NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या प्रदेश में बढ़ती बेरोज़गारी पर वसुंधरा राजे को 'गौरव' है ?
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी हर साल राज्य में 15 लाख रोज़गार पैदा करने की बात की थी। लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस साल विधान सभा के बजट सेशन में एक सवाल के जवाब से पता चला कि पिछले पाँच साल सिर्फ 50,000 के आस पास ही नौकरियाँ पैदा की गयीं।
ऋतांश आज़ाद
13 Aug 2018
vasundhara raaje

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे चुनावी प्रचार के लिए प्रदेश भर में 'गौरव यात्रा' पर निकली हुई हैं। यात्रा की शुरुवात में अमित शाह ने कहा था कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में महिलाओं, युवाओं और सभी प्रदेशवासियों के लिए बहुत काम किया है। बीजेपी के प्रचार के लिए निकाली जा रही इस 'गौरव यात्रा' पर हाई कोर्ट ने सरकार  को नोटिस भेजा है। नोटिस की वजह है कि यह है कि सरकार पर आरोप है कि इस यात्रा में सरकारी पैसा और संसाधनों पर इस्तेमाल किया गया है। 
 
लेकिन मुख्य सावल यह है कि जिस विकास पर 'गौरव' दर्शाया जा रहा है, उनकी ज़मीनी हकीकत क्या है ? अगर राजस्थान में बेरोज़गारी की स्तिथि के बारे में बात की जाए इस 'गौरव ' की हवा निकलने में देर नहीं लगेगी।  
 
देश भर की तरह ही राजस्थान में भी बेरोज़गारी एक बहुत बड़ी समस्या बनकर उभरी है। जिस तरह मोदी ने सत्ता में आने से पहले यह वादा किया था कि वह युवाओं को हर साल 2 करोड़ नौकरियाँ देंगे। उसी तरह मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी हर साल राज्य में 15 लाख रोज़गार पैदा करने की बात की थी। लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस साल विधान सभा के बजट सेशन में एक सवाल के जवाब से पता चला कि पिछले पाँच साल सिर्फ 50,000 के आस पास ही नौकरियाँ पैदा की गयीं। 
 
इसके साथ ही नेशन कॅरियर सर्विस हिसाब के हिसाब से राजस्थान में 8,80,144 लोगों ने खुदको बेरोज़गार पंजीकृत कराया था। लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गयी इस योजना के तहत सिर्फ 19,605 वेकेंसियां निकाली गयीं। इसका अर्थ है कि बेरोज़गारी के हिसाब से सिर्फ 2.2 % वेकेंसियां थीं। हमें यह भी समझना होगा कि बहुत से बेरोज़गार खुद को पंजीकृत नहीं कराते। 
 
 राजस्थान में मुख्य तौर पर लोग खेती और पशुपालन से जुड़े हुए हैं। कृषि संकट के बढ़ जाने की वजह से या तो लोग भारी संख्या में बेरोज़गार हो गए हैं। दूसरी तरफ निजी निवेश में भी कोई बढ़ौतरी नहीं हुई है और न ही सरकार ने औद्योगीकरण की तरफ कोई कदम बढ़ाये हैं। पिछली बार इसी मुद्दे बात करते हुए भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य शंकर लाल चौधरी ने कहा था कि कि Rajasthan Eligibility Exam for Teachers एक परीक्षा हुआ करती थी, जिसमें योग्यता साबित करने के बाद छात्रों को नौकरियाँ मिल जाती थीं। लेकिन पिछले 4 सालों से REET के तहत भर्तियां नहीं की जा रही हैं, क्योंकि परिणामों में गफलत के चलते मामला हाई कोर्ट में चला गया। लेकिन चुनाव पास आने की वजह अब सरकार ने इस परीक्षा के तहत 35,000 वेकेंसियां निकाली हैं। राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन में भी बहुत खामियां होने की वजह से वहाँ भी भर्तियाँ नहीं हुई। 
 
राजस्थान में पिछले सालों में ग्रामीण रोज़गार की स्कीम नरेगा द्वारा भी रोज़गार नहीं पैदा किये जा रहे हैं। शंकर लाल चौधरी के हिसाब से "गाँवों में जेसीबी मशीने लगा रखी हैं, जिनके ज़रिये काम कराया जा रहा है। गाँव  के सरपंच, प्रधान , कांट्रेक्टर और स्थानीय राजनेता मनरेगा के अंतर्गत मिलने वाले वाले पैसे को इस तरह खर्च कर रहे हैं। जहाँ 100 लोगों को काम मिलना चाहिए वहाँ सिर्फ 6 -7 लोगों को काम मिलता है। बाकी के पैसे का हिसाब नहीं है। इसके अलावा आरक्षण के ज़रिये जो लोगों को नौकरियाँ मिलनी चाहिए वहाँ एक भी भरती नहीं हुई। "
 
सूत्रों के हिसाब से इसके साथ ही वसुंधरा राजे की सरकार ने करीब 30,000 सरकारी स्कूलों का एकीकरण कर दिया था। इस वजह से राज्य भर में  करीब 90,000 अध्यापकों और कर्मचारियों के खाली पद ख़तम हो गए थे। योजना यह भी थी कि 300 स्कूलों को निजी हाथों में सौंप दिया जाए। लेकिन भारी जन विरोध के बाद सरकार को इस फैसले के
से पीछे हटना पड़ा। 
 
 पिछले कई सालों से Rajasthan Administrative and Subordinate Services की परीक्षा में धांधलेबाजी के चलते एग्जाम हुआ ही नहीं है। इसमें करीब 1500 से 2000 वेकेंसियां निकलती थी। लेकिन पिछले कई सालों से इसका मामला कोर्ट में चल रहा था। लेकिन चुनाव नज़दीक आने की वजह से अब एग्जाम कराया जा रहा है। 
 
बेरोज़गारी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस साल जनवरी में जब विधान सभा में पियोन की नौकरी के लिए 18 वेकेंसी निकली तो उसके लिए 12,453 ने इंटरव्यू दिया। इनमें से 129 इंजीनियर , 23 वकील , 393 पोस्ट ग्रेजुएट और CA शामिल थे। जबकि इस नौकरी के लिए सिर्फ 10 पास होने की आवश्यकता थी। दिलचस्प बात ये है कि 18 चुने गए लोगों में से एक नौकरी पाने वाले एक व्यक्ति बीजेपी के विधायक के बेटे थे। 
 
इस सब को देखते हुए सवाल उठता है कि क्या वसुंधरा राजे जी को बेरोज़गारी बढ़ाने पर 'गौरव है '?  अगर नहीं तो 'गौरव यात्रा' किस बात की। 

unemployment
rajasthan government
gaurav yatra
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • लव पुरी
    क्या यही समय है असली कश्मीर फाइल को सबके सामने लाने का?
    04 Apr 2022
    कश्मीर के संदर्भ से जुडी हुई कई बारीकियों को समझना पिछले तीस वर्षों की उथल-पुथल को समझने का सही तरीका है।
  • लाल बहादुर सिंह
    मुद्दा: क्या विपक्ष सत्तारूढ़ दल का वैचारिक-राजनीतिक पर्दाफ़ाश करते हुए काउंटर नैरेटिव खड़ा कर पाएगा
    04 Apr 2022
    आज यक्ष-प्रश्न यही है कि विधानसभा चुनाव में उभरी अपनी कमजोरियों से उबरते हुए क्या विपक्ष जनता की बेहतरी और बदलाव की आकांक्षा को स्वर दे पाएगा और अगले राउंड में बाजी पलट पायेगा?
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध
    04 Apr 2022
    भाकपा माले विधायकों को सदन से मार्शल आउट कराये जाने तथा राज्य में गिरती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में 3 अप्रैल को माले ने राज्यव्यापी प्रतिवाद अभियान चलाया
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक हज़ार से भी कम नए मामले, 13 मरीज़ों की मौत
    04 Apr 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 597 हो गयी है।
  • भाषा
    श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया
    04 Apr 2022
    राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से सरकार द्वारा कथित रूप से ‘‘गलत तरीके से निपटे जाने’’ को लेकर मंत्रियों पर जनता का भारी दबाव था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License