NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कर्नाटक में उलटी गिनती शुरू: कांग्रेस सांप्रदायिक भाजपा से लड़ने की तैयारी में
भाजपा का सार्वजनिक मुख्य अभियान साम्प्रदायिक मुद्दों पर रहा जिसे वह नकारती रही है I
सुबोध वर्मा
12 May 2018
Translated by महेश कुमार
karnataka

कर्णाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा और नई सरकार का चुनाव करने के लिए दक्षिणी के इस महत्वपूर्ण में राज्य में 12 मई को चुनाव होगा। लड़ाई ज्यादातर सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी और उसकी खिलाफ दावेदार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच है। चुनावी लाभ प्राप्त करने के लिए मतदाताओं को सांप्रदायिक रूप से ध्रुवीकरण करने के लिए भाजपा ने  व्यापक रूप से अभियान चलाया है, यह चुनाव दोनों के बीच में भाजपा द्वारा कड़े संघर्ष से लड़ने का व्यापक प्रयास है – जबकि  कांग्रेस इसे अपने मज़बूत पर्दर्शन के साथ विशेष रूप से इसके मुख्यमंत्री सिद्धारमैयाह, पूरी तरहसे भाजपा  का मुकाबला करने के कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं ।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पालतू नारे 'सबका साथ, सबका विकास' के साथ खड़े होने का दावा करने के बावजूद, जो ज्यादातर चुनाव अभियानों के दौरान दिखाई दिया, औपचारिक चुनाव अभियान शुरू होने से पहले ही बीजेपी का खेल स्पष्ट हो गया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने नवंबर 2017 में सभी जिलों में सार्वजनिक सभाओं के आयोजन के साथ 79 दिन कर्नाटक में परिवर्तन यात्रा की थी। उन्होंने मुसलमानों द्वारा हिंदुओं पर हमलों वाले मुद्दों जिन्हें भाजपा के साहयक हिंदुत्व समूहों द्वारा उठाया जा रहा था रूप से उन्ही विशिष्ट मुद्दों को उठाया। उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए कुछ लोगों के परिवारों का दौरा भी किया। यह सब उन्होंने  तटीय कर्नाटक जिलों में किया जहां मुस्लिम आबादी अपेक्षाकृत अधिक है।

इस साम्प्रदायिक आग को भड़काने वाले अभियान का सीधा परिणाम यह था कि दिसंबर में, उत्तरा कन्नड़ जिले के होनोवार, कुमाता और सिरसी - तीन शहरों में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई। बाद की रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस जांच से पता चला कि घटनाओं को झूठी अफवाह के तहत इंजीनियर किया गया था। इन रिपोर्टों से यह भी पता चला कि इस हिंसा को उकसाने के लिए एक बीजेपी सांसद की जांच की जा रही थी, जबकि सोशल मीडिया के माध्यम से हिंसा को उकसाने के लिए एक उन पर मुक़दमा दर्ज किया गया था। जनवरी 2018 की शुरुआत में, उसी क्षेत्र में दक्षिणी कन्नड़ जिले में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि विशेष रूप से तटीय क्षेत्र, और सामान्य रूप से कर्नाटक की सांप्रदायिक गतिविधियों के लिए उपजाऊ जमीन रही है और अब कई वर्षों से यहाँ साम्रदायिक घृणा का माहौल बना हुआ है। हिंदुत्व ब्रिगेड के विभिन्न फ्रंट संगठन सबसे मध्ययुगीन प्रकार के मुद्दे जैसे प्रेम जिहाद, मस्जिद निर्माण, जेहादियों की घुसपैठ आदि तथाकथित नैतिक मुद्दे पुलिस के माध्यम से उठा रही है साथ ही वे तथाकथित अपमानजनक पश्चिमी संस्कृति से लड़ने जैसे मुद्दों को भी उठा रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में सांप्रदायिकता की 291 घटनाएं हुई हैं, और राज्य में इस तरह की हिंसा राज्य को सबसे सांप्रदायिक हिंसक राज्य में से एक बना रही है।

बीजेपी - सभी झगड़े के बावजूद कि वह  "सबका साथ" के लिए प्रतिबद्ध है - योगी आदित्यनाथ को कर्नाटक में प्रचार करने के लिए आमंत्रित करती है, यह इस तथ्य का प्रमाण है कि यह सांप्रदायिक कार्ड के साथ राज्य में खेल रही है। योगी की प्रसिद्धि का क्या कारण है? यूपी में अबी तक उनका प्रदर्शन क्या है, कानून और व्यवस्था की बिगड़ती हुई स्थिति, किसानों का संकट में होना, दलितों पर हमले और बढ़ती बेरोजगारी जिसे आम युवा परेशान है।

योगी हमेशा आक्रामक हिंदुत्व का रुख रखने वाले व्यक्ति है, जो अपने कटु भाषणों और वक्तव्य में व्यक्त करते है। वे कुछ भी कह सकते हैं बावजूद कि दूसरों - यहां तक कि मोदी के रोकने के बावजूद भी। योगी को कर्नाटक में अपनी यात्रा को उस वक्त रोकना पड़ा जब आगरा में बड़ी संख्या में धूल से भरे तूफान के बाद मौतें हुईं और इसके लिए उनकी कर्णाटक में प्रचार करने की आलोचना हुयी। लेकिन एक प्रचारक के रूप में अपने संक्षिप्त प्रचार में, उन्होंने घोषणा की कि बीजेपी कर्नाटक में 'राम राज्य' लाने जा रही है, और सिद्धारामिया जेहादी तत्वों पर नरम रुख रखते हैं और भाजपा का घिसा-पिटा राग कि उसके खिलाफ साड़ी राष्ट्र विरोधी ताकते इकट्ठी हो गयी हैं को अभियान के दौरान अलापा।

मोदी खुद - हालांकि अधिक चौकस - करण आचार्य द्वारा बनाए गए गुस्से भरे हनुमान के चित्र के लिए  उनकी महान प्रशंसा की घोषणा करते हैं और उसका हिंदुत्व समर्थकों ताकतों ने खूब इस्तेमाल किया। उन्होंने इस शानदार कला की ओर असहिष्णुता के लिए कांग्रेस की भी आलोचना की। केंद्रीय सरकार के प्रदर्शन के आधार पर पार्टी के लिए समर्थन इकट्ठा करने के उनके प्रयासों ने कर्नाटक में ज्यादा उत्साह नहीं देखी जा रही है।

क्या नफरत की यह राजनीति काम करेगी? इसने गुजरात और उत्तराखंड जैसे कुछ स्थानों पर काम किया है - लेकिन यह बिहार और पंजाब जैसे अन्य लोगों पर असर नहीं कर पायी थी। कांग्रेस ने सीधे इसका सामना करके और कन्नड़ गौरव के माध्यम से वैकल्पिक रैलींग प्वाइंट के रूप में इसे बाधित करने की कोशिश की है। राहुल गांधी ने विभिन्न मठों का भी दौरा किया ताकि और कुछ हिंदुत्व सहानुभूति इकट्ठा कर सके जोकि यह उनका पुराना और बेकार तरीका है। अधिक सार्थक संभावना है कि सिद्धारमैया की लोकंमुख नीतियाँ लोगों को हिंदुत्व विकल्प से आकर्षित होने से रोक सकती हैं।

जो कुछ भी हो, कर्नाटक इतिहास के केंद्र में। आज का मतदान भविष्य पर एक लंबी परछाई डालेगा।

कर्नाटका चुनाव
कांग्रेस
BJP
JDS
Modi
B S Yeddyurappa

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    लखनऊ ही नहीं पूरे अवध में खिसकी भाजपा की ज़मीन
    22 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने लखनऊ और उसके आसपास के गांवों में जानने की कोशिश की कि आखिर अवध में भाजपा की ज़मीन को आवारा पशु, महंगाई और बेरोज़गारी ने कितना नुकसान पहुंचाया। वाम…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या कोविड के पुराने वेरिएंट से बने टीके अब भी कारगर हैं?
    22 Feb 2022
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ कोविड -19 के मौजूदा हालात के बारे में बात करेंगे और यह समझेंगे की क्या कोविड के पुराने वेरिएंट से बने टीके अब भी कारगर हैं व उसके नए वेरिएंट्स पर प्रभावकारी है। इसके अलावा हम…
  • unemployment
    अजय कुमार
    बढ़ती बेरोजगारी पूछ रही है कि देश का बढ़ा हुआ कर्ज इस्तेमाल कहां हो रहा है?
    22 Feb 2022
    कहीं ऐसा तो नहीं कि भाजपा अपने लिए चुनावी चंदा इकट्ठा करने के लिए देश पर क़र्ज़ का बोझ डाल रही है?
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: भाजपा का कोई मुद्दा नहीं चल रहा!
    22 Feb 2022
    आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में होने वाले चौथे चरण के मतदान की जहाँ उन्हें लगता है की भाजपा को नुकसान हो सकता है।
  • party
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनाव पांचवा चरण:  दाग़ी और करोड़पति प्रत्याशियों पर ज्यादा विश्वास करती हैं राजनीतिक पार्टियां
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के चुनाव जारी हैं, ऐसे में ADR ने पांचवे चरण के लिए प्रत्याशियों की कुंडली खंगालकर लोगों के सामने रख दी। भाजपा से लेकर सपा तक सभी पार्टियों में दाग़ी और करोड़पति प्रत्याशियों की भीड़ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License