NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय: 19 छात्रों के निष्कासन के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी
प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की संयुक्त कमेटी से निष्कासित विद्यार्थियों के भविष्य का फ़ैसला करने के लिए बृहस्पतिवार तक का समय मांगा है। इधर भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों की हालत बिगड़ती जा रही है। अब प्रदर्शन कर रहे छात्रों को मैस कल्याण कर्मचारी संघ ने भी अपना समर्थन दिया।
मुकुंद झा
03 Apr 2019
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय: 19 छात्रों के निष्कासन के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पिछले सात दिनों से 19 विद्यार्थियों के निष्कासन की तानाशाही पूर्ण फ़ैसले को रद्द करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ रही है। कई छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छात्रों ने 26 मार्च से विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत निष्कासित करने का आरोप लगाया,उन्होंने कहा विद्यार्थियों का निष्कासन इसलिए किया गया क्योंकि वे लड़कियों की सुरक्षा, पीने का साफ़ पानी, साफ़ खाना, साफ़ टॉयलेट, लाईट का प्रबंध, लाइब्रेरी सुविधा, प्राध्यापकों की नियुक्ति, फ़ीस माफ़ी जैसी मांगे उठा रहे थे और संघर्ष कर रहे थे।

प्रशासन छात्रों की मांगों पर विचार करने और उनसे बात कर इस गतिरोध को ख़त्म करने के बजाय अंदोलन को तोड़ने के लिए छात्रों को धमका रही है। जब इससे भी बात नहीं बनी तो विश्विद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान की सीसीटीवी फ़ुटेज निष्कासित विद्यार्थियों के अभिभावकों को बुलाकर दिखाई। हालांकि इसके बाद भी जब छात्र डटे रहे तो प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की संयुक्त कमेटी से निष्कासित विद्यार्थियों के भविष्य का फ़ैसला करने के लिए बृहस्पतिवार तक का समय मांगा है। इधर भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों की हालत बिगड़ती जा रही है। अब प्रदर्शन कर रहे छात्रों को मैस कल्याण कर्मचारी संघ ने भी अपना समर्थन दिया।

55887779_10158506580754012_5424316731596210176_n.jpg

"कॉलेज के अंदर लड़कियों के लिए सिर्फ़ एक ही बाथरूम"

निष्कासित की गई एक छात्रा ने फ़ेसबुक पर लिखा कि वो प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, "मेरा नाम ज्योति है, मैं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बी.कॉम. अंतिम वर्ष की छात्रा हूँ। विश्वविद्यालय में दाख़िला लेने से पहले मैंने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मुहैया करवाई जाने वाली सुविधाओं के बारे में बहुत सुना था लेकिन जब मैंने क्लास लेनी शुरू की तो मुझे पता चला हमारे कॉलेज के अंदर लड़कियों के लिए सिर्फ़ एक ही बाथरूम है जिसकी सफ़ाई भी दो-दो महीनों के बाद होती है।

इन समस्याओं के समाधान के लिए मेरे दिमाग़ में विश्विद्यालय के कुलपति महोदय व प्रशासन का विचार आता है कि वे मेरी समस्याओं को ज़रूर सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। लेकिन जब हम इन समस्याओं को लेकर विश्विद्यालय प्रशासन से मिलने जाते हैं तो उनके द्वारा मेरे ऊपर हाथापाई, धक्कामुक्की, लाठीचार्ज तक किया जाता है और हमें निष्कासित व प्रतिबंधित कर दिया जाता है।

इसे भी पढ़ें: कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी : विवि प्रशासन और संयुक्त छात्र संघर्ष समिति आमने-सामने

प्रशासन का अत्यंत शर्मनाक व छात्र-विरोधी रवैया

इस पूरे मामले को लेकर एसएफ़आई की राज्याध्यक्ष सुमन जो छात्रों की मांग को लेकर लंबे समय से विरोध करती रही हैं, उन्हें भी निष्कासित कर दिया था। वो पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी हैं। उन्होंने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "विद्यार्थियों का इन जायज़ मांगों को लेकर संघर्ष करना कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपराध घोषित कर दिया है, जायज़ मांगों के लिए आवाज़ उठाना जिस तरह पूरे देश में, शिक्षण संस्थानों में गुनाह बनाया जा रहा है, उसी तरह आवाज़ को दबाने के लिए KU प्रशासन ने बिना किसी नोटिस के 19 विद्यार्थियों को सबक सिखाने के उद्देश्य से यह निष्कासन किया है।" आगे उन्होंने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "इससे पहले छात्रों को कोई नोटिस तक नहीं दिया गया न पूछताछ की गई। सीधी कार्यवाही की गई जिसके पीछे प्रशासन की मंशा ठीक नही थी और उनकी मंशा आगे से कोई भी संघर्ष की न सोच सके, यह बताने की थी। यह न सिर्फ़ छात्रों के जनतांत्रिक अधिकारों पर हमला है बल्कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की तानाशाही है, जो कि घोर निंदनीय है।"

आगे उन्होंने कहा "विद्यार्थियों की परीक्षाएँ सर पर हैं, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राओं की हालत लगातार बिगड़ रही है, कई छात्र कई बार बेहोश हो चुके हैं, लेकिन KU प्रशासन के कान पर जूँ तक नहीं रेंग रही। यह प्रशासन का अत्यंत शर्मनाक व छात्र-विरोधी रवैया है। क्या आवाज़ उठाना जुर्म है? हक़ की मांग करना जुर्म है?अगर है, तो आज नौजवान चुप बैठने वाले नहीं हैं, इसके ख़िलाफ़ आवाज़ बन्द होगी, और हर शिक्षण संस्थान में बुलन्द होगी हर उस जगह पर होगी जहाँ अन्याय होगा।"

एसएफ़आई राज्यउपाध्यक्ष सुमित ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "कुलपति उनको टारगेट कर रहे हैं जो उनकी ग़लत नीतियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं।" उन्होंने आगे उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा "वो कैंपस में एक विचारधारा को स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। वो पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष थे, शायद वो अपनी इस पहचान को छोड़ नहीं पाए हैं। परन्तु हम छात्र उन्हें बताना चाहते हैं कि ये कैंपस है संघ की शाखा नहीं।"

kurukshetra university
Haryana
Student Protests
student movement
indefinite hunger strike

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

हरियाणा की 20,000 हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करनाल में करेंगी रैली

हरियाणा: यूनियन का कहना है- नाकाफी है खट्टर की ‘सौगात’, जारी रहेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल


बाकी खबरें

  • एसकेएम की केंद्र को चेतावनी : 31 जनवरी तक वादें पूरे नहीं हुए तो 1 फरवरी से ‘मिशन उत्तर प्रदेश’
    मुकुंद झा
    एसकेएम की केंद्र को चेतावनी : 31 जनवरी तक वादें पूरे नहीं हुए तो 1 फरवरी से ‘मिशन उत्तर प्रदेश’
    16 Jan 2022
    संयुक्त किसान मोर्चा के फ़ैसले- 31 जनवरी को देशभर में किसान मनाएंगे "विश्वासघात दिवस"। लखीमपुर खीरी मामले में लगाया जाएगा पक्का मोर्चा। मज़दूर आंदोलन के साथ एकजुटता। 23-24 फरवरी की हड़ताल का समर्थन।
  • cm yogi dalit
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव और दलित: फिर पकाई और खाई जाने लगी सियासी खिचड़ी
    16 Jan 2022
    चुनाव आते ही दलित समुदाय राजनीतिक दलों के लिए अहम हो जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। उनके साथ बैठकर खाना खाने की राजनीति भी शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि दलित वोटर अपनी पसंद किसे बनाते हैं…
  • modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे : झुकती है सरकार, बस चुनाव आना चाहिए
    16 Jan 2022
    बीते एक-दो सप्ताह में हो सकता है आपसे कुछ ज़रूरी ख़बरें छूट गई हों जो आपको जाननी चाहिए और सिर्फ़ ख़बरें ही नहीं उनका आगा-पीछा भी मतलब ख़बर के भीतर की असल ख़बर। वरिष्ठ पत्रकार अनिल जैन आपको वही बता  …
  • Tribute to Kamal Khan
    असद रिज़वी
    कमाल ख़ान : हमीं सो गए दास्तां कहते कहते
    16 Jan 2022
    पत्रकार कमाल ख़ान का जाना पत्रकारिता के लिए एक बड़ा नुक़सान है। हालांकि वे जाते जाते भी अपनी आंखें दान कर गए हैं, ताकि कोई और उनकी तरह इस दुनिया को देख सके, समझ सके और हो सके तो सलीके से समझा सके।…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    योगी गोरखपुर में, आजाद-अखिलेश अलगाव और चन्नी-सिद्धू का दुराव
    15 Jan 2022
    मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के अयोध्या से विधानसभा चुनाव लडने की बात पार्टी में पक्की हो गयी थी. लेकिन अब वह गोरखपुर से चुनाव लडेंगे. पार्टी ने राय पलट क्यों दी? दलित नेता चंद्रशेखर आजाद की पार्टी अब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License