NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीर : 30 साल पुराने आतंकवाद के मामले में संपादक क़ादरी गिरफ़्तार, अदालत ने ज़मानत दी
कश्मीर यूनियन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट समेत विभिन्न पत्रकार संगठनों ने ‘डेली आफ़ाक़’ के संपादक और प्रकाशक ग़ुलाम जिलानी क़ादरी की गिरफ्तारी को स्थानीय प्रेस की आवाज़ दबाने की कार्रवाई बताया है। क़ादरी कश्मीर एडिटर्स गिल्ड के भी सदस्य हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Jun 2019
संपादक ग़ुलाम जिलानी क़ादरी
Image Courtesy: Kashmir Reader

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर में लगभग तीन दशक पुराने आतंकवाद के एक मामले में एक उर्दू दैनिक के संपादक और प्रकाशक को सोमवार रात गिरफ़्तार किया गया। हालांकि आज मंगलवार को अदालत ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया।

समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि उर्दू दैनिक ‘डेली आफ़ाक़’ के संपादक ग़ुलाम जिलानी क़ादरी को सोमवार की रात 1990 में दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया। यह मामला आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था।

तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी की ओर से 15 अक्टूबर 1992 में जारी गैर जमानती वारंट के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है।

जिस कानून के तहत क़ादरी को गिरफ्तार किया गया है, वह सरकार द्वारा स्थापित क़ानून के तहत लोगों या किसी भी वर्ग के लोगों में आतंक फैलाने, लोगों के बीच विभाजन करने या विभिन्न वर्गों के बीच सौहार्द एवं भाईचारे को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने के इरादे से कोई भी कार्य या बात करने से संबंधित है।

क़ादरी के परिजनों ने बताया कि उन्हें बालगार्डन इलाके में स्थित उनके आवास से गिरफ़्तार किया गया है।

क़ादरी के एक संबंधी ने बताया, ‘‘लगभग आधी रात के समय पुलिस आयी और क़ादरी साहिब को ले गयी। उन्हें ले जाने से पहले पुलिस ने कोई कारण नहीं बताया, एक पुलिस अधिकारी ने उनसे पूछा कि चुनाव कब है।’’

कश्मीर एडिटर्स गिल्ड ने क़ादरी की ज़मानत के लिए अदालत का रूख किया। कादरी स्वयं भी कश्मीर एडिटर्स गिल्ड के सदस्य हैं।

कश्मीर यूनियन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट समेत विभिन्न पत्रकार संगठनों ने क़ादरी की आधी रात में की गयी गिरफ्तारी की निंदा की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि ऐसा लगता है, सरकार के इस कदम का उद्देश्य स्थानीय प्रेस की आवाज को दबाना है।

यूनियन ने कादरी को तत्काल रिहा किये जाने की मांग की है।

ताज़ा ख़बर है कि श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संपादक ग़ुलाम जिलानी क़ादरी को मंगलवार को जमानत दे दी। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख़ 31 जुलाई तय की गई है।

ज़मानत मिलने के बाद क़ादरी ने न्यूज़क्लिक से कहा कि उनकी गिरफ़्तारी पत्रकार बिरादरी को ये सख़्त हिदायत देने के लिए की गई कि वह अपनी हद में रहे और चुप रहे।  उन्होंने इसे सीधे-सीधे उत्पीड़न की कार्रवाई बताया।

(भाषा के इनपुट के साथ)

Jammu and Kashmir
Kashmir crises
editor and publisher of Urdu daily Aafaq
Ghulam Jeelani Qadri

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती

जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन


बाकी खबरें

  • job advertisement
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती की शर्तों का विरोध, इंटरव्यू के 100 नंबर पर न हो जाए खेल!
    21 Dec 2021
    इन पदों के लिए आवेदन करने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को एक ज्ञापन भेजा है। इसमें नियुक्ति का आधार एपीआई और साक्षात्कार बनाए जाने को नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के…
  •  Jayant and Akhilesh
    असद शेख़
    मुज़फ़्फ़रनगर: क्या सपा-रालोद गठबंधन किसी भी सीट से मुस्लिम उम्मीदवार नहीं देगा?
    21 Dec 2021
    चुनाव विश्लेषण: सपा-रालोद गठबंधन की ओर से ज़िले में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार के चुनाव लड़ने की फिलहाल में कोई स्थिति बनती हुई नज़र नहीं रही है। हालांकि किसी भी पार्टी ने अपने टिकट फाइनल नहीं किए हैं,…
  • Tamil Nadu
    नीलाबंरन ए
    कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि से एमएसएमई क्षेत्र प्रभावित, विरोध में उद्यमियों ने बंद किये शटर
    21 Dec 2021
    विमुद्रीकरण, जीएसटी के हड़बड़ी में क्रियान्वयन, और बिना सोचे-विचारे कोविड-19 लॉकडाउन को लागू करने के कारण गंभीर झटके झेलने के बाद अब कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि के चलते एमएसएमई उद्योग का साँस…
  • covid
    एपी/भाषा
    अमेरिका में कोविड-19 के 75 प्रतिशत मामले ओमीक्रॉन स्वरूप के, ऑस्ट्रेलिया में भी मामले बढ़े
    21 Dec 2021
    अमेरिका के टेक्सास राज्य में ओमीक्रॉन से एक मरीज की मौत भी हो गयी है। अमेरिका में ओमीक्रॉन से से मौत का यह पहला मामला है। 
  • LIC
    गौरव गुलमोहर
    बुंदेलखंड में LIC के नाम पर घोटाला, अपने पैसों के लिए भटक रहे हैं ग्रामीण
    21 Dec 2021
    एलआईसी एजेंट गिरोह द्वारा हजारों लोगों का बीमा किया गया और उस बीमा को बिना ग्राहक की अनुमति के बीच में ही लोन में बदल दिया गया। इस तरह यह काम बांदा जिले में एलआईसी के अंतर्गत लम्बे समय से हो रहा है।…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License