी एन अबरोल के खिलाफ आरोप तय किया जाना है।
भाषा
01 Jul 2019
Naveen
फोटो साभार: Punjab Kesari

दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कोयला खंड आवंटन घोटाला मामले में सोमवार को उद्योगपति नवीन जिंदल और चार अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।

विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने जिंदल एवं अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420 (धोखाधड़ी) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया।

जिंदल के अलावा जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के पूर्व निदेशक सुशील मारू, पूर्व उपप्रबंध निदेशक आनंद गोयल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रांत गुजराल और कंपनी की ओर से हस्ताक्षर करने के लिये अधिकृत अधिकारी डी एन अबरोल के खिलाफ आरोप तय किया जाना है।

अदालत मध्य प्रदेश में अर्टन नॉर्थ कोयला खंड के आवंटन से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी।

अदालत ने मामले में आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिये 25 जुलाई की तारीख तय की है।

झारखंड में अमरकोंडा मुर्गादंगल कोयला खंड आवंटन मामले में कथित अनियमितताओं से संबंधित अन्य मामले में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसारी नारायण राव और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के साथ जिंदल को भी आरोपी बनाया गया है।

मामले में सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार आरोपियों ने मध्य प्रदेश कोयला खंड का अधिकार पाने के लिये स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष अपने जनवरी2007 के आवेदन में गलत तथ्य दिये थे और गलत तरीके से लाभ पाने के लिये कोयला मंत्रालय को धोखे में रखा, जिसकी वजह से इस कोयला खंड के लिये उनके नाम की सिफारिश की गयी।

मंत्रालय ने अक्टूबर 2009 में कंपनी को आवंटन पत्र जारी किया था।

जांच एजेंसी ने आरोपपत्र में 60 दस्तावेजों को जोड़ने के अलावा अपने मामले को साबित करने के लिये 64 व्यक्तियों के नाम अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर शामिल किये हैं।

आरोपपत्र में कहा गया है कि प्रतिक्रिया फॉर्म में कंपनी ने दो मायने में गलत दावे किये कि उसने झारखंड के पतरातू परियोजना के लिये पहले ही964 एकड़ भूमि अधिगृहित कर ली है और उसने ओडिशा में अपने अंगुल परियोजना के लिये 4,340 करोड़ रुपये के उपकरण का ऑर्डर दे दिया है।

naveen jindal
delhi court
coal mines
coal fraud
steel plant

Related Stories

न्यायपालिका को बेख़ौफ़ सत्ता पर नज़र रखनी होगी

उन्नाव  कांड : दिल्ली की अदालत ने सेंगर को तिहाड़ भेजने को कहा


बाकी खबरें

  • Air India sold to Tata
    वी श्रीधर
    एयर इंडिया: परिवार की चांदी को बट्टे-खाते के भाव बेचा
    16 Oct 2021
    एयर इंडिया को टाटा द्वारा अधिग्रहण करने से भारतीय विमानन बाजार में एक कुलीन वर्ग के पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। एयर इंडिया की बिक्री के लिए उसके बढ़ते भारी नुकसान को उचित ठहराया जा रहा है, जबकि…
  • UP
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्टः आजमगढ़ में दलित बच्ची से रेप की घटना को दबाने में लगा पुलिसिया सिस्टम, न्याय के लिए भटकता परिवार 
    16 Oct 2021
    रेप और हत्या की शिकार बच्ची की मां कहती हैं, "रौनापार के थानेदार ने हमें बुलवाया और कहा- जो होना था हो गया। तुम लोग अपनी जुबान बंद रखो। पुलिस के साथ मिलकर रहो। पैसा दिलवा देंगे। ग्राम प्रधान से भी…
  • lakhimpur
    लाल बहादुर सिंह
    लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड, योगी-मोदी सरकार के लिए भारी पड़ सकता है
    16 Oct 2021
    किसानों को भाजपाई मंत्री की गाड़ी से कुचले जाने का जो वीडियो वायरल हुआ है, उसने हर संवेदनशील इंसान को, जिसने भी उसे देखा, वह चाहे जिस जाति-धर्म या दल का समर्थक हो, उसे हिला कर रख दिया है। वह दृश्य…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 15,981 नए मामले, 166 मरीज़ों की मौत
    16 Oct 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.59 फ़ीसदी यानी 2 लाख 1 हज़ार 632 हो गयी है।
  • mandala
    रूबी सरकार
    बार-बार विस्थापन से मानसिक, भावनात्मक व शारीरिक रूप से टूट रहे आदिवासी
    16 Oct 2021
    "जल, जंगल, जमीन ही हमारी सम्पत्ति है। सरकार हमें विस्थापित कर हमारी संस्कृति को ही खत्म कर देना चाहती है। यह तो आदिवासियों के साथ अन्याय है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License