NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीर : आशंकाओं के बीच राज्यपाल ने किया आश्वस्त, कहा- सुरक्षा के हैं उपाय
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 370 और 35 ए को रद्द किए जाने पर या राज्य को तीन हिस्सों में बांटने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Aug 2019
J&K governor
फोटो साभार : NDTV

जम्मू कश्मीर में बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती को लेकर राज्य के लोगों के बीच डर का माहौल कायम हो गया है। इस पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य की राजनीति में मौजूद पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बयान आने शुरू हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक प्रतिनिधिमंडल को शनिवार को बताया कि राज्य को संवैधानिक प्रावधानों में किसी भी बदलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है और यह आश्वासन दिया कि अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती विशुद्ध रूप से सुरक्षा कारणों से उठाया गया कदम है।

राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया, ‘‘अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी हमलों के संबंध में सुरक्षा एजेंसियों को विश्वसनीय जानकारी मिली थी। नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी बढ़ा दी गई जिसका सेना द्वारा प्रभावी ढंग से जवाब दिया गया।’’

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने कहा है कि संवैधानिक प्रावधानों में किसी तरह के बदलाव के बारे में राज्य को कोई जानकारी नहीं है और इसलिए सैनिकों की तैनाती के इस सुरक्षा मामलों को अन्य सभी प्रकार के मामलों के साथ जोड़ कर बेवजह भय नहीं पैदा किया जाना चाहिए। यह राज्य की जिम्मेदारी है कि वह अपने सभी नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करें। इसलिए, एहतियाती उपाय के तौर पर यत्रियों और पर्यटकों को लौटने के लिए कहा गया है। साथ में राज्यपाल ने राज्य के राजनीतिक दलों के नेताओं से कहा है कि वे अपने समर्थकों से शांत रहने और घाटी में ‘‘बढ़ा-चढ़ा कर फैलाई गई अफवाहों’’ पर विश्वास न करने के लिए कहें।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने राज्यपाल के इस आश्वासन को मान लिया।  नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उनकी पार्टी को आश्वासन दिया है कि संविधान के अनुच्छेद 370 और 35 ए को रद्द किए जाने पर या राज्य को तीन हिस्सों में बांटने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इन मुद्दों पर केंद्र से सोमवार को संसद में आश्वासन चाहते हैं।

इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘अब मामला आर-पार का हो चुका है और भारत ने जनता के बजाय जमीन को तरजीह दी है’’।

उन्होंने नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह राज्य के विशेष दर्जें के साथ छेड़छाड़ ना करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम के नतीजे अच्छे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अपनी विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिये जो कुछ भी बाकी बचा है, उसे भारत, जम्मू कश्मीर की जनता से ‘‘बलपूर्वक छीनने’’ की तैयारी में है।

पीडीपी अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ‘‘आप एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य के प्यार को जीतने में नाकाम रहे, जिसने धार्मिक आधार पर विभेद को खारिज किया और धर्मनिरपेक्ष भारत को चुना। अब मामला आर-पार का हो चुका है और भारत ने जनता के बदले जमीन को तरजीह दी है।’’(पीडीपी के संस्थापक और दो बार मुख्यमंत्री रहे) मुफ्ती (मोहम्मद सईद) साहब हमेशा कहा करते थे कि कश्मीरियों को जो कुछ भी मिलेगा वह उनके अपने देश भारत से मिलेगा। लेकिन आज ऐसा लगता है कि अपनी विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिये उनके पास जो कुछ भी बचा था,यही देश उनसे वह बलपूर्वक छीनने की तैयारी कर रहा है।’’

शाम को अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ‘‘इंसानियत, जम्हूरियत, कश्मीरियत’’ के बारे में बात करके कश्मीर के लोगों का दिलों-दिमाग जीतना चाहते हैं तो ऐसा माहौल क्यों बनाया जा रहा है जहां लोगों को लग रहा है कि उनकी पहचान खतरे में है।

महबूबा ने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि देश के लोग जम्मू कश्मीर के लोगों को चाहते हैं ना कि केवल भूमि। लेकिन स्थिति ऐसी है कि ऐसा लग रहा है कि आप जम्मू कश्मीर को क्षेत्र का मुद्दा समझते हैं। पूरा क्षेत्र पहले से ही आपके साथ है।’’

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर ही एकमात्र मुस्लिम बहुत राज्य है जिसने मुश्किल समय में इस शर्त पर दो राष्ट्र की थ्योरी नकार दी और एक धर्मनिरपेक्ष तथा लोकतांत्रिक भारत में शामिल हो गया कि उसकी विशिष्ट पहचान की रक्षा की जाएगी। महबूबा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए घाटी में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात करेगी और एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Jammu and Kashmir
mehbooba mufti
Governor Satya pal malik
Narendera Modi
BJP
PDP
Muslims
Farooq Abdullah
Article 370
Article 35(A)
Secularism

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNUTA रिटायर्ड सदस्यों के समर्थन में, बर्ख़ास्तगी को चुनौती देंगे डॉ. कफ़ील और अन्य ख़बरें
    12 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी JNUTA ने की रिटायर्ड फ़ैकल्टी की पेंशन की मांग, डॉ कफ़ील ख़ान को योगी सरकार ने किया बर्ख़ास्त और अन्य ख़बरों पर।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    पाकिस्तानी क्रिकेटर हसन पर हमले से भारत के लिए सबक
    12 Nov 2021
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज चर्चा कर रहे हैं T20 वर्ल्ड कप के बारे में, हार की वजह सिर्फ एक खिलाड़ी क्यों? पहले भारतीय खिलाड़ी मोहम्मद शमी, अब पाकिस्तानी खिलाड़ी हसन अली, हार के बाद इन दोनों…
  • Bihar: Minor girl gangraped, one accused in custody
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः नाबालिग लड़की से गैंगरेप, एक आरोपी हिरासत में
    12 Nov 2021
    नालंदा के हिलसा के एसडीपीओ ने न्यूज़क्लिक को बताया कि पीड़िता की मां ने घटना के संबंध में केस दर्ज कराया है। पीड़िता के पुरूष-मित्र को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है।
  • Central TUs
    रौनक छाबड़ा
    केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने बजट सत्र के दौरान बेरोज़गारी, मूल्य वृद्धि के ख़िलाफ़ 2-दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है
    12 Nov 2021
    सीटीयू के नेतृत्व की ओर से केंद्र सरकार द्वारा “लोगों के मानव अस्तित्व को बचाए रखने के अधिकार को कमज़ोर करने” के खिलाफ निंदा प्रस्ताव को अपनाते हुए अपनी दस मांगों को पेश किया गया है।
  • ICF
    शशि देशपांडे, गीता हरिहरन
    "लोकतंत्र यानी संवाद, बहस और चर्चा..."
    12 Nov 2021
    लोगों को विभाजनकारी विचारधारा को स्वीकार करने के लिए बरगलाया गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License