NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कर्नाटक संकट: सुप्रीम कोर्ट ने विधायकों के मसले पर स्पीकर को 16 जुलाई तक निर्णय से रोका
सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश से कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के 10 बागी विधायकों के इस्तीफों और उनकी अयोग्यता के मसले पर अगले मंगलवार तक कोई भी निर्णय नहीं लिया जाये।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
12 Jul 2019
फाइल फोटो

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के आर रमेश कुमार से कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के 10 बागी विधायकों के इस्तीफों और उनकी अयोग्यता के मसले पर अगले मंगलवार तक कोई भी निर्णय नहीं लिया जाये। 

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की तीन सदस्यीय पीठ ने सुनवाई के दौरान ‘महत्वपूर्ण मुद्दे उठने’ का जिक्र करते हुये कहा कि वह इस मामले में 16 जुलाई को आगे विचार करेगी और शुक्रवार की स्थिति के अनुसार तब तक यथास्थिति बनाये रखी जानी चाहिए।

पीठ ने अपने आदेश में विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार इन बागी विधायकों के त्यागपत्र और अयोग्यता के मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लेंगे ताकि मामले की सुनवाई के दौरान उठाये गये व्यापक मुद्दों पर न्यायालय निर्णय कर सके।

पीठ ने अपने आदेश में इस तथ्य का भी जिक्र किया है कि विधानसभा अध्यक्ष और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत बागी विधायकों द्वारा दायर याचिका की विचारणीयता का मुद्दा भी उठाया है।

पीठ ने यह भी कहा कि बागी विधायकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने विधानसभा अध्यक्ष की इस दलील का प्रतिवाद किया है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों के इस्तीफे के मसले पर विचार करने से पहले उनकी अयोग्यता के मामले पर निर्णय लेना होगा।

पीठ ने कहा कि इन सभी पहलुओं और हमारे समक्ष मौजूद अधूरे तथ्यों की वजह से इस मामले में आगे सुनवाई की जरूरत है। पीठ ने कहा, ‘सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण विषय उठने के मद्देनजर, हमारा मत है कि इस मामले में हमें मंगलवार को भी विचार करना होगा। हमारा मानना है कि आज की स्थिति के अनुसार यथास्थिति बनाये रखी जाये। न तो इस्तीफे के बारे में और न ही अयोग्यता के मुद्दे पर मंगलवार तक निर्णय किया जायेगा।’

क्या हुआ अदालत में?

बागी विधायकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष ने इस्तीफों पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है और इसे लंबित रखने के पीछे उनकी मंशा इन विधायकों को पार्टी व्हिप का पालन करने के लिये बाध्य करना है।

उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने शीर्ष अदालत पहुंचने के लिये बागी विधायकों की मंशा पर सवाल किये हैं और मीडिया की मौजूदगी में उनसे कहा, ‘गो टु हेल।’

रोहतगी ने कहा, ‘अध्यक्ष को इन इस्तीफों पर फैसला लेने के लिये एक या दो दिन का समय दिया जा सकता है और यदि वह इस अवधि में निर्णय नहीं लेते हैं तो उनके खिलाफ अवमानना का नोटिस दिया जा सकता है।'
 
संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुये उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सदन में कराये गये विधायी और दूसरे कार्य न्यायालय की समीक्षा के दायरे से बाहर हैं लेकिन इस्तीफों का मामला ऐसा नहीं है।

मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी से सवाल किया कि क्या उन्हें शीर्ष अदालत के आदेश को चुनौती देने का अधिकार है।

सिंघवी ने कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुये कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक है और बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिये पेश याचिका पर फैसला करने के लिये वह संवैधानिक रूप से बाध्य हैं।

उन्होंने कहा, ‘अध्यक्ष विधानसभा के बहुत ही वरिष्ठ सदस्य हैं। वह संवैधानिक प्रावधानों को जानते हैं। उन्हें इस तरह से बदनाम नहीं किया जा सकता।'

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा कि न्यायालय ने बागी विधायकों के इस्तीफे के मामले में विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस दिये बगैर ही ‘एकपक्षीय’ आदेश पारित किया है।

धवन का कहना था कि इन विधायकों ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये हैं लेकिन उसका पक्ष सुने बगैर ही आदेश पारित किया गया।

उन्होंने कहा कि बागी विधायकों में से एक विधायक पर पोंजी योजना में संलिप्त होने का आरोप है और इसके लिये ‘हमारे ऊपर आरोप लगाया जा रहा है’। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को स्वयं को इस तथ्य के बारे में संतुष्ट करना होगा कि इन विधायकों ने स्वेच्छा से इस्तीफे दिये हैं।
शीर्ष अदालत ने बृहस्पतिवार को विधानसभा अध्यक्ष से कहा था कि 10 बागी विधायकों के इस्तीफे के मामले में तत्काल फैसला किया जाये।

इसके साथ ही न्यायालय ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक को मुंबई से बेंगलुरू पहुंच रहे बागी विधायकों को हवाई अड्डे से विधानसभा तक समुचित सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया था।
 
कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक संकट के दौरान अभी तक कुल 16 विधायक (कांग्रेस के 13 और जद (एस) के तीन विधायक) इस्तीफा दे चुके हैं। दो निर्दलीय विधायकों ने भी 13 महीने पुराने सत्तारूढ़ गठबंधन से अपना समर्थन वापस ले लिया है। 

विश्वासमत कराना चाहते हैं कर्नाटक के मुख्यमंत्री

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि वह विश्वासमत कराना चाहते हैं और उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार से इसके लिये समय तय करने को कहा है।

संकटग्रस्त जद(एस) नेता ने यह भी कहा कि वह हर परिस्थिति के लिये तैयार हैं और वह सत्ता से चिपके रहने वाले व्यक्ति नहीं हैं।

कर्नाटक में मौजूदा राजनीतिक हलहल के बीच विधानसभा की बैठक में कुमारस्वामी ने सदन में विश्वासमत कराने का अनुरोध किया। कर्नाटक में उपजे राजनीतिक गतिरोध ने उनकी सरकार की स्थिति डांवाडोल कर दी है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ )

Resignation Of Rebel Mlas
Political Crisis In Karnataka
Karnataka Political Crisis
Congress-Jds Coalition
karnataka
Karnataka Assembly
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Hijab
    अजय कुमार
    आधुनिकता का मतलब यह नहीं कि हिजाब पहनने या ना पहनने को लेकर नियम बनाया जाए!
    14 Feb 2022
    हिजाब पहनना ग़लत है, ऐसे कहने वालों को आधुनिकता का पाठ फिर से पढ़ना चाहिए। 
  • textile industry
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः "कानपुर की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी"
    14 Feb 2022
    "यहां की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी है। जमीनी हकीकत ये है कि पिछले दो साल में कोरोना लॉकडाउन ने लोगों को काफ़ी परेशान किया है।"
  • election
    ओंकार पुजारी
    2022 में महिला मतदाताओं के पास है सत्ता की चाबी
    14 Feb 2022
    जहां महिला मतदाता और उनके मुद्दे इन चुनावों में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं, वहीं नतीजे घोषित होने के बाद यह देखना अभी बाक़ी है कि राजनीतिक दलों की ओर से किये जा रहे इन वादों को सही मायने में ज़मीन पर…
  • election
    सत्यम श्रीवास्तव
    क्या हैं उत्तराखंड के असली मुद्दे? क्या इस बार बदलेगी उत्तराखंड की राजनीति?
    14 Feb 2022
    आम मतदाता अब अपने लिए विधायक या सांसद चुनने की बजाय राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के लिए मतदान करने लगा है। यही वजह है कि राज्य विशेष के अपने स्थानीय मुद्दे, मुख्य धारा और सरोकारों से दूर होते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 34,113 नए मामले, 346 मरीज़ों की मौत
    14 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.12 फ़ीसदी यानी 4 लाख 78 हज़ार 882 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License