NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कर्नाटक संकट: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, विश्वास मत पर आज ही होगी वोटिंग
भाजपा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से कहा कि अगर उन्हें संविधान और राज्य की जनता में विश्वास है तो वह ‘इस्तीफा दें और घर जाएं।’
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
22 Jul 2019
फाइल फोटो

बेंगलुरु: कर्नाटक में 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार के भविष्य का फैसला करने वाली विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत करते हुए अध्यक्ष केआर रमेश ने सरकार से कहा कि वह शक्ति परीक्षण की प्रक्रिया सोमवार को पूरी करने के अपने वादे का सम्मान करे।

सदन की कार्यवाही एक घंटा देरी से शुरू हुई। अध्यक्ष ने यह स्पष्ट किया कि ‘चर्चा अब शुरू की जाए। सबकी नजर हम पर है। मुझे बलि का बकरा ना बनाएं। अपने लक्ष्य तक पहुंचें।’

उन्होंने इसपर जोर दिया कि यह प्रक्रिया सोमवार को समाप्त हो जानी चाहिए। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में एक पंक्ति का विश्वास प्रस्ताव रखा था। गौरतलब है कि कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन के 16 विधायकों के इस्तीफे और दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने के कारण राज्य की गठबंधन सरकार का भविष्य डांवाडोल लग रहा है।

विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुक्रवार को भी जारी रही और राज्यपाल द्वारा इसे समाप्त करने के लिए तय दोनों समय-सीमा का पालन नहीं हुआ। राज्यपाल वजुभाई वाला ने पहले शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे तक और बाद में दिन की समाप्ति तक प्रक्रिया पूरी करने को कहा था।

शुक्रवार को प्रक्रिया पूरी नहीं होने के बाद अध्यक्ष ने सरकार से यह वादा लिया था कि वह इसे सोमवार को अवश्य पूरा करेगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

अध्यक्ष ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा, ‘इससे मेरा या सदन का अपमान होगा।’ उन्होंने इसपर भी जोर दिया कि विश्वास मत प्रक्रिया में और देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘हमारा जीवन सार्वजनिक है। जनता हमें देख रही है। अगर लोगों में यह विचार बन रह है कि चर्चा के नाम पर हम समय बर्बाद कर रहे हैं तो यह मेरे या किसी के लिए भी सही नहीं होगा।’

अध्यक्ष ने यह भी कहा कि विधायक दल के नेता को व्हिप जारी करने का अधिकार है।

अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायी दल के नेता सिद्धरमैया से कहा, ‘व्हिप जारी करना आपका अधिकार है। उसका पालन करना विधायकों पर है। यदि मेरे पास कोई शिकायत आती है तो मैं नियमों का पालन करते हुए फैसला लूंगा।’

सिद्धरमैया ने व्हिप जारी करने को लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा पिछले हफ्ते दिए गए आदेश के संबंध में एक सवाल उठाया था।

मुख्यमंत्री इस्तीफा दे और घर जाएं: भाजपा 

भाजपा ने सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से कहा कि अगर उन्हें संविधान और राज्य की जनता में विश्वास है तो वह ‘इस्तीफा दें और घर जाएं।’

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में कुमारस्वामी सरकार के विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा तीसरे दिन भी जारी है। भाजपा ने कहा कि कुमारस्वामी स्वयं विश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं लेकिन उसकी प्रक्रिया पूरी करने में देरी कर रहे हैं।

पार्टी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है, ‘अगर आपको संविधान और राज्य की जनता में जरा सा भी विश्वास और उनके लिए सम्मान है तो आप इस्तीफा दें और घर जाएं।’

भाजपा ने कन्नड़ भाषा में हैशटैग चलाया है, ‘राज्य की जनता आपको माफ नहीं करेगी।’

निर्दलीय विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का शीघ्र सुनवाई से इंकार

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा में तत्काल शक्ति परीक्षण किए जाने की मांग कर रही, दो निर्दलीय विधायकों की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस याचिका को सुनवाई के लिये मंगलवार को सूचीबद्ध करने पर वह विचार कर सकता है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी द्वारा निर्दलीय विधायक-आर शंकर और एच नागेश की याचिका का उल्लेख करते हुये शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया गया था। 

पीठ ने कहा, ‘असंभव। हमने पहले कभी ऐसा नहीं किया है। कल हम इस पर गौर कर सकते हैं।’

रोहतगी का कहना था कि कर्नाटक विधानसभा में किसी न किसी वजह से शक्ति परीक्षण में विलंब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन पहले शक्ति परीक्षण कराने का आदेश प्राप्त कर सकता है तो वही आदेश अब भी दिया जा सकता है।

पीठ ने कहा, ‘हम कल देखेंगे।’

कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस लेने वाले इन दो निर्दलीय विधायकों ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर राज्य में एचडी कुमारस्वमाी सरकार को सोमवार को शाम पांच बजे तक सदन में शक्ति परीक्षण कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। 

इन विधायकों का कहना है कि सरकार से समर्थन वापस लेने के उनके निर्णय और 16 विधायकों द्वारा इस्तीफा देने के कारण राज्य में राजनीतिक संकट गहरा गया है।

इन विधायकों ने कहा है, ‘सरकार के अल्पमत में होने के बावजूद विश्वास मत हासिल करने में विलंब किया जा रहा है। हम कहना चाहते हैं कि एक अल्पमत सरकार, जिसके पास बहुमत का समर्थन नहीं, को सत्ता में बने रहने की अनुमति दी जा रही है।’
 
इन विधायकों ने कहा है कि कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने संविधान के अनुच्छेद 175 (2) के अंतर्गत सदन को संदेश भेजकर विश्वास मत की कार्यवाही पूरा करने के लिये कहा लेकिन इसका पालन नहीं किया गया और विश्वास प्रस्ताव पर अंतहीन बहस जारी है।

विधायकों ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक गतिरोध का लाभ उठा रही है और पुलिस अधिकारियों, आईएएस अधिकारियों तथा अन्य अधिकारियों का तबादला करने जैसे अनेक अहम निर्णय ले रही है।

राज्यपाल पर विश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान सदन की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुये कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव द्वारा शीर्ष अदालत में आवेदन दायर करने के दो दिन बाद निर्दलीय विधायकों ने भी शीर्ष अदालत की शरण ली।

कुमारस्वामी और गुंडू राव ने शुक्रवार को अलग अलग आवेदन दायर करके शीर्ष अदालत के 17 जुलाई के आदेश पर स्पष्टीकरण मांगा है। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि इन 15 बागी विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिये बाध्य नहीं किया जा सकता।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Speaker KR Ramesh Kumar
Karnataka Politics
Karnataka Political Crisis
Karnataka Floor Test
Karnataka Crisis
hd kumaraswamy
BS Yeddyurappa
Bangalore
Supreme Court

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • tourism sector
    भाषा
    कोरोना के बाद से पर्यटन क्षेत्र में 2.15 करोड़ लोगों को रोज़गार का नुकसान हुआ : सरकार
    15 Mar 2022
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्यटन पर महामारी के प्रभावों को लेकर एक अध्ययन कराया है और इस अध्ययन के अनुसार, पहली लहर में 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा जबकि दूसरी लहर में 52…
  • election commission of India
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल
    15 Mar 2022
    दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली नगर निगम चुनावो को टालने का मन बना लिया है। दिल्ली चुनावो की घोषणा उत्तर प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले 9 मार्च को होनी थी लेकिन आयोग ने इसे बिल्कुल…
  • hijab
    सीमा आज़ाद
    त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है
    15 Mar 2022
    इस बात को दरअसल इस तरीके से पढ़ना चाहिए कि "हर धार्मिक रीति का पालन करना औरतों का अनिवार्य धर्म है। यदि वह नहीं है तभी उस रीति से औरतों को आज़ादी मिल सकती है, वरना नहीं। "
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
    15 Mar 2022
    एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
  • Karnataka High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब  मामला: हिजाब इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका
    15 Mar 2022
    अदालत ने अपना फ़ैसला सुनते हुए यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इसे संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कहा जा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License