NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या इस बार आरा देगा वामपंथी सांसद?
बिहार में बेगूसराय के साथ ही आरा लोकसभा क्षेत्र से भी वामपंथियों को जीत की उम्मीद है। यहां भाकपा (माले) लिबरेशन के उम्मीदवार राजू यादव को महागठबंधन ने समर्थन दिया है।
राजु कुमार
26 Apr 2019
आरा में माले की चुनावी सभा

बिहार के आरा लोकसभा क्षेत्र की चर्चा भले ही राष्ट्रीय स्तर पर कम हो, लेकिन इस बार यहां की परिस्थिति वामपंथ के लिहाज से मजबूत मानी जा रही हैं। बेगूसराय में कन्हैया कुमार के लिए वामपंथी दल महागठबंधन से समर्थन चाह रहे थे। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के इनकार के बाद राज्य स्तर पर महागठबंधन में वामपंथी दल शामिल नहीं हो पाए और बेगूसराय से राजद ने अपना उम्मीदवार उतार दिया। लेकिन आरा लोकसभा सीट को राजद ने अपने कोटे से भाकपा (माले) लिबरेशन के लिए छोड़ दिया और इस तरह से आरा से भाकपा (माले) लिबरेशन के उम्मीदवार कॉ. राजू यादव को महागठबंधन का साथ मिल गया। इसके एवज में भाकपा माले ने पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से राजद उम्मीदवार मीसा भारती को समर्थन दिया है। मीसा भारती लालू यादव की बेटी हैं। महागठबंधन का साथ मिलने के बाद भाकपा माले उम्मीदवार राजू यादव और एनडीए की ओर से भाजपा उम्मीदवार आरा के वर्तमान सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री आर.के. सिंह के बीच सीधा मुकाबला दिख रहा है।

IMG-20190425-WA0018_0.jpg

राजू यादव के नामांकन से पूर्व आरा में एक जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा में गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति और समर्थकों की भीड़ ने भाकपा माले को उत्साहित किया है। भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपकंर भट्टाचार्य ने कहा कि अब तक के हुए चुनावों में यह चुनाव महत्वपूर्ण और निर्णायक है। यह लोकतंत्र की परीक्षा की घड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस इस देश के लोकतंत्र और संविधान को बदलकर हिटलरशाही थोपना चाहते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन बना था, लेकिन नीतीश कुमार ने जनादेश से गद्दारी की और बिहार को सांप्रदायिक, सामंती, संघी उन्माद के हवाले कर दिया। यह चुनाव नीतीश से भी बदला लेने का चुनाव है। इस जनसभा में ‘हम’ पार्टी के अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने एससी-एसटी कानून को कमजोर किया है। राजद के पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने कहा कि आज तक ऐसा कोई प्रधानमंत्री नहीं हुआ, जो संविधान का अपमान करता हो। जितने साहस से लोग सच नहीं बोल पाते, उतने साहस से प्रधानमंत्री झूठ बोलते हैं। जनसभा में हम, वीआईपी, कांग्रेस, राजद, रालोसपा के नेताओं ने भी जनता से राजू यादव के पक्ष में मतदान की अपील की। वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम कुमार मणि और पत्रकार फिल्मकार अविनाश दास ने भी जनसभा को संबोधित किया।

IMG-20190425-WA0023.jpg

भोजपुर की जमीन जनसंघर्षों के लिए पहचान रखती है। 70 और 80 के दशक में सामाजिक संघर्ष के दौर में गरीबों एवं दलितों के बीच वामपंथ की पैठ बढ़ गई थी, तब से एक बड़ा तबका लाल झंडे के नीचे एकजुट है। 1989 में पहली बार इंडियन पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) के उम्मीदवार के रूप में रामेश्वर प्रसाद ने आरा संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल की थी। नक्सलबाड़ी आंदोलन की पृष्ठभूमि के वे पहले नेता थे, जो सांसद बने थे। उन्होंने जनता दल के तुलसी सिंह को 16440 वोट से हराया था। रामेश्वर प्रसाद को कुल मतदान का 178211 यानी 32.65 फीसदी मत मिले थे। 1991 में संपन्न लोकसभा चुनाव में रामेश्वर प्रसाद तीसरे स्थान पर रहे। 1991 में जनता दल के रामलखन सिंह यादव ने जीत हासिल की थी। उसके बाद 1992 में भाकपा माले भूमिगत से ओपन राजनीति में आ गई, तब आइपीएफ का भाकपा माले में विलय कर दिया गया, तब से भाकपा माले इस सीट पर परचम लहराने का अथक प्रयास करती रही है। लेकिन 1991 और 1996 में जनता दल, 1998 में समता पार्टी, 1999 और 2004 में राष्ट्रीय जनता दल, 2009 में जनता दल (यू) एवं 2014 में भाजपा ने जीत हासिल की। चूंकि आरा से एनडीए उम्मीदवार के रूप में पहली बार यहां से भाजपा ने 2014 में जीत हासिल की थी, इसलिए समाजवादियों एवं वामपंथियों को फिर से इस सीट पर कब्जा हो, इसके लिए राजद ने अपने कोटे से इस सीट को भाकपा माले के लिए छोड़ दिया। पिछले चुनाव में भाजपा के आरके सिंह ने राजद के श्रीभगवान सिंह कुशवाहा को 135870 वोट से हराया था। भाकपा माले के राजू यादव तीसरे स्थान पर रहे थे।

वरिष्ठ साहित्यकार जितेन्द्र कुमार कहते हैं, ‘‘मौजूदा सांसद हवा-हवाई विकास का प्रचार कर रहे हैं। वे जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। जनता से उनकी दूरी बनी रही। केन्द्रीय मंत्री होने के बावजूद आरा का विकास नहीं हुआ। अधूरे निर्माणों का उद्घाटन करके वे आरा का विकास करना बता रहे हैं। लेकिन संसदीय क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है, उस पर पिछले पांच साल में कुछ भी काम नहीं हुआ।’’ साहित्यकार सुधीर सुमन का कहना है, ‘‘भोजपुर की जमीन सामाजिक संघर्ष के लिए पहचान रखती है। भोजपुर के सामाजिक संघर्ष के नायक मास्टर जगदीश पर विख्यात साहित्यकार महाश्वेता देवी ने ‘‘मास्टर साब’’ उपन्यास लिखा था। आज भी गरीबों, दलितों एवं किसान-मजदूरों में भाकपा माले की पैठ है। भाकपा माले का अपना जनाधार है और इसे महागठबंधन का साथ मिल जाने के बाद स्थिति ज्यादा मजबूत हुई है।’’

स्थानीय भाकपा माले नेता सत्यदेव का कहना है, ‘‘आरा की जनता पिछले विधानसभा चुनाव से पहले आरा में आयोजित उस रैली को नहीं भूली है, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के लोगो की बोली लगाई थी, तब पूरे बिहार में भाजपा की करारी हार हुई थी। आरा संसदीय क्षेत्र में आने वाली विधानसभा सीटों पर भी भाजपा का सफाया हो गया था। 5 सीटों पर राजद, एक पर भाकपा माले और एक पर जद यू को जीत मिली थी। इस बार लोकसभा चुनाव में भी भाजपा और स्थानीय सांसद के प्रति लोगों में गुस्सा है।’’

आरा लोकसभा के लिए मतदान अंतिम चरण में 19 मई को है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि महागठबंधन की ओर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राजद के तेजस्वी यादव की जनसभा भी यहां होगी। भाजपा के लिए यह सीट बचाने की लड़ाई है, तो महागठबंधन से ज्यादा भाकपा माले के लिए खोई हुई जमीन वापस पाने का अवसर है। 

 

General elections2019
2019 आम चुनाव
2019 Lok Sabha elections
Bihar
Arrah
Bhojpur
CPI(ML)
Left unity
mahagathbandhan
dipankar bhattacharya
Tejashwi Yadav
jitan ram manjhi

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’


बाकी खबरें

  • UP
    सतीश भारतीय, परंजॉय गुहा ठाकुरता, शेखर
    विश्लेषण: विपक्षी दलों के वोटों में बिखराव से उत्तर प्रदेश में जीती भाजपा
    29 Mar 2022
    आज ज़रूरत इस बात की है कि जिन राज्यों में भी भाजपा को जीत हासिल हो रही है, उन राज्यों के चुनाव परिणामों का विश्लेषण बारीकी से किया जाए और यह समझा जाए कि अगर विपक्ष एकजुट रहा होता तो क्या परिणाम…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत बंद का दिखा दम !
    29 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की। उन्होंने नज़र डाला है दिल्ली-एनसीआर और देश में हड़ताल के व्यापक असर पर।
  • sanjay singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    विपक्ष के मोर्चे से भाजपा को फायदा: संजय सिंह
    29 Mar 2022
    इस ख़ास अंक में नीलू व्यास ने बात की आप के सांसद संजय सिंह से और जानना चाहा Aam Aadmi Party के आगे की योजनाओं के बारे में। साथ ही उन्होंने बात की BJP और देश की राजनीति पर.
  • Labour Code
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल : दिल्ली एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों में दिखा हड़ताल का असर
    28 Mar 2022
    केंद्रीय मज़दूर संगठनों ने सरकार की कामगार, किसान और जन विरोधी नीतियों के विरोध में 28 और 29 मार्च दो दिन की देशव्यापी हड़ताल की शुरआत आज तड़के सुबह से ही कर दी है । हमने दिल्ली एनसीआर के साहिबाद…
  • skm
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों मिला मजदूरों की हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन
    28 Mar 2022
    मज़दूरों की आम हड़ताल को किसानों का समर्थन मिला है. न्यूज़क्लिक से बातचीत में ऑल इंडिया किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धवले ने कहा कि सरकार मजदूरों के साथ साथ किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रही है. खाद, बीज…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License