NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
करगिल में अनुच्छेद 370 दोबारा लागू कराने की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया
पूर्व मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता कमर अली अखून ने कहा, ‘हम अखंड राज्य चाहते हैं। जम्मू, लद्दाख और कश्मीर को एक इकाई होना चाहिये। हम अनुच्छेद 370 की वापसी की लड़ाई लड़ रहे हैं।’
भाषा
08 Aug 2019
article 370

करगिल: जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के कदम के विरोध में रैली निकालने के मामले में कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। करीब 300 लोगों ने ज्वांइट एक्शन कमेटी के बैनर तले आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत लगी रोक को तोड़ते हुये एक रैली निकाली थी।

अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कुछ लोगों को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई मामूली तनातनी के बाद हिरासत में ले लिया गया। पत्रकारों से बात करते हुये पूर्व मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता कमर अली अखून ने कहा, ‘हम अखंड राज्य चाहते हैं। जम्मू, लद्दाख और कश्मीर को एक इकाई होना चाहिये। हम अनुच्छेद 370 की वापसी की लड़ाई लड़ रहे हैं।’

कांग्रेस की जिला इकाई के अध्यक्ष नसीर हुसैन मुंशी ने कहा कि केंद्र सरकार ने ‘हमारे मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन किया है।’

उन्होंने कहा, ‘वे हमारी अभिव्यक्ति के अधिकार का उल्लंघन कर रहे हैं। आज हमने अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के खिलाफ एक शांतिपूर्ण रैली निकाली लेकिन रैली निकालने से रोक दिया गया ।’

कमेटी करगिल ने इस संदर्भ में करगिल के उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी दिया है। गत सोमवार को सरकार ने अनुच्छेद 370 के कुछ प्रावधानों को हटाने का ऐलान किया था और राज्य को दो संघ शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख में बांटने की घोषणा की थी।

Article 370
Jammu and Kashmir
kargil
Narendra modi
Modi government
BJP
Qamar Ali Akhun

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License