NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 में जाति एक 'फैक्टर' है
कर्नाटक की 6.5 करोड़ आबादी में लगभग 80 प्रतिशत अल्पसंख्यक, ओबीसी, अनुसूचित जाति और एसटी के अंतर्गत आतें हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Mar 2018
karnataka

जैसा की हम जानते है की इस साल के अप्रैल –मई में  कर्नाटका में विधानसभा के चुनाव होने वाले है, अब तक ये स्थापित हो गया है की ये चुनावी जंग मुख्यतःतीन राजनीतक दल– सत्तासीन कांग्रेस और दो विपक्षी पार्टी भाजपा और जेडी(एस) के मध्य होने जा रहा है  | पिछले विधानसभा चुनाव 2013  में कांग्रेस ने 124 सीटो के साथ सरकार का गठन किया था जबकी भाजपा और जेडी(एस) ने 40-40 सीटे जीत दर्ज की थी |

जैसा कि हम जानते हैं कि भारत में किसी भी चुनाव में जाति एक प्रमुख मुद्दा रहता है वो यहाँ  भीं प्रमुख रूप से निर्धारक बना रहा है I इस दक्षिणी राज्य में राजनीतिक दलों ने भी जाति आधारित राजनीति पर भरोसा जाताया है, ये उनके चुनावी अभियान में स्पष्ट देखा जा सकता है ।

 2015 में सीतारमैया सरकार ने राज्य में जातिगत आधार पर एक जनगरणा कराई थी , पर अब तक उसके नतीजे नहीं आये हैं I लेकिन सर्वेक्षण के आधार पर दावा करते हुए,विभिन्न मीडिया संगठनों ने पहले ही  राज्य में जाति विभाजन की सूचना दी है | उनके अनुसार अनुसूचित जातियां 18 प्रतिशत हैं और मुस्लिम 12.5 % हैं |  सर्वेक्षण के खुलासे ने  लिंगायत और वोक्कलिग के उन दावों के खंडन के किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके समुदायों का सबसे ज्यादा प्रतिशत है , जनगरणा के मुताबिक उनकी संख्या  9 और 8 प्रतिशत है | जबकि अनुसूचित जनजातियां और कुरूबास का हिस्सा लगभग 7 प्रतिशत का  है और शेष अन्य पिछड़ी जातियों का  हैं,  राज्य में 2 प्रतिशत ब्राह्मण हैं I

 फिर भी, कर्नाटक की 6.5 करोड़ आबादी में लगभग 80 प्रतिशत अल्पसंख्यक, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और एसटी के अंतर्गत आता है |

उपरोक्त दलों के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों की अगुवाई में जातियो  को  लुभाने  का संक्षिप्त विवरण यहां है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पिछड़ी जाति कुरुबास से संबंधित हैं, जो जानबूझकर बार बार  खुद को सामाजिक-राजनीतिक दर्शन 'अहिंडा' (अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्गों और दलितों के लिए कन्नड़ संक्षेप) का पालन करने का  दाव करते हैं। राज्य में कांग्रेस पार्टी के महत्वपूर्ण चुनावी  वादों में मौजूदा 50 प्रतिशत  आरक्षण के स्तर में वृद्धि करके   70 प्रतिशत तक करने का वादा है , इस प्रकार अल्पसंख्यक और कमज़ोर समुदायों से मतदाताओं को कांग्रेस को अपनी  ओर लुभान चाहती है  |

बीएस येदियुरप्पा, भाजपा के राज्य अध्यक्ष और पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार लिंगायत समुदाय के हैं,  जो राज्य में प्रमुख जाति हैं। येदियुरप्पा को भ्रष्टाचार के आरोपों पर लगाए जाने के बावजूद, राजनीतिक विश्लेषकों का तर्क है कि लिंगायत मतदाताओं में उनके समर्थन का आधार राज्य में भगवा पार्टी का चेहरा बनाने के पीछे मुख्य कारण था। हालांकि, कई रिपोर्टों के अनुसार, बीजेपी, अपने सम्बद्धती  संगठनों के समर्थन से राज्य में हिंदू और मुस्लिम धर्मों के बीच ध्रुवीकरण की राजनीति  कर रही है।

वहीँ दूसरी तरफ़ JDS से पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौडा के बेटे एच डी कुमारास्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है , वह वोकालीगस जाति से आते हैं जो की वहाँ की एक प्रमुख जाति है I8 फरवरी को, जेडी (एस) ने आधिकारिक तौर पर आगामी चुनावों के लिए बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन बना लिया है । इसलिए इन्हे  ऊपरी जाति वोकलीगस और दलितों के समर्थन की उम्मीद है।

जाति के आंकड़े और राजनीतिक दलों के कुछ जातियों और धार्मिक समूहों के लिए लुभावनी अपील के बावजूद, कृषि संकट, बेरोजगारी और अन्य सामाजिक-आर्थिक संकेतक जैसे कारक जाति से अधिक  प्रमुख भूमिका निभाते हैं|

कर्नाटक सरकार
कांग्रेस
बीजेपी
जेडीएस
जातिवाद

Related Stories

झारखंड चुनाव: 20 सीटों पर मतदान, सिसई में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल

झारखंड की 'वीआईपी' सीट जमशेदपुर पूर्वी : रघुवर को सरयू की चुनौती, गौरव तीसरा कोण

हमें ‘लिंचिस्तान’ बनने से सिर्फ जन-आन्दोलन ही बचा सकता है

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

असमः नागरिकता छीन जाने के डर लोग कर रहे आत्महत्या, एनआरसी की सूची 30 जुलाई तक होगी जारी

एमरजेंसी काल: लामबंदी की जगह हथियार डाल दिये आरएसएस ने

अहमदाबाद के एक बैंक और अमित शाह का दिलचस्प मामला

आरएसएस के लिए यह "सत्य का दर्पण” नहीं हो सकता है

उत्तरपूर्व में हिंदुत्वा का दोगुला खेल

अशोक धावले : मोदी सरकार आज़ाद भारत के इतिहास में सबसे किसान विरोधी सरकार है


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License