NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या मोदी भी गोडसे को महापुरुष मानते हैं ?
अगर मानते हैं तो विदेशी मेहमानों के सामने गांधीजी का चरखा चलाना बन्द करें I
आशुतोष कुमार
23 Feb 2018
Gandhi
Image Courtesy: Indiablooms

बीएचयू में संस्कृति -2018 के दौरान 'मैं नाथूराम गोडसे बोल रहा हूँ' एकालाप नाटक के रूप में पेश किया गया। भरे हुए सभागार में जबरदस्त तालियों और किलकारियों के बीच गांधीजी के ख़िलाफ़ जहर भरी झूठी बातें कही गईं। उन्हें देशद्रोही और हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताया गया। नाटक अत्यंत सफल रहा। अंत में वंदे मातरम के गगनभेदी नारे लगे।

कुछ छात्रों ने इस प्रदर्शन के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत की है। नाटक रोकने की कोशिश नहीं की। ठीक ही है,अभिव्यक्ति की आज़ादी सबको है। पुलिस में शिकायत करना संवैधानिक तरीका है। याद कीजिए, जेएनयू में अब तक अज्ञात कुछ तत्वों द्वारा भारत विरोधी नारे लगाए जाने पर क्या क्या हुआ था। राष्ट्रपिता का क्या है, कोई कुछ भी कह सकता है।

लेकिन इंडियन एक्सप्रेस में इस घटना पर बीएचयू के डीन के बयान की जो रिपोर्ट छपी है, वह ध्यान देने लायक है। उन्हें कहते बताया है कि ऐसे प्रदर्शनों में कोई बुराई नहीं है। हर व्यक्ति के प्रति आदर और प्रेम होना चाहिए। ये हमारे 'महापुरुष' हैं!

बीएचयू केंद्रीय विश्वविद्यालय है। केंद्र सरकार और यूजीसी को बताना चाहिए कि क्या वे भी गोडसे को महापुरुष मानते हैं। अगर मानते हैं तो विदेशी मेहमानों के सामने गांधीजी का चरखा चलाना बन्द करें। अगर नहीं मानते तो डीन के बयान पर समुचित कार्रवाई करें।

BHU
Nathuram Godse

Related Stories

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

इफ़्तार को मुद्दा बनाने वाले बीएचयू को क्यों बनाना चाहते हैं सांप्रदायिकता की फैक्ट्री?

BHU : बनारस का शिवकुमार अब नहीं लौट पाएगा, लंका पुलिस ने कबूला कि वह तलाब में डूबकर मर गया

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग

बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

यूपी: बीएचयू अस्पताल में फिर महंगा हुआ इलाज, स्वास्थ्य सुविधाओं से और दूर हुए ग्रामीण मरीज़

यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?

"गाँधी के हत्यारे को RSS से दूर करने का प्रयास होगा फेल"

EXCLUSIVE: ‘भूत-विद्या’ के बाद अब ‘हिंदू-स्टडीज़’ कोर्स, फिर सवालों के घेरे में आया बीएचयू


बाकी खबरें

  • भाषा
    चारा घोटाला: झारखंड उच्च न्यायालय ने लालू यादव को डोरंडा कोषागार मामले में ज़मानत दी
    22 Apr 2022
    लालू प्रसाद के खिलाफ रांची में चारा घोटाले का यह अंतिम मामला था और अब उनके खिलाफ पटना में ही चारा घोटाले के मामले विचाराधीन रह गये हैं। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में…
  • अजय कुमार
    जहांगीरपुरी में चला बुल्डोज़र क़ानून के राज की बर्बादी की निशानी है
    22 Apr 2022
    बिना पक्षकार को सुने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। कानून द्वारा निर्धारित यथोचित प्रक्रिया को अपनाए बिना किसी तरह के डिमोलिशन की करवाई करना अन्याय है। इस तरह के डिमोलिशन संविधान के अनुच्छेद…
  • लाल बहादुर सिंह
    संकट की घड़ी: मुस्लिम-विरोधी नफ़रती हिंसा और संविधान-विरोधी बुलडोज़र न्याय
    22 Apr 2022
    इसका मुकाबला न हिन्दू बनाम हिंदुत्व से हो सकता, न ही जातियों के जोड़ गणित से, न केवल आर्थिक, मुद्दा आधारित अर्थवादी लड़ाइयों से। न ही महज़ चुनावी जोड़ तोड़ और एंटी-इनकंबेंसी के भरोसे इन्हें परास्त किया…
  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: पंचायत चुनावों को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध, जानिए क्या है पूरा मामला
    22 Apr 2022
    कई आदिवासी संगठन पंचायती चुनावों पर रोक लगाने की मांग को लेकर राजभवन पर लगातार धरना दे रहें हैं। 
  • अनिल जैन
    मुद्दा: हमारी न्यायपालिका की सख़्ती और उदारता की कसौटी क्या है?
    22 Apr 2022
    कुछ विशेष और विशिष्ट मामलों में हमारी अदालतें बेहद नरमी दिखा रही हैं, लेकिन कुछ मामलों में बेहद सख़्त नज़र आती हैं। उच्च अदालतों का यह रुख महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल, पंजाब, दिल्ली और दूसरे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License