NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या जोधपुर संभाग के लोगों के साथ विकास के नाम पर धोखा हुआ ?
पिछले कुछ सालों से मर्ची की खेती, हस्तशिल्प , पशुपालन, स्वस्थ्य सेवाओं और बाकी क्षेत्रों की हालत लगातार ख़राब हुई है।
ऋतांश आज़ाद
27 Aug 2018
VASUNDHARA
image courtesy: Hindustan times

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की 'गौरव यात्रा' फिर से शुरू हुई और इस बार बारी थी जोधपुर संभाग की। लेकिन जोधपुर संभाग में शुरू हुई इस यात्रा को काफी विरोध का सामना करना पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जोधपुर के पीपाड़ में 25 की रात को वसुंधरा के काफिले पर लोगों ने पत्थर फेंके और 'गहलोत ज़िंदाबाद' के नारे लगाए। इसी तरह ओसिया में भी कुछ लोगों ने मुख़्यमंत्री की सभा में घुसने का प्रयास किया और काले झंडे दिखाए। पुलिस ने इन लोगों पर काबू पाया और इन्हे बाहर खदेड़ दिया गया। इन घटनों के बाद मुख़्यमंत्री से यात्रा कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दी और वह चार्टेड प्लेन से जयपुर चली गयीं। 
 
मुख़्यमंत्री की जोधपुर संभाग में यात्रा के बहाने चलिए इस इलाके में हुए तथाकथित विकास के बारे में बात की जाए। पश्चिमी राजस्थान में स्थित जोधपुर संभाग में करीब 6 ज़िले हैं - बाड़मेर, जैसलमेर, पाली,सिरोही, जोधपुर और जालोर ।  
 
यह  इलाका गेहूँ और लाल मिर्च की खेती जाना जाता रहा है। यहाँ की लाल मिर्च का निर्यात भी किया जाता रहा है। लेकिन पिछले सालों में मिर्ची के उत्पादन में कमी हुई है। इसकी वजह है कि जोधपुर के कुछ तहसीलों में ज़मीन पानी के स्तर गिर गया है। इस वजह से यह पूरा इलाका सूख गया और मिर्ची की खेती कम हो गयी है। इलाके में पीने के पाने की समस्या तो इंदिरा गांधी नहर से ठीक हो गयी। लेकिन खेती के लिए पानी न होने की वजह से खेती खतरे में है। फलौदी और दूसरे हिस्सों में मिर्च की खेती हो तो रही है , लेकिन पानी के स्तर के लगातार गिरने से खतरा बढ़ता जा रहा है। इसी के साथ ही सरकार ने किसानों को 8 घंटे बिजली देने का वादा किया था। लेकिन एक साथ बिजली नहीं आती , बिजली आती है तो रुक रूककर आती है।  इस वजह से खेतों तक पानी पहुँचता ही नहीं है।  इसके अलावा बिजली की दरे लगातार बढ़ती रहीं हैं इसकी वजह है बिजली का निजीकरण। 
 
जोधपुर संभाग में भी पशुपालन एक आय का साधन था। लेकिन भैरोंसिंह शेखावत सरकार में जबसे बछड़े को बेचने पर पाबन्दी लगाई । तबसे ही किसानों का यह आय का साधन ही ख़त्म हो गया। इस पाबन्दी को पहले कांग्रेस और फिर वसुंधरा सरकार ने आगे ही बढ़ाया है। सूत्र बताते हैं कि पूरे जोधपुर संभाग में पशु मेले होने ही खत्म हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक बछड़े की कीमत आज 2,000 रुपये  है । 
 
दूसरे इलाकों की तरह यहाँ भी नरेगा के कार्य को भी खत्म कर दिया गया है। कई जगह तो काम जेसीबी की मशीनों के लगातार उन्ही के द्वारा काम किया गया और कागज़ों पर दिखाया गया कि मज़दूरों ने काम किया। कई जगह नरेगा के नाम पर पैसे ले लिए गए और अधिकारियों ने आधे आधे बाँट लिए। इस तरह से नरेगा का पूरा तंत्र ही पश्चिमी राजस्थान में बर्बाद कर दिया गया है। साथ ही नरेगा के खिलाफ प्रचार भी किया गया जिससे इस स्कीम से फण्ड को धीरे धीरे ख़त्म कर दिया। कई जगह ग्राम पंचायतों ने यह कहा कि लोग नरेगा के अंतगत रोज़गार नहीं चाहते हैं ,जबकि आम लोगों को इसके बारे में सूचित नहीं किया गया , सरकार से मिले पैसा का कोई हिसाब नहीं दिया गया। आम लोग बताते हैं कि कांग्रेस सरकार में इस इलाके में नरेगा के तहत काम करते दिखते थे , लेकिन अब नरेगा की स्कीम को बर्बाद कर दिया गया है। 
 
जोधपुर में स्थित जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय है जो राजस्थान के बड़े शिक्षण संस्थानों में शामिल है। सूत्र बताते हैं कि करीबन 7 सालों से इस विश्वविद्यालय में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ केस चल रहे हैं। दरअसल कांग्रेस की सरकार में इस विश्वविद्यालयों में कई भारतीयों में भाई भतीजावाद किया गया और आरक्षण के नियमों को ताक पर रखा गया था। इस मामले में करीबन 150 भारतीयों पर सवाल उठे थे, यहाँ कि इस मामले  हाई कोर्ट के जज पर भी भाई भतीजावाद के आरोप लगे।  इस मामले में एक कांग्रेस के विधायक सहित 10 लोग गिरफ्तार किये जा चुके हैं। कई लोगों को बर्खास्त किया गया है। वसुंधरा जी ने इस मामले को सुलझाने की बात की थी लेकिन आज तक इस मामले धरना चल रहा है। 
 
पश्चिमी राजस्थान के इस इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत भी बहुत ख़राब है। सूत्र बताते हैं कि भामाशाह योजना जिसका वसुंधरा राजे जी और खुद प्रधानमंत्री ने कतरे हैं की ज़मीनी हकीकत इन दावों की हवा निकलती है। इस योजना के तहत गरीब लोगों को निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा देने की बात की जा रही है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक कई बार निजी अस्पताल छोटी बीमारी को बड़ा दिखाकर पेश करते हैं। इससे मरीज़ को अस्पताल  में कई दिनों तक रखा जाता है और बिल ज़्यादा बना दिया जाता है , जिससे सरकार से ज़्यादा पैसा ले लिया जाता है । कई बार ऑपेरशन किया ही नहीं जाता है और कागज़ पर ऑपरेशन दिखा के सरकार से पैसा ले लिया जाता है। इस वजह से योजना का फायदा आम लोगों को हो ही नहीं रहा है। सूत्रों के हिसाब से सरकार को निजी अस्पतालों में इस स्कीम को चलाने के बजाये सरकारी अस्पताल खोलने चाहिए। 
 
इन सभी मुद्दों के अलावा पश्चिमी राजस्थान का यह इलाका दलितों  उत्पीड़न में सबसे आगे है। 2 अप्रैल के बाद राजस्थान कई जगह दलितों पर  उन्हें फ़र्ज़ी मामलों में गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि करीब 150 दलितों पर निर्दोष होने के बावजूद दफा 307 (यानि हत्या की कोशिश ) के तहत मामला दर्ज़ किया गया था। इस मुद्दे पर दलित शोषण मुक्ति मंच, राजस्थान सचिव किशन मेधवाल ने कहा था “दक्षिणपंथी संगठनों जैसे बजरंग दल ,VHP, करणी सेना ने भारत बंद के विरोध में फेसबुक पर दलित विरोधी प्रचार किया और गैरदलितों से हथियार रखने की अपील की I इसके बाद जहाँ जहाँ बंद के लिए दलित शांतिपूर्वक बंद करा रहे थे वहाँ हमले हुए और उसके अलावा दलितों की भीड़ में इस तरह के लोग घुस गए और पुलिस पर पत्थरबाज़ी और आगज़नी की I फलौदी में 3000 दलितों की शांतिपूर्वक भीड़ पर दक्षिणपंथी संगठनों(VHP और करणी सेना) ने हमला किया और पुलिस वहाँ मूक दर्शक बनी रही I उन्होंने वहाँ मौजूद बाबा साहब अम्बेडकर की मूर्ति भी तोड़ी और वहाँ से जाने वाले लोगों पर 20 जगहों पर भी हमला किया I प्रदेश भर में पुलिस ने निर्दोष लोगों पर फ़र्ज़ी मुकदमें किये हैं और उन्होंने जेल में डाला है I फलौदी में मेरे अपने भाई के घर हमला किया गया था जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज़ की है I”
 
हाल ही में जोधपुर संभाग के बाड़मेर में प्रताड़ना के खिलाफ आवाज़ उठाने पर 72 दलित परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया गया। बाड़मेर के कुण्डी गाँव में इन सभी परिवारों को गाँव के राजपुरोहितों ने कुँएं से पानी नहीं पीने दिया और उनके बच्चों को स्थानीय स्कूल में नहीं घुसने दिया। 
 
इसके साथ ही सूत्रों के अनुसार जोधपुर का पारम्परिक हस्तशिल्प का काम भी कम हो गया है। जोधपुर में लकड़ी और अल्युमिनियम की कलाकृतियां और खिलौने निर्यात किये जाते हैं। लेकिन हाल में अंतराष्ट्रीय मांग कम हो जाने की वजह से व्यापारियों को बहुत नुक्सान हुआ है। बताया जा रहा है कि इसका एक बड़ा कारण GST है। जोधपुर हस्तशिल्प का कारोबार जहाँ पहले 700 करोड़ रुपये का था , वहाँ अब उसमें करीब 40 % की गिरावट आ गयी है। जहाँ पहले हर महीना 15 से 18 करोड़ रुपये का निर्यात होता था वहाँ अब 7.5 से 9 करोड़ रुपये का निर्यात होता है। 
 
लोगों में वसुंधरा  सरकार के खिलाफ नाराज़गी और लोगों का मूड देखते हुए लगता है कि वसुंधरा जी के अच्छे दिन ख़तम होने वाले हैं। 
 

Rajasthan
Vasundhara Raje
jodhpur
Dalit atrocities
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • Victims of Tripura
    मसीहुज़्ज़मा अंसारी
    त्रिपुरा हिंसा के पीड़ितों ने आगज़नी में हुए नुकसान के लिए मिले मुआवज़े को बताया अपर्याप्त
    25 Jan 2022
    प्रशासन ने पहले तो किसी भी हिंसा से इंकार कर दिया था, लेकिन ग्राउंड से ख़बरें आने के बाद त्रिपुरा सरकार ने पीड़ितों को मुआवज़ा देने की घोषणा की थी। हालांकि, घटना के तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के…
  • genocide
    अजय सिंह
    मुसलमानों के जनसंहार का ख़तरा और भारत गणराज्य
    25 Jan 2022
    देश में मुसलमानों के जनसंहार या क़त्ल-ए-आम का ख़तरा वाक़ई गंभीर है, और इसे लेकर देश-विदेश में चेतावनियां दी जाने लगी हैं। इन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
  • Custodial Deaths
    सत्यम् तिवारी
    यूपी: पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से एक आदिवासी की मौत, सरकारी अपराध पर लगाम कब?
    25 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार दावा करती है कि उसने गुंडाराज ख़त्म कर दिया है, मगर पुलिसिया दमन को देख कर लगता है कि अब गुंडाराज 'सरकारी' हो गया है।
  • nurse
    भाषा
    दिल्ली में अनुग्रह राशि नहीं मिलने पर सरकारी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने विरोध जताया
    25 Jan 2022
    दिल्ली नर्स संघ के महासचिव लालाधर रामचंदानी ने कहा, ‘‘लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल, जीटीबी हस्पताल और डीडीयू समेत दिल्ली सरकार के अन्य अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग…
  • student
    भाषा
    विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट
    25 Jan 2022
    रिपोर्ट के अनुसार महामारी के कारण उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों में विश्वविद्यालयों के सामने अनेक विषय आ रहे हैं और ऐसे में विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License