NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
क्या कभी सामने आ पाएगा बालाकोट का सच ?
बालाकोट एयर स्ट्राइक की हकीकत किसी को नहीं पता। जितनी ज़ुबाने हैं, उतने ही सच निकल कर आ रहे हैं। इस पूरे विषय पर बात कर रहे हैं न्यूज़क्लिक के चीफ इन एडिटर प्रबीर के साथ रक्षा मामलें के जानकार डॉक्टर रघुनंदन।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
12 Mar 2019

बालाकोट एयर स्ट्राइक की हकीकत किसी को नहीं पता। जितनी ज़ुबाने हैं, उतने ही सच निकल कर आ रहे हैं। भारतीय वायुसेना जहां यह कह रही है कि हमारा काम टारगेट पर हमला करना है न कि यह पता लगाना की कितना नुसकान हुआ। वहीं भारत की घरेलू राजनीति में मनगढ़ंत आंकड़ें उछाले जा रहे हैं कि 200 से 300 आतंकियों को मार गिराया गया है। उधर पाकिस्तान की सरकार ने किसी भी मीडिया आर्गेनाईजेशन को जाबा की पहाड़ियों की तरफ जाने से रोक दिया है। इसलिए इस समय बालाकोट की हकीकत बिलकुल धुंधली लग रही है. इस पर कोहरा छाया हुआ है। इस तनाव का पहला राउंड खत्म हो चूका है। कहने वाले, कह रहे हैं कि इससे निजात पाने में अंतरराष्ट्रीय दबावों ने बखूबी भूमिका निभाई है। इसलिए भारत पाकिस्तान का तनाव अंतरराष्ट्रीय दबावों का हिस्सा बन चूका है। यह भारतीय कूटनीति की बड़ी असफलता है। क्योंकि ऐसा होने पर कश्मीर का विषय भी अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप का मसला बन जाएगा। जिसपर अब तक भारत और पकिस्तान का यह कहना होता था कि यह इनका अंदरूनी मसला है और ये खुद इसे संभाल लेंगे। इस पूरे विषय पर बात कर रहे हैं न्यूज़क्लिक के चीफ इन एडिटर प्रबीर के साथ रक्षा मामलें के जानकार डॉक्टर रघुनंदन।

air strike politics
air strike
BJP
Modi
Modi government
India and Pakistan

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ख़बर भी-नज़र भी: दुनिया को खाद्य आपूर्ति का दावा और गेहूं निर्यात पर रोक
    14 May 2022
    एक तरफ़ अभी कुछ दिन पहले हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दावा करते हैं कि अगर विश्व व्यापार संगठन (WTO) भारत को अनुमति देता है, तो हमारा देश अपने खाद्य भंडार से दुनिया को खाद्य आपूर्ति कर सकता है,…
  • aadhar
    भाषा
    आधार को मतदाता सूची से जोड़ने पर नियम जल्द जारी हो सकते हैं : मुख्य निर्वाचन आयुक्त
    14 May 2022
    "यह स्वैच्छिक होगा। लेकिन मतदाताओं को अपना आधार नंबर न देने के लिए पर्याप्त वजह बतानी होगी।"
  • IPC
    सारा थानावाला
    LIC IPO: कैसे भारत का सबसे बड़ा निजीकरण घोटाला है!
    14 May 2022
    वी. श्रीधर, सार्वजनिक क्षेत्र और सार्वजनिक सेवाओं पर जन आयोग के सदस्य साक्षात्कार के माध्यम से बता रहे हैं कि एलआईसी आईपीओ कैसे सबसे बड़ा निजीकरण घोटाला है।
  • congress
    रवि शंकर दुबे
    इतिहास कहता है- ‘’चिंतन शिविर’’ भी नहीं बदल सका कांग्रेस की किस्मत
    14 May 2022
    देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस चुनावों में जीत के लिए पहले भी चिंतन शिविर करती रही है, लेकिन ये शिविर कांग्रेस के लिए इतने कारगर नहीं रहे हैं।
  • asianet
    श्याम मीरा सिंह
    लता के अंतिम संस्कार में शाहरुख़, शिवकुमार की अंत्येष्टि में ज़ाकिर की तस्वीरें, कुछ लोगों को क्यों चुभती हैं?
    14 May 2022
    “बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़, मशहूर गायिका लता मंगेशकर के अंत्येष्टि कार्यक्रम में श्रद्धांजलि देने गए हुए थे। ऐसे माहौल में जबकि सारी व्याख्याएँ व्यक्ति के धर्म के नज़रिए से की जा रही हैं, वैसे में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License