NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीर में 12 साल के बच्चे की गोली लगने से मौत ,युद्ध विराम ख़तम
शुजात भुखारी के क़त्ल के बाद 12 साल के बच्चे को भी मारा गया। हिंसा से मौत से मौतों का सिलसिला जारी।
सागरिका किस्सू
18 Jun 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
kashmir

पुलवामा: 12 साल के विकास अहमद रादर ईद का बेसबरी से इंतेज़ार कर रहा था जिससे वह अपने कपड़े सबको दिखा सके।  लेकिन उसे कहाँ पता था कि ईद का ये जश्न जनाज़े के जुसूल में बदल जायेगा।15 जून की सुबह विकास अपने घर से निकला, लेकिन वो लौटा नहीं। उसकी मौत तथाकथित तौर पर  सुरक्षा बालों और विरोध कर रहे लोगों की लड़ाई के बीच कश्मीर के पुलवामा ज़िले के नोपोरा गाँव में हुई।इस टकराव में अपने घर के दरवाज़े से झाँक रही रुकाया जान के पैर में भी गोली लगीI

पुलवामा ज़िले के लिए ईद एक छोटे बच्चे की मौत का मातम मनाने का दिन बन गयी। ध्यान रहे कि रमज़ान के दौरान युद्धविराम की घोषणा के बाद सुरक्षा  बलों की गोली से किसी नागरिक की मौत की यह पहली घटना है। विकास के भाई अल्ताफ ने कहा कि "विकास एक गरीब परिवार से था। रविवार को वह पड़ोस के घरों में मज़दूर  के तौर पर काम करता था जिससे वह कुछ पैसे कमा  सके।  वह ईद पर नए कपड़े खरीदने  के लिए पैसे जमा  कर रहा था। वह ईद के लिए बहुत उत्साहित था, लेकिन यह सब हो गया।"

इस घटना के बाद विरोधाभासी खबरें आ रही हैं। जहाँ एक तरफ सेना का कहना है कि गाड़ियों से सड़क रुक गयी थी और वे इन्हें हटा रहे थे, तभी युवाओं ने पत्थरबाज़ी शुरू कर दीI वहीं दूसरी तरफ गाँव वालों का कहना  है कि उन्होंने पत्थर  फेंके ही नहीं और फिर भी सेना उनके घरों  में घुंसने लगी। 

न्यूज़क्लिक  से बात करते हुए पुलवामा ज़िले के एसएसपी मोहम्मद असलम चौधरी ने कहा कि "हम इस मामले की जाँच कर रहे हैं। हमें सेना ने बताया है कि जब वह सड़क से गाड़ियाँ हटा रहे थे तभी युवा लड़के  उनपर पत्थर  फेंकने  लगे।  इसके बाद ही उन्होंने जवाबी  कार्यवाही की।  अब तक किसी भी स्थानीय व्यक्ति ने इसकी शिकायत नहीं की है।" लेकिन स्थानीय लोगों ने इसी  घटना  की दूसरी कहानी सुनाई। 

मरने वाले बच्चे की रिश्तेदार शमीमा बेगम ने कहा कि "जब हमारा बच्चा इफ़्तार के लोए रोटी लेने गया था और तभी उसे गोली मार दी गयीI उसके हाथ में कोई पत्थर नहीं था। उसने  कोई पत्थर  नहीं फेंका।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले 4 दिनों से सेना यहाँ गश्त लगा रही थी।  उन्होंने यह भी कहा कि "सेना  पिछले  चार  दिनों से यहाँ गश्त लगा रही है। वह हमारे पड़ोसियों के घरों में ज़बरदस्ती भी कई बार घुसी थी। वह यहाँ क्यों गश्त लगा रही थी? यहाँ ऐसा क्या हुआ था? हमें  जवाब  चाहिए। "

स्थानीय लोगों ने बताया कि उग्रवादी आबिद मंज़ूर के घरवालों को पिछले 4 दिनों से पीटा और प्रताड़ित  किया जा रहा था। आबिद के दादा मोहम्मद रमज़ान ने कहा कि "ईद से एक दिन पहले यानी 15 जून को सेना के लोग हमें पीटने के लिए दो बार आये। जब वह तीसरी बार आये तो गाँव वालों ने इसका विरोध किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई गयीं। किसी ने भी पत्थर नहीं चलाये।" आबिद मंज़ूर 2016 में उग्रवादी बना। 

रमज़ान  ने यह भी कहा कि "वो हमें  क्यों मार रहे हैं? कौन चाहता है कि उनका बेटा उग्रवादी बने? हमने  अपने बेटे को 2 बार ये रास्ता  छोड़ने  के लिए मनाया था। इसके बावजूद उसने  तीसरी बार ये रास्ता चुना। अब वह हमें डराता है। हमारे दो बेटे हैं जिनमें से एक आंशिक रूप से अँधा है। ये लोग उसके सामने  उसके माँ  बाप को पीटकर हमारे दूसरे बेटे को भी उग्रवाद के रास्ते पर धकेल रहे हैं।"

एक स्थानीय शख्स  ने कहा कि "कौन अपनी आँखों  के सामने अपने बाप को ज़लील होते और अपनी माँ को पिटते हुए देख सकता है? ये युवाओं को बन्दूक उठाने  के लिए मजबूर कर रहे हैं।"

दूसरी तरफ विकास के जनाज़े  को ईद की नमाज़  के बाद निकाला  जिसमें  हज़ारों  लोग शरीक़ हुए और उन्होंने आज़ादी के नारे लगाए। महिलाएँ छाती पीटते-पीटते रो रहीं थीं। विकास को आखिरी बार देखने के लिए बहुत बड़ी संख्या में मर्द उस मस्ज़िद में इक्कठा हुए जहाँ उसका शव रखा गया था। बहुत-सी महिलाएँ उसकी आखिरी झलक के लिए मस्ज़िद के दरवाज़े से झाँक  रहीं थीं।  

आधे घंटे बाद बाथमूर गाँव  के एक उग्रवादी आकिब अहमद द्वारा हवा में बन्दूक  लहराई गयी। जब वह वहाँ से निकला तो महिलाओं ने उसके लिए दुआएँ  माँगी और लड़के उसकी गाडी के पीछे भागे। इस जनाज़े में उग्रवादी आबिद मंज़ूर (जिसके घर वालों को सेना ने पीटा था) भी मौजूद थाI उसने मरने वाले बच्चे का माथा  चूमा  और आज़ादी  के नारे देते हुए हवा  में गोलियाँ चलाई। हिंसा का चक्र  जारी है और इसके हालिया शिकार हैं सुझात बुखारी और विकास। ये है आज के कश्मीर की त्रासदी। 

Jammu & Kashmir
civilian ecounter
millitants
Army

Related Stories

कश्मीर में एक आर्मी-संचालित स्कूल की ओर से कर्मचारियों को हिजाब न पहनने के निर्देश

कश्मीर में ज़मीनी स्तर पर राजनीतिक कार्यकर्ता सुरक्षा और मानदेय के लिए संघर्ष कर रहे हैं

कश्मीरः जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई के लिए मीडिया अधिकार समूहों ने एलजी को लिखी चिट्ठी 

सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश, किसानों के केस वापसी पर मानी सरकार और अन्य ख़बरें।

एक जवान का फुटबॉल से दिलचस्पी

'कश्मीर में नागरिकों की हत्याओं का मक़सद भारत की सामान्य स्थिति की धारणा को धूमिल करना है'—मिलिट्री थिंक-टैंक के निदेशक

कुछ सरकारी नीतियों ने कश्मीर में पंडित-मुस्लिम संबंधों को तोड़ दिया है : संजय टिक्कू

फ़ोटो आलेख: ढलान की ओर कश्मीर का अखरोट उद्योग

कांग्रेस की सेहत, कश्मीर का भविष्य और भीमा-कोरेगांव का सच!

जम्मू और कश्मीर : सरकार के निशाने पर प्रेस की आज़ादी


बाकी खबरें

  • श्रुति एमडी
    ‘तमिलनाडु सरकार मंदिर की ज़मीन पर रहने वाले लोगों पर हमले बंद करे’
    05 Apr 2022
    द्रमुक के दक्षिणपंथी हमले का प्रतिरोध करने और स्वयं को हिंदू की दोस्त पार्टी साबित करने की कोशिशों के बीच, मंदिरों की भूमि पर रहने वाले लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। 
  • भाषा
    श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई
    05 Apr 2022
    "सरकारी बजट पर मतदान के दौरान गठबंधन के पास 225 सांसदों में से 157 का समर्थन था, लेकिन अब 50 से 60 सदस्य इससे अलग होने वाले हैं। इसके परिणामस्वरूप सरकार न सिर्फ दो-तिहाई बहुमत खो देगी, बल्कि सामान्य…
  • विजय विनीत
    एमएलसी चुनाव: बनारस में बाहुबली बृजेश सिंह की पत्नी के आगे दीन-हीन क्यों बन गई है भाजपा?
    05 Apr 2022
    पीएम नरेंद्र मोदी का दुर्ग समझे जाने वाले बनारस में भाजपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. सुदामा पटेल ऐलानिया तौर पर अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर आरोप जड़ रहे हैं कि वो…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: आज दूसरे दिन भी एक हज़ार से कम नए मामले 
    05 Apr 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 96 हज़ार 369 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है। और एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 54 रह गयी है।
  • मुकुल सरल
    नफ़रत की क्रोनोलॉजी: वो धीरे-धीरे हमारी सांसों को बैन कर देंगे
    05 Apr 2022
    नज़रिया: अगर किसी को लगता है कि ये (अ)धर्म संसद, ये अज़ान विवाद, ये हिजाब का मुद्दा ये सब यूं ही आक्समिक हैं, आने-जाने वाले मुद्दे हैं तो वह बहुत बड़ा नादान है। या फिर मूर्ख या फिर धूर्त। यह सब यूं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License