NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीर में मुहर्रम का जुलूस रोकने के लिए कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध
अधिकारियों ने बताया कि वाणिज्यिक केंद्र लाल चौक और आसपास के इलाकों के सभी प्रवेश द्वारों को कंटीले तारों से बंद कर दिया गया है और भारी संख्या में सुरक्षा कर्मी भी तैनात किए गए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Sep 2019
kashmir curfew
'प्रतीकात्मक तस्वीर' Image courtesy:NewsPlatform

सामूहिक तौर पर ईद की नमाज़, जुमे की नमाज़ के बाद अब कश्मीर घाटी में मुहर्रम का जुलूस निकालने की भी इजाज़त नहीं दी गई है।

आज मंगलवार को दसवीं मुहर्रम का जुलूस निकालने से रोकने के लिए श्रीनगर शहर और घाटी के कई हिस्सों में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं क्योंकि अधिकारियों को आशंका है कि बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से हिंसा भड़क सकती है। इससे पहले आठवीं मुहर्रम यानी मुहर्रम के आठवें दिन रविवार को भी कहीं भी किसी भी तरह के जुलूस के आयोजन को रोकने के लिये इसी तरह की पाबंदियां लगाईं गईं थीं।

मुहर्रम इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के मुताबिक साल का पहला महीना है। इसी महीने की दसवीं तारीख़ को हज़रत मोहम्मद साहब के नाती इमाम हुसैन की कर्बला में शहादत हुई थी। उन्हीं की याद में इस दिन जुलूस निकाले जाते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि वाणिज्यिक केंद्र लाल चौक और आसपास के इलाकों के सभी प्रवेश द्वारों को कंटीले तारों से बंद कर दिया गया है और भारी संख्या में सुरक्षा कर्मी भी तैनात किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि घाटी में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती तौर पर कश्मीर के कई हिस्सों में प्रतिबंध लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने प्रतिबंध लगाए जाने के लिए किसी कारण का हवाला नहीं दिया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि मुहर्रम के जुलूस को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
 
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान केन्द्र सरकार द्वारा पांच अगस्त को हटाने के बाद से ही कश्मीर में प्रतिबंध लगे हैं। स्थिति बेहतर होने के बाद कई जगह से चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध हटाए भी जा रहे हैं।

अधिकारी हर शुक्रवार को संवेदनशील इलाकों में प्रतिबंध लगाते हैं। उनका कहना है कि निहित स्वार्थी तत्व बड़ी मस्जिदों तथा धार्मिक स्थलों पर अधिक संख्या में लोगों के इकट्ठे होने का फायदा उठा सकते हैं। बीते एक महीने से अब तक किसी भी बड़ी मस्जिद या इबादत स्थल पर जुमे की नमाज़ की इजाज़त नहीं है।

इस बीच अधिकारियों ने बताया कि घाटी में लगातार 37वें दिन बंद के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। बाजार तथा अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। साथ ही सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे।

शीर्ष एवं प्रमुख अलगाववादी नेता अब भी हिरासत में हैं जबकि पूर्व मुख्यमंत्रियों फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के कई नेता या तो हिरासत में हैं या उन्हें नजरबंद रखा गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Jammu and Kashmir
Muharram
Curfew in Kashmir
Kashmir Politics
Article 370
Muslims

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा


बाकी खबरें

  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘भाषाई अतिक्रमण’ के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब, मगही-भोजपुरी-अंगिका को स्थानीय भाषा का दर्जा देने का किया विरोध
    02 Feb 2022
    पिछले दिनों झारखंड सरकार के कर्मचारी चयन आयोग द्वारा प्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों की नियुक्तियों के लिए भोजपुरी, मगही व अंगिका भाषा को धनबाद और बोकारो जिला की स्थानीय भाषा का दर्जा…
  • ukraine
    पीपल्स डिस्पैच
    युद्धोन्माद फैलाना बंद करो कि यूक्रेन बारूद के ढेर पर बैठा है
    02 Feb 2022
    मॉर्निंग स्टार के संपादक बेन चाकों लिखते हैं सैन्य अस्थिरता बेहद जोखिम भरी होती है। डोंबास में नव-नाजियों, भाड़े के लड़ाकों और बंदूक का मनोरंजन पसंद करने वाले युद्ध पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ है।…
  • left candidates
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: मज़बूत विपक्ष के उद्देश्य से चुनावी रण में डटे हैं वामदल
    02 Feb 2022
    “…वामदलों ने ये चुनौती ली है कि लूट-खसोट और उन्माद की राजनीति के खिलाफ एक ध्रुव बनना चाहिए। ये ध्रुव भले ही छोटा ही क्यों न हो, लेकिन इस राजनीतिक शून्यता को खत्म करना चाहिए। इस लिहाज से वामदलों का…
  • health budget
    विकास भदौरिया
    महामारी से नहीं ली सीख, दावों के विपरीत स्वास्थ्य बजट में कटौती नज़र आ रही है
    02 Feb 2022
    कल से पूरे देश में लोकसभा में पेश हुए 2022-2023 बजट की चर्चा हो रही है। एक ओर बेरोज़गारी और गरीबी से त्रस्त देश की आम जनता की सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं हैं, तो
  • 5 election state
    रवि शंकर दुबे
    बजट 2022: क्या मिला चुनावी राज्यों को, क्यों खुश नहीं हैं आम जन
    02 Feb 2022
    पूरा देश भारत सरकार के आम बजट पर ध्यान लगाए बैठा था, खास कर चुनावी राज्यों के लोग। लेकिन सरकार का ये बजट कल्पना मात्र से ज्यादा नहीं दिखता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License