NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या गाय अब माता नहीं रही ?
लगता है सरकार को उनके प्रति बढ़ते गुस्से का अंदाज़ा होने लगा है यही वजह है वह अब फूँक-फूँक कर कदम रख रही है. 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Nov 2017
cows
courtesy : free press jounal

मोदी सरकार अपने उस नोटिफिकेशन से पीछे हटने जा रही है, जिसमें मवेशियों को मारने के लिए पशु बाज़ार में बेचने पर पाबन्दी लगायी थी. 25 मई को केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एक नोटीफिकेशन जारी किया गया जिसमें सरकार ने कहा था कि कोई भी व्यक्ति मवेशियों को बूचड़खाने को नहीं बेच सकता.  

एनीमल क्रूएलिटी एक्ट में किये गए इन बदलावों के बाद सभी राज्यों को इसे लागू करने का आदेश दिया गया. इसके बाद सरकार को काफी विरोध झेलना पड़ा था. कई राज्यों में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए और मद्रास हाई कोर्ट ने इन बदले हुए नियमों पर रोक लगा दी. सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार के इस फैसले पर देश भर में रोक लगा दी थी. उस समय सरकार ने अपने बचाव में कहा था कि नियमों में बदलाव किसी के खान-पान के खिलाफ़ नहीं है बल्कि पशु हिंसा रोकने के लिए है.  

सरकार का कहना है कि देश भर से इस नोटीफिकेशन के खिलाफ काफी प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं इसीलिए उन्होंने अपने फ़ैसले से पीछे हटाना पड़ा.

गौरतलब है कि सरकार के इस नोटीफिकेशन के बाद देश भर में गौ रक्षकों के हौसले बुलंद हो गये. आजीविका के लिए गौपालन पर निरभर लोग इस फैसले से काफी आक्रोश में थे. एक तरफ उनकी आय आधी हो गई है तो दूसरी गौ रक्षकों की गतिविधियों की वजह से वो हमेशा डर के साऐ में रहते हैं. इसी साल राजस्थान में पशु पालक पेहलू खान और हाल में उमर मोहम्मद का क़त्ल इस डर की वजह को साफ़ करता है .

हाल ही में सीकर में हुए किसान आन्दोलन ने भी माँग करी थी कि मवेशियों को बेचने पर प्रतिबंध को हटा देना चाहिए , क्योंकि इससे किसानों को भारी नुक्सान होता है. दरअसल जब गाय दूध देना बंद कर देती थे तो उसे किसान बूचड़खाने में बेच दिया करते थे पर गौ रक्षकों के डर और नियमों में सख्ती की वजह से अब वो ऐसा नहीं कर पाते. किसानों के आलावा इसका कसाईयों और खाल निकालने का काम करने वालों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है. इस वजह से गाँव की पूरी अर्थव्यवस्था को धक्का लगा है, दिल्ली में हुए किसान संसद ने भी पशु बिक्री पर रोक को ख़तम करने की माँग की थी. लगता है सरकार को उनके प्रति बढ़ते गुस्से का अंदाज़ा होने लगा है यही वजह है वह अब फूँक-फूँक कर कदम रख रही है. 

cow slaughter
gau rakshak
BJP
cow slaughter ban

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Sweeping top court judgment endangers Thailand’s pro-democracy protests
    पीपल्स डिस्पैच
    शीर्ष कोर्ट के फ़ैसले से ख़तरे में आए थाईलैंड के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन
    13 Nov 2021
    तीन सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुनवाई के दौरान संवैधानिक कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजशाही में सुधार की मांग, राजशाही को उखाड़ फेंकने की मांग की तरह है। सामाजिक कार्यकर्ताओं को डर है कि चान-ओ-चा…
  • MNREGA
    अजय कुमार
    मोदी सरकार जब मनरेगा में काम दिलवाने में नाकाम है, तो रोज़गार कैसे देगी?
    13 Nov 2021
    मनरेगा की योजना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खिल्ली उड़ाते हैं। लेकिन उनके काल में भारत की अर्थव्यवस्था की हालत इतनी बुरी हो चुकी है कि मनरेगा का बजट साल खत्म होने से पहले ही खत्म हो जा रहा है।
  • altaf
    अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेश: क्या योगी आदित्यनाथ अल्ताफ़ को न्याय देंगे?
    13 Nov 2021
    हम अल्ताफ़ की मौत की तुलना पुलिस हिरासत में अक्सर होने वाली मौतों के साथ नहीं कर सकते हैं।
  • cop 26
    बी. सिवरामन
    काॅप 26 और काॅरपोरेट
    13 Nov 2021
    वैश्विक काॅरपोरेट घरानों के लिए कार्बन नियंत्रण के कोई लक्ष्य नहीं तय किये गए हैं, क्योंकि यह मुद्दा काॅप 26 के ऐजेन्डे में आया ही नहीं।
  • poisonous liquor
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: "ज़हरीली शराब का तांडव जारी, सरकार कर रही केवल बयानबाजी"
    13 Nov 2021
    माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि मुजफ्फरपुर के कांटी प्रखंड के श्रीसिया व बरियारपुर गांव में जहरीली शराब से कल अबतक 6 लोगों की मौत के साथ यह आंकड़ा 62 पहुंच गया है। हकीकत में मरने वालों की संख्या कहीं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License