NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी : विवि प्रशासन और संयुक्त छात्र संघर्ष समिति आमने-सामने
संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के संयोजक विनोद गिल ने एक बयान में कहा कि परीक्षाएं नजदीक होने के बावजूद जिस प्रकार छात्र-छात्राओं के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई है वह छात्रों के प्रति कुलपति के शत्रुतापूर्ण रुख को दर्शाती है। इसको सयुंक्त छात्र संघर्ष समिति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुकुंद झा
27 Mar 2019
सांकेतिक तस्वीर
(फाइल फोटो)

हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 19 विद्यार्थियों को निष्कासित करने के विरोध में यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ छात्रों में भारी गुस्सा है। दरअसल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने पिछले महीने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रदर्शन किया था। उस प्रदर्शन के बाद विद्यार्थियों की मांगे मान ली गईं, लेकिन लगभग 15 दिन बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 19 विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी से निष्कासित कर दिया। इनमें से 8 लड़कियां भी शामिल हैं। यूनिवर्सिटी में इस सबके प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

एसएफआई के राज्य अध्यक्ष सुमन ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन की यह शर्मनाक हरकत है। इस बात को लेकर एसएफआई, छात्र एकता मंच, दिशा छात्र संगठन, एएसएफ ने मिलकर यूनिवर्सिटी प्रशासन का पुतला भी फूंका। इन संगठनों ने कहा कि अगर जल्द ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन अपने इस फैसले को वापस नहीं लेता है तो पूरे हरियाणा में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

पूरा मामला क्या है? 

दरअसल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में फरवरी माह में मैस की फीस बढ़ोतरी, बैकलॉग एग्जाम तीन माह के भीतर कराए जाएं इत्यादि कई मांगों  को लेकर आंदोलन किया गया था। इस अंदोलन के लिए कई छात्र संगठनों ने मिलकर एक सयुंक्त छात्र संघर्ष समिति बनाई और उसी के तले पूरा आंदोलन किया। इस संयुक्त समिति के संयोजक हैं विनोद गिल। विनोद गिल  ने बताया कि ये आंदोलन पूरे एक महीने पांच दिन तक चला। 

उन्होंने बताया कि कुलपति महोदय के अड़ीयल रवैये को देखकर आन्दोलन को तेज किया क्योंकि विद्यार्थी कुलपति साहब के ऑफिस के चक्कर काटते रहते थे। कुलपति कभी भी विद्यार्थियों से मिलने के तैयार नहीं होते थे। जब छात्र-छात्राएं कुलपति ऑफिस के बाहर धरना देते हैं तो विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी आश्वासन देते हैं कि हम आपकी बात करवा देंगे ओर उन्हें अगले दिन बुलाया जाता है लेकिन मिलने की बजाय वहाँ छात्र-छात्राओ के साथ धक्के मार कर बाहर किया जाता हैं। इसमें जिला प्रशासन के अधिकारी भी इस आंदोलन की मध्यस्तता करते हैं लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला जाता है। इस ख़राब रवैये को देखते हुए संयुक्त छात्र संघर्ष समिति ने 28 फरवरी को विश्वविद्यालय में हड़ताल करने का फ़ैसला लिया। लेकिन उनसे बात करने की बजाय लाठीचार्ज कर दिया जाता है। 44 छात्र- छात्राओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जिन्हें बाद में शाम छो़ड़ा जाता है।

छात्र नेता का कहना है की इस लाठीचार्ज के खिलाफ सयुंक्त छात्र संर्घष समिति ने आगे के आंदोलन की घोषणा की तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने बात करने की बुलाया। जब बातचीत के लिए गये तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने अच्छे माहौल मे बात की। कुछ मांगों पर सहमति बन गयी तो कुछ मांगों पर कमेटियों का गठन करके इनका समाधान करने का आश्वासन दिया गया। विश्वविद्यालय के इस फैसले का समिति ने स्वागत किया था। 

इस वार्ता के दौरान कुलपति, कुलसचिव व प्रशासन के अन्य अधिकारी भी शामिल थे व जिला प्रशासन के अधिकारी एस०एच० सतीश सिंह भी शामिल हुए। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए करीब 20 दिन बाद छात्र-छात्राओं पर पाबन्दी लगाते हुए दाखिले रद्द कर दिए।

सयुंक्त छात्र संघर्ष के मुताबिक विश्वविद्यालय ने ये बहुत गलत काम किया है और छात्रों के भरोसे को तोड़ा है। यह आम छात्र-छात्राओं के अधिकारों पर हमला करने का काम है।

संयुक्त छात्र संघर्ष समिति संयोजक विनोद गिल ने एक बयान में कहा कि परीक्षाएं नजदीक होने के बावजूद जिस प्रकार छात्र-छात्राओं के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई है वह छात्रों के प्रति कुलपति के शत्रुतापूर्ण रुख को दर्शाती है। इसको सयुंक्त छात्र संघर्ष समिति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी। इसका जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया जाएगा। समिति विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के अधिकारों का हनन नहीं होने देगी। इसके खिलाफ संयुक्त छात्र संघर्ष समिति आम छात्र-छात्राओं को लामबन्द करते हुए मजबूती से आंदोलन लड़ेगी।

kurukshetra university
Haryana
Student Protests
student movement

Related Stories

उत्तराखंड : हिमालयन इंस्टीट्यूट के सैकड़ों मेडिकल छात्रों का भविष्य संकट में

यूपी चुनाव : छात्र संगठनों का आरोप, कॉलेज यूनियन चुनाव में देरी के पीछे योगी सरकार का 'दबाव'

पुडुचेरी विवि में 2 साल पहले के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 11 छात्रों को सज़ा

अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोध छात्र, अचानक सिलेबस बदले जाने से नाराज़

डीयू: कैंपस खोलने को लेकर छात्रों के अनिश्चितकालीन धरने को एक महीना पूरा

उत्तराखंड: NIOS से डीएलएड करने वाले छात्रों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति नहीं

नहीं पढ़ने का अधिकार

डीयू: एनईपी लागू करने के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्रों का विरोध

बिहार : मेरिट लिस्ट घोटाला के ख़िलाफ़ नौजवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री ने मानी गलती

इलाहाबाद विश्वविद्यालय: लाइब्रेरी खुलवाने के लिए धरने पर बैठे छात्रों को बल प्रयोग कर हटाया


बाकी खबरें

  • Corona
    सागरिका किस्सू
    ब्लैक फंगस पंजाब और हरियाणा के लिए चुनौती बनती जा रही है
    19 May 2021
    गुरुग्राम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार गुरुग्राम से अब तक नासिका मार्ग और चेहरे की हड्डियों पर असर डालने वाले फंफूदी संबंधी संक्रमण के लगभग 70 मामले प्रकाश में आये हैं।
  • Gold
    पृथ्वीराज रूपावत
    गोल्ड लोन की ज़्यादा मांग कम आय वाले परिवारों की आर्थिक बदहाली का संकेत
    19 May 2021
    आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक सोना को गिरवी रख कर बैंकों द्वारा दिये जाने वाले कर्ज में 82 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह कर्ज मार्च 2020 के 33,303 करोड़ रुपये की तुलना में मार्च 2021 में 60,464 करोड़…
  • सोनिया यादव
    गौमूत्र और गोबर पर की गई टिप्पणी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए ख़तरा कैसे हो गई?
    19 May 2021
    मणिपुर के पत्रकार किशोरचंद्र वांगखेम और राजनीतिक कार्यकर्ता एरेन्ड्रो लेचोम्बाम को ‘गाय के गोबर और गोमूत्र’ से जुड़ी उनकी एक फ़ेसबुक पोस्ट के लिए पुलिस ने गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों पर…
  • CARTOON CLICK
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: घर में रहो...यानी घर बैठो
    19 May 2021
    कोरोना के कारण देशभर में लगाए लॉकडाउन के बाद करीब अप्रैल में 75 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी नौकरी गंवा दी हैं।
  • Haiti President
    पीपल्स डिस्पैच
    जोवेनेल मोइसे ने ट्रांजिशनल सरकार बनाने की मांग को खारिज किया
    19 May 2021
    जोवेनेल मोइसे के राष्ट्रपति पद का कार्यकाल संवैधानिक रूप से 7 फरवरी 2021 को समाप्त हो गया था लेकिन वे इस पद पर आसीन हैं। उन्होंने पद छोड़ने से इनकार कर दिया है और लाखों हैतीवाकियों की इच्छा के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License