NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कर्नाटकः महिला नेता को परेशान करने के मामले में 'दक्षिण-पंथी संगठन' से जुड़ा सदस्य गिरफ़्तार
छात्रों के अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता हिंदुत्व संगठन के उन सदस्यों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं जिन लोगों ने व्हाट्सएप पर एसएफआई नेता माधुरी बोलार और हमज़ा किन्या के संबंध में मैसेज शेयर किया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jan 2018
madhuri

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के नेता माधुरी और हमज़ा को परेशान करने और धमकी देने के आरोप में दक्षिण-पंथी समूह से जुड़े 22 वर्षीय एक युवक को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। नेताओं को परेशान और धमकी देने की घटना कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ ज़िले की है।

गिरफ़्तार किए गए युवक का नाम हरीश देवादिगा उर्फ़ ककिन्जे हरीश है जो दक्षिण कन्नड़ ज़िले के बेलथांगडी का रहने वाला है। इस युवक पर आरोप है कि दक्षिण कन्नड़ ज़िले के एसएफआई के सचिव माधुरी बोलार और संयुक्त सचिव हमज़ा किन्या के संबंध में मैसेज सोशल मीडिया पर शेयर किया था।

दक्षिण-पंथी समूह से जुड़े सदस्य ने हिंदू लड़की के साथ बाइक पर खुलेआम घुमने के मामले में छात्र नेता हमज़ा किन्या को चेतावनी देने वाला मैसेज व्हाट्सएप पर शेयर किया था।

माधुरी के साथ उनके मुस्लिम पुरूष दोस्त हमज़ा की तस्वीर और कन्नड़ में लिखे संदेश व्हाट्सएप पर फैलाया जा रहा है। लोगों को भेजे गए संदेश में कुछ इस तरह लिखा गया है:

"हमज़ा किन्या हमारे हिंदू लड़कियों के साथ खुलेआम बाइक पर घूम रहा है... अगर वह अब हिंदू लड़कियों के साथ घूमते हुए देखा जाता है, तो हिंदू संगठनों को उसको इसका ज़रूर जवाब देना चाहिए (उस पर कार्रवाई करना चाहिए)।"

ये तस्वीर उस वक़्त ली गई जब एम.कॉम के प्रथम वर्ष की छात्रा माधुरी अपने साथियों हमज़ा, सुहास अडिगा और गणेश बोलार के साथ बस में सफ़र कर रही थी। इन लोगों ने इस तस्वीर को फेसबुक पर शेयर किया था।

9 जनवरी को माधुरी ने मंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त टीआर सुरेश से उनके कार्यालय पर मुलाक़ात की और मंगलुरू शहर के पुलिस के साइबर अपराध सेल में शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान उनकी मां भारती बोलार भी उनके साथ थीं। उनकी मां ख़ुद सीपीआई (एम) से संबद्ध बीडी श्रमिक संघ की सदस्य हैं।

हरीश को 13 जनवरी शनिवार के दिन मंगलोर के पंपवेल से मंगलुरू साउथ पुलिस ने गिरफ़्तार किया। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाईल फोन को भी ज़ब्त कर लिया है।

हरीश कथित रूप से बजरंग दल का कार्यकर्ता है जो कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की युवा शाखा है। ये संघ परिवार का हिस्सा है जिसका नेतृत्व आरएसएस करता है।

पुलिस के मुताबिक़ मामले की जांच की जा रही है। इस घटना में कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।

इस महीने की शुरुआत में चिकमंगलुरू के मुदिगेरे की एक युवा महिला धन्यश्री ने आत्महत्या कर ली थी। एक मुस्लिम व्यक्ति से बात करने को लेकर धन्यक्षी को कुछ पुरुषों ने परेशान करना शुरू कर दिया था। मुदिगेरे में बीजेपी के एक नेता एमवी अनिल को धन्यश्री को आत्महत्या करने के लिए उकसाने के मामले में गिरफ़्तार किया गया था।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए माधुरी बोलार ने कहा, "संघ परिवार कई अन्य युवा महिलाओं के ख़िलाफ़ इस प्रकार की रणनीति का इस्तेमाल कर रहा है। उसे लगता है कि महिलाओं पर हमला और स्क्रीनशॉट को शेयर करके उन्हें शांत किया जा सकता है।"

माधुरी ने आगे कहा कि "संघ के तानाशाही का विरोध करने के लिए अधिक संख्या में युवा महिलाओं को साहस के साथ आगे आना चाहिए।"

इस मामले में टिप्पणी करते हुए लेखक चेतना तिर्थहल्ली ने न्यूज़़क्लिक को बताया कि संघ परिवार की विचारधारा न केवल मुसलमानों, ईसाइयों और कम्युनिस्टों के प्रति नफ़रत पर आधारित है बल्कि उनकी नफ़रत महिलाओं के प्रति भी है। उन्होंने आगे कहा "जब महिलाएं खड़ी होकर बोलती हैं तब वे डरते हैं।"

"संघ परिवार हिंदू संस्कृति के ध्वजवाहकों के रूप में महिलाओं को प्रोजेक्ट करता है। वे सनातन धर्म और तथाकथित संस्कार के अपने विचार को हम पर जबरन थोपते हैं और इसका पालन करने के लिए फ़रमान सुनाते हैं। उनके बयानों से स्त्री जातियों के प्रति द्वेष की बू आती है।"

विभिन्न धार्मिक समुदायों के लोगों के बीच संघ परिवार द्वारा मतभेद पैदा करने के प्रयास को लेकर माधुरी ने निंदा की। उन्होंने कहा, "एसएफआई के पदाधिकारी के रूप में हमें विभिन्न कार्यक्रमों को एक साथ मिलना ही पड़ेगा और एक साथ सफ़र करना ही पड़ेगा। लेकिन यह संघ परिवार को स्वीकार्य नहीं है। वे नफ़रत करते हैं जब विभिन्न धार्मिक समुदायों के लोग एक साथ मिलकर काम करते हैं।"

चेतना तिर्थहल्ली ने कहा "संघ परिवार धार्मिक सद्भाव से डरता है। वे हमारे बीच सांप्रदायिकता के ज़हर को घोलकर हमारी एकता को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।"

Madhuri
SFI
Right wing group
Communalism
love jihad

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

पूजा स्थल कानून होने के बावजूद भी ज्ञानवापी विवाद कैसे?

'उपासना स्थल क़ानून 1991' के प्रावधान


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License