NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
क्या राज्य स्तर की पार्टी का मुख्यमंत्री होना सबसे लाभदायक है?
राज्य स्तर के मुख्य दलों के मुख्यमंत्रियों की उच्चतम कुल संपत्ति में सबसे बड़ा हिस्सा है और साथ ही उनकी औसत संपत्ति भी ज्यादा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Feb 2018
Translated by महेश कुमार
political parties

12 फ़रवरी को एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की जिसका शीर्षक 29 राज्य विधानसभाओं और भारत के 2 संघ राज्य क्षेत्रों के मुख्यमंत्रियों का विश्लेषण है। रिपोर्ट में 31 मुख्यमंत्रियों के कई पहलुओं पर गौर किया गया। इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु थे; आपराधिक मुकदमा; वित्तीय पृष्ठभूमि; और मुख्यमंत्रियों की लिंग, शिक्षा और उम्र के विवरण के आधार पर विश्लेषण। रिपोर्ट में सबसे अमीर तीन मुख्य मंत्रियों और कम संपत्ति वाले तीन मुख्य मंत्रियों को दर्शाया गया है। एडीआर रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए, पार्टी-वार संपत्ति का विस्तार से विश्लेषण किया गया। पार्टी-वार ब्यौरा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टियों का अलग से विश्लेषण किया गया है और राज्य स्तरीय पार्टियों के लिए अलग से मौजूद है जिसे एक रूप में समूहीकृत किया जाएगा।

 

वर्तमान में, सात राष्ट्रीय पार्टियाँ हैं; एआईटीसी, भाजपा, बसपा, सीपीआई, सीपीआई (एम), कांग्रेस और एनसीपी। इन पार्टियों में केवल एआईटीसी, बीजेपी, सीपीआई (एम) और कांग्रेस के मुख्यमंत्री है। एआईटीसी का एक मुख्यमंत्री हैं, भाजपा के 14, सीपीआई (एम) के पास 2 और कांग्रेस में 5।

इसका अर्थ है कि 31 मुख्य मंत्रियों में से 22, राष्ट्रीय पार्टियों के हैं।

parties

चूंकि एआईटीसी के पास केवल एक मुख्यमंत्री है, कुल संपत्ति में पार्टी का हिस्सा कम है। सीपीआई (एम) के पास केवल दो सीएम हैं और उनका शेयर 0.27% से भी कम है। राज्य दलों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या सीएम है और कुल परिसंपत्तियों का सबसे बड़ा हिस्सा भी उनके पास है, भाजपा में सबसे ज्यादा सीएम हैं और उनके पास कुल संपत्ति का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा है।

ग्राफ

यह देखते हुए कि एआईटीसी के पास केवल एक मुख्यमंत्री है, औसतन और कुल संपत्ति 0.3 करोड़ रुपये ही हैं। सीपीआई (एम) के दो मुख्यमंत्रियों में कम से कम औसत संपत्ति 0.67 करोड़ रुपेय थी। राज्य स्तर की पार्टियों के पास 9 मुख्यमंत्रियों हैं और उनके पास कुल संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा 25.51 करोड़ रुपए था बल्कि 9.32 करोड़ रूपए के साथ मुख्यमंत्रियों की औसत संपत्ति में सबसे अधिक हिस्सा भी उन्ही के पास है। कांग्रेस दूसरी सबसे ज्यादा औसत संपत्ति 19 .05 करोड़ और 14 सीएम के साथ दुसरे नंबर पर है और बीजेपी के पास औसत के रूप में 12.53 करोड़ हैं।

इन आंकड़ों के निंदक विश्लेषण से यह राय उत्पन्न होगी कि राष्ट्रीय पार्टी की बजाय एक राज्य की पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री बनना सबसे अधिक लाभदायक है, और यदि कोई किसी राष्ट्रीय पार्टी का हिस्सा बनना चाहता है, तो उसके लिए कांग्रेस और भाजपा सबसे अच्छा विकल्प है। दलों के प्रत्येक वर्ग में जिनके मुख्यमंत्री के पास उच्च संपत्ति है, उनमें एक सदस्य है, जो प्रत्येक शीर्ष तीन सबसे अमीर मुख्यमंत्री की सूची में शामिल थे; जिनमें चंद्राबाबू नायडू, पेमा खांडू, और अमरिंदर सिंह शामिल हैं। एआईटीसी और सीपीआई (एम) दोनों ही सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में शामिल थे; ममता बनर्जी और माणिक सरकार, तीसरे नंबर पर जम्मू कश्मीर की पीडीपी की मेहबूबा मुफ्ती हैं। ममता बनर्जी की कोई अचल संपत्ति नहीं है जबकि मानिक सरकार के पास बहुत ही कम संपत्ति है।

राज्य स्तरीय पार्टियाँ
राष्ट्रीय पार्टियाँ
मुख्यमंत्री
CPIM
BJP
Congress
ADR

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के नए मामले तो कम हुए लेकिन प्रति दिन मौत के मामले बढ़ रहे हैं  
    29 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,35,532 नए मामले सामने आए हैं | इसके अलावा कोरोना से बीते दिन 871 मरीज़ों की मौत हुई है और देश में अब तक 4 लाख 93 हज़ार 198 लोग अपनी जान गँवा चुके हैं।
  • unemployment
    अजय कुमार
    सरकारी नौकरियों का हिसाब किताब बताता है कि सरकार नौकरी ही देना नहीं चाहती!
    29 Jan 2022
    जब तक भारत का मौजूदा आर्थिक मॉडल नहीं बदलेगा तब तक नौकरियों से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी का कोई भी मुकम्मल हल नहीं निकलने वाला।
  • Gorakhpur
    सत्येन्द्र सार्थक
    गोरखपुर : सेवायोजन कार्यालय में रजिस्टर्ड 2 लाख बेरोज़गार, मात्र 4.42% को मिला रोज़गार
    29 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में सक्रिय बेरोज़गारों की संख्या 41 लाख से ज़्यादा है। मगर सेवायोजन कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार रिक्त पदों की संख्या सिर्फ़ 1,256 है।
  • hum bharat ke log
    लाल बहादुर सिंह
    झंझावातों के बीच भारतीय गणतंत्र की यात्रा: एक विहंगम दृष्टि
    29 Jan 2022
    कारपोरेट ताकतों ने, गोदी मीडिया, इलेक्टोरल बॉन्ड समेत अनगिनत तिकड़मों से अपनी हितैषी ताकतों को राजनीतिक सत्ता में स्थापित कर तथा discourse को कंट्रोल कर एक तरह से चुनाव और लोकतन्त्र का अपहरण कर लिया…
  • Padtaal Duniya Bhar Ki
    न्यूज़क्लिक टीम
    अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को
    28 Jan 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने अफ़ग़ानिस्तान में गहराते मानवीय संकट, भुखमरी पर हुई दो अंतरराष्ट्रीय बैठकों के परिणामों पर न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से चर्चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License