NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या है नर्मदा प्लानटेशन स्कैम ?
जहाँ एक तरफ प्रशासन ने इस मुहिम को एक बड़ी सफलता कहा था, वहीं दूसरी तरफ बाबाओं ने ‘गुमशुदा पौधों’ के मुद्दे पर प्रदेश भर में यात्रा की बात की थी, पर जैसे ही उन्हें राज्य मंत्री का दर्ज़ा मिला उन्होंने चुप्पी साध ली है I
पृथ्वीराज रूपावत
07 Apr 2018
Translated by ऋतांश आज़ाद
Narmada scam

इस साल के अंत में होने वाले विधान सभा के चुनावों से पहले मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 अप्रैल को 5 बाबाओं को शायद चुनाव में लाभ पाने के लिए राज्य मंत्री का दर्ज़ा दे दियाI इसमें बीजेपी सरकार को तात्कालिक लाभ ये हुआ कि इसमें से दो बाबाओं – कम्प्यूटर बाबा और योगेन्द्र महंत- द्वारा चलायी जा रही ‘नर्मदा घोटाला यात्रा’ को वापस ले लिया गया I बाकि तीन राज्य मंत्री बाबा हैं नर्मदानन्द महाराज, हरिहरानंद महाराज और भय्यू महाराज I

पिछले साल 2 जुलाई को चौहान सरकार ने एक दिन में नर्मदा नदी के किनारे 6 करोड़ पौधे लगाने की मुहिम चलाई थी I जहाँ एक तरफ प्रशासन ने इस मुहिम को एक बड़ी सफलता कहा था, वहीं दूसरी तरफ बाबाओं ने ‘गुमशुदा पौधों’ के मुद्दे पर प्रदेश भर में यात्रा की बात की थी, पर जैसे ही उन्हें राज्य मंत्री का दर्ज़ा मिला उन्होंने चुप्पी साध ली है I इन बाबाओं से पहले विपक्षी पार्टियों, मानवाधिकार संगठनों और पर्यावरणविदों ने भी इस मुहिमों में अंतर्विरोधों की बात की थी I

दिलचस्प बात ये है कि एक दिन की पौधे लगाने की इस मुहिम से सरकार ने ये कोशिश की कि इससे Guinness World Record बन सके I लेकिन Guinness World Record के लोगों के वहाँ मौजूद होने के बावजूद उन्होंने सरकार को कोई अवार्ड नहीं दिया और उल्टा सरकार से 1.2 लाख पौधे लगाने की जगहों के विडियो, एक दिन में 6 करोड़ पौधे लगाने के सबूत के तौर पर माँगे I.

इस मुहिम के अंतर्गत राज्य सरकार के द्वारा 2017-18 में नर्मदा नदी के किनारे फल और बिना फल के पौधे लगाने के लिए 102 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे I लेकिन अब तक इस मुहिम की कोई आधिकारिक जाँच नहीं की गयी है I सामाजिक कार्यकर्ता विनायक परिहार ने आरोप लगाया है कि एक जाँच से ये साबित हुआ है कि इस पूरी मुहिम में 1 करोड़ पौधे भी जिन्दा नहीं बचे हैं क्योंकि इन्हें बहुत जल्दबाज़ी में लगाया गया था I ये सिर्फ 16.66% की सफलता है I

वनों की कटाई से नर्मदा पर असर पड़ा है

पिछले साल मई में पर्यावरण के जानकारों चौकाने वाले तथ्य दिए कि कैसे नर्मदा को बर्बाद किया जा रहा है I जानकारों ने नर्मदा नदी के साथ उसके स्रोत यानी मध्य प्रदेश के अनुपुर ज़िले के अमरकंठ से उसके अंत यानी गुजरात के बरवानी ज़िले तक की यात्रा तय की I इससे उन्हें पता चाल कि सतपुरा और विन्ध्या पहाड़ श्रृंखला के बीच में वन कटाई की वजह से 101 में से 60 उप नदियाँ सूख चुकी हैं I

सरदार सरोवर डैम का प्रभाव

पिछले साल सितम्बर में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर डैम का उद्घाटन किया I ये बड़े सत्र का प्रोजेक्ट इसके शुरूवाती साल 1961 से ही विवाद का का विषय रहा है I सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे प्रभावित 80 % परिवारों का अब तक विस्थापन नहीं हो पाया है I ये आन्दोलन में मेधा पाटकर के नेतृत्व में चलाया जा रहा नर्मदा बचाओ आन्दोलन मुख्य भूमिका निभा रहा है, उनका कहना है कि अब भी सिर्फ मध्य प्रदेश में ही 40,000 परिवारों को 192 गावों और एक कसबे में पुनर्वास का कार्य बाकि है I

इसके पर्यावरण पर हुए असर पर बोलते हुए South Asia Network on Dams, Rivers and People के कोर्डिनेटर हिमांशु ठक्कर ने दावा किया कि नर्मदा के डैम से नीचे की ओर प्रवाह के 150 किलोमीटर का फैलाव साल के ज़्यादातर समय सूखा रहता है I

इन सब मुद्दों की वजह से मध्य प्रदेश सरकार को पौधे लगाने की ज़रुरत महसूस हुई पर, लेकिन जो उन्होंने किया वह सिर्फ दिखावा दिखाई पड़ रहा है I

नर्मदा प्लान्टेशन
नर्मदा नदी
शिवराज सिंह चौहान
मध्य प्रदेश
बाबा मंत्री
कम्पूटर बाबा

Related Stories

मध्य प्रदेश: 22% आबादी वाले आदिवासी बार-बार विस्थापित होने को क्यों हैं मजबूर

मध्यप्रदेश: रीवा में बस हादसा ,नौ की मौत, 23 घायल

मध्यप्रदेश: एक और आश्रयगृह बना बलात्कार गृह!

''सिलिकोसिस बीमारी की वजह से हज़ारो भारतीय मजदूर हो रहे मौत के शिकार''

मध्यप्रदेश 10-दिन का गाँव बंद : विरोध के पहले सप्ताह में तीन किसानों ने आत्महत्या की

भोपल में हिन्दू महासभा के द्वारा मनाई जा रही नाथूराम गोडसे की जयंती को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोका

भाजपा: अच्छे दिन, फर्जी एनकाउंटर और राजनैतिक विकल्प

मध्यप्रदेश: उपचुनाव के नतीजों में दर्ज सन्देश

मंदसौर से 6 जुलाई को 'किसान मुक्ति यात्रा' शुरू

मध्य प्रदेश में एक अराजनीतिक हुड़दंग


बाकी खबरें

  • poverty
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता
    11 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और विकास के आख्यान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने रोटी और स्वाधीनता के विमर्श को रोटी बनाम स्वाधीनता बना दिया है।
  • farmer
    सुरेश गरीमेल्ला
    सरकारी इंकार से पैदा हुआ है उर्वरक संकट 
    11 Mar 2022
    मौजूदा संकट की जड़ें पिछले दो दशकों के दौरान अपनाई गई गलत नीतियों में हैं, जिन्होंने सरकारी कंपनियों के नेतृत्व में उर्वरकों के घरेलू उत्पादन पर ध्यान नहीं दिया और आयात व निजी क्षेत्र द्वारा उत्पादन…
  • सोनिया यादव
    पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने
    11 Mar 2022
    कांग्रेस को जो नुक़सान हुआ, उसका लगभग सीधा लाभ 'आप' को मिला। मौजूदा वक़्त में पंजाब के लोगों में नाराज़गी थी और इस कारण लोगों ने बदलाव को ही विकल्प मानते हुए आम आदमी पार्टी पर भरोसा किया है।
  • विजय विनीत
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में विपक्ष के पास मुद्दों की भरमार रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव मोदी-योगी का जादू बेअसर नहीं कर सके। बार-बार टिकटों की अदला-बदली और लचर रणनीति ने स
  • LOOSERES
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी हो गई है, हालांकि इस प्रचंड जीत के बावजूद कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा पाए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License