NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीर: रैनावारी महिलाओं का आरोप, पुलिस प्रशासन ने स्थापित किया “आतंक का साम्राज्य”
जोगी लान्कर इलाके की दर्जनों महिलाओं ने SHO के इशारे पर स्थानीय पुलिस द्वारा “आतंक, दुर्व्यवहार और दमन” के अनुभवों की आपबीती सुनाई।
अनीस ज़रगर
01 Oct 2019
Kashmir Women in Rainawari

श्रीनगर: रैनावारी के जोगी लांकर इलाके में महिलाएं खौफजदा हैं और आरोप लगा रही हैं कि स्थानीय स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) राशिद खान के नेतृत्व में पुलिस ने इलाके में 'आतंक का राज' स्थापित कर रखा है।

शहर के पड़ोस में रहने वाले रैनावारी के स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस प्रशासन विशेष रूप से एसएचओ खान ने इलाके के निवासियों के घरों में लूट-पाट, सामानों की तोड़-फोड़ और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार कर लोगों को 'आतंकित' कर रखा है।

एक बुजुर्ग पीड़िता ने न्यूज़क्लिक को बताया, “वो (एसएचओ खान) आधी रात को आकर हमारे घरों में छापा मारता है और नशे की हालत में खासकर महिलाओं को निशाना बनाता है और हमारे साथ मारपीट करता है”।

Kashmir 2.PNG

एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ इस इलाके में अकेले रहती हैं। उनके पति की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा, 'मेरी एक बेटी विकलांग है, लेकिन उसने (एसएचओ खान) उसे भी प्रताड़ित किया। वो हमारे गेट को जोर-जोर से बजाता है, अंदर घुसकर हम पर भद्दी टिप्पणियां करके हमें धमकी देता है।'

इस इलाके के चारों तरफ पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए हैं, अंदर और बाहर जाने के सभी रास्तों पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। प्रवेश-द्वारों पर कंटीले तार और रेजर तारों के जाल बिछाए गए हैं और कुछ क्षेत्रों को तो आवागमन के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और सुरक्षा बल ज्यादातर पुरुषों की आवाजाही को प्रतिबंधित करते हैं, लेकिन वे महिलाओं से कंसर्टिना (कंटीले घुमावदार तारों की बाड) के तारों को छलांग लगाकर पार करने को कहते हैं।

कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि, “वे जानबूझकर महिलाओं को कॉन्सर्टिना के तारों को पार कर जाने के लिए कहते हैं, इससे कई महिलाओं के कपड़े फट जाते हैं। जिसका पुलिस और सुरक्षा अधिकारी फायदा उठाते हैं।”

एक महिला का कहना है, 'इस मुद्दे पर जब इलाके के अध्यक्ष नज़ीर अहमद हकक और उनके बेटे ने आवाज उठाई तो, “पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, और अब बिना हमारे अध्यक्ष के हमारी आवाज को उठाने वाला कोई नहीं रह गया है।”

इलाके के लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसी पुलिस ज्यादती और बर्बरता दशकों से नहीं देखी। उनके अनुसार एसएचओ रशीद खान ने इलाके में “बदतरीन किस्म की जोर जबर्दस्ती से कानून के पालन” का खौफ खड़ा कर दिया है।

स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि इस हफ्ते की शुरुआत में, एसएचओ ने एक गर्भवती महिला को अस्पताल जाने की इजाजत नहीं दी। मरीज की रिश्तेदार ने न्यूज़क्लिक को बताया, ‘एसएचओ ने कहा कि सड़क पर ही बच्चे को जनो, लेकिन उसे अस्पताल जाने की इजाज़त नहीं दी। मैं पूछता हूं कि यह पुलिस अधिकारी किस कानून का पालन कर रहा है।'

न्यूज़क्लिक ने इलाके की दर्जनों महिलाओं से बात की और सभी के पास खौफ, आतंक, दुर्व्यवहार और दमन के अनेकों अनुभव थे। इन सब के आरोपी खान की अगुआई में स्थानीय पुलिस वाले हैं जिन्होंने यह जुल्म उनके साथ जारी रखा है।

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए एसएचओ खान के वरिष्ठ अधिकारी एसपी श्रीनगर (उत्तर) सज्जाद शाह ने सभी आरोपों को नकार दिया। उनका कहना था, “पुलिस सभी काम प्रक्रिया के तहत कर रही है और इलाके में पत्थर बाजों की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है। अगर एसएचओ से कोई समस्या है तो लोगों को वरिष्ठ पुलिस अधिकारिओं से सम्पर्क करना चाहिए और अपनी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए, अन्यथा मैं इन आरोपों की पुष्टि नहीं कर सकता।'

हालाँकि स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस खासतौर पर महिलाओं को निशाना बना रही है। एक 18 वर्षीय छात्रा मंशा को काफी नजदीक से गुलेल से मारा गया। मंशा के पिता बताते हैं, “हमारे घर से बाहर ही उसे माथे पर गुलेल मारा गया। वह वहीँ पर बेहोश होकर जमीन पर गिर गई थ डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह आराम करने और कई टेस्ट कराने की सलाह दी है।'

स्थानीय लोग यह भी आरोप लगाते हैं कि खान के नेत्रत्व में, सीआरपीएफ (केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवान और पुलिस ने जोगी लान्कर इलाके के 3 परिवारों को निर्देश दिया कि सुरक्षा बल के जवानों के कैंप के लिए जगह मुहैया कराएं।

सुरक्षा बलों ने पिछले हफ्ते तीन बार फ़याज़ अहमद के घर जाकर कहा है कि या तो वह घर खाली कर दें या अपने मकान की पहली मंजिल CRPF जवानों के लिए खाली कर दें।

रात में हुई छापेमारी के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके और गलियों में रात की चौकसी शुरू कर दी है ताकि पुलिस द्वारा किसी भी तरह की गिरफ्तारी के प्रयासों को विफल किया जा सके। “हम कुछ करें, चाहे न करें लेकिन दूसरी तरफ से उकसावेबाजी जारी है। पुलिस रात में आती है। इसलिए सतर्क रहना बेहतर है। वे वैसे भी निर्दोषों को हिरासत में लेते हैं," यह कहना है एक स्थानीय निवासी का जिसने रात्रि निगरानी के लिए खुद को वालंटियर किया है।

प्रतिबंध और संचार नाकेबंदी के कारण कश्मीर में जनजीवन प्रभावित हुआ है। सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को एकतरफा रूप से समाप्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो संघ राज्य क्षेत्रों में विभाजन के फैसले को 50 दिन से अधिक समय बीत चुका है। सरकार ने इस कदम का विरोध रोकने के लिए "निवारक उपाय" के रूप में घाटी के शीर्ष नेताओं, कार्यकर्ताओं, वकीलों और व्यापारियों सहित सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया है।

Kashmir Lockdown
Article 370
Police repression
Kashmir Night Raids
Kashmir Clampdown
SHO Rashid Khan
Rainawari
Jogi Lanker

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?

कैसे जम्मू-कश्मीर का परिसीमन जम्मू क्षेत्र के लिए फ़ायदे का सौदा है

जम्मू-कश्मीर: बढ़ रहे हैं जबरन भूमि अधिग्रहण के मामले, नहीं मिल रहा उचित मुआवज़ा

जम्मू-कश्मीर: अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में महत्वपूर्ण रमज़ान की नमाज़ को रोक दिया

केजरीवाल का पाखंड: अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया, अब एमसीडी चुनाव पर हायतौबा मचा रहे हैं

जम्मू-कश्मीर में उपभोक्ता क़ानून सिर्फ़ काग़ज़ों में है 

कश्मीर को समझना क्या रॉकेट साइंस है ?  

वादी-ए-शहज़ादी कश्मीर किसकी है : कश्मीर से एक ख़ास मुलाक़ात

जम्मू-कश्मीर में आम लोगों के बीच की खाई को पाटने के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2 हज़ार नए मामले, 71 मरीज़ों की मौत
    19 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,075 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.06 फ़ीसदी यानी 27 हज़ार 802 हो गयी है।
  • Nehru
    न्यूज़क्लिक टीम
    पैगाम-ए-आज़ादी। जवाहरलाल नेहरु पर लेक्चर अदित्या मुख़र्जी द्वारा। लोकतंत्रशाला
    18 Mar 2022
    पैगाम-ए-आजादी श्रंखला लोकतंत्रशाला और न्यूजक्लिक की एक संयुक्त पहल है, जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर केंद्रित है। श्रृंखला का यह व्याख्यान जवाहरलाल नेहरू पर केंद्रित होगा और आदित्य…
  • असद शेख़
    ओवैसी की AIMIM, मुसलमानों के लिए राजनीतिक विकल्प या मुसीबत? 
    18 Mar 2022
    यूपी चुनाव के परिणाम आ चुके हैं, भाजपा सरकार बनाने जा रही है, इस परिप्रेक्ष्य में हम ओवैसी की पार्टी से जुड़े तीन मुख्य मुद्दों पर चर्चा करेंगें– पहला ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल…
  • neo librelism
    प्रभात पटनायक
    नवउदारवादी व्यवस्था में पाबंदियों का खेल
    18 Mar 2022
    रूस के ख़िलाफ़ अब तक जो पाबंदियां लगायी गयी हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रूसी बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थाओं को, पश्चिमी दुनिया के वित्तीय ताने-बाने से काटे जाने का ही है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    विज्ञापन में फ़ायदा पहुंचाने का एल्गोरिदम : फ़ेसबुक ने विपक्षियों की तुलना में "बीजेपी से लिए कम पैसे"  
    18 Mar 2022
    रिपोर्ट्स में पता चला है कि 2019-2020 में हुए दस चुनावों में से नौ में बीजेपी को कांग्रेस की तुलना में विज्ञापनों के लिए फ़ेसबुक पर 29 फ़ीसदी कम कीमत चुकानी पड़ी थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License