NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
क्या सोशल मीडिया पर सबसे अधिक झूठ भारत से फैलाया जा रहा है?
फेसबुक और व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वालों की संख्या के मामले में भारत सबसे आगे है।
सिरिल सैम, परंजॉय गुहा ठाकुरता
01 Mar 2019
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy: Daily Express

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद फेसबुक ने उनकी मदद की ताकि सोशल मीडिया पर सबसे अधिक फॉलोअर्स वाले नेता वे बन सकें। ‘वर्ल्ड लीडर्स ऑन फेसबुक’ अध्ययन में मई, 2018 में यह बात सामने आई कि फेसबुक पर नरेंद्र मोदी के 4.32 करोड़ फॉलोअर हैं। 

उनके बाद दूसरे स्थान पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप थे। लेकिन उनके फॉलोअर की संख्या मोदी के मुकाबले तकरीबन आधी यानी 2.31 करोड़ थी।

2014 में लोकसभा चुनावों की घोषणा के दिन से लेकर आखिरी चुनाव होने तक भारत में कुल 2.9 करोड़ लोगों ने 22.7 करोड़ पोस्ट, कमेंट, शेयर और लाइक किए जो चुनावों से संबंधित थे। यह आंकड़ा भारत में फेसबुक के कुल सक्रिय उपभोक्ताओं का तकरीबन दो तिहाई है। हर व्यक्ति औसतन दस संवाद हर दिन कर रहा था। इनमें से भी 1.3 करोड़ लोगों ने 7.5 करोड़ मोदी से संबंधित संवाद किए।

चीन ने फेसबुक को अपने यहां कारोबार की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद से लगातार भारत फेसबुक के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। फेसबुक इस्तेमाल करने वाले सबसे अधिक लोगों के मामले में भी भारत चोटी के देशों में है। 

फेसबुक ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए मिलकर ऐसा डिजिटल एकाधिकार स्थापित किया है जिसकी तुलना किसी और एकाधिकारी व्यवस्था से नहीं की जा सकती। भारत की आबादी 1.3 अरब है। देश की कुल आबादी की औसत उम्र 27 साल है। देश की कुल आबादी में से आधे से अधिक लोग 26 साल से कम उम्र के हैं। व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वाले सबसे अधिक लोग भारत में हैं। इनकी संख्या तकरीबन 20 करोड़ है। 

2014 में भारत में फेसबुक इस्तेमाल करने वालों की संख्या दस करोड़ हो गई थी। बाद के साल में यह बढ़कर 13.6 करोड़ हो गई। अप्रैल, 2018 तक फेसबुक और व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वालों की संख्या भारत में 20 करोड़ के पार चली गई और सितंबर, 2018 तक बढ़कर 22 करोड़ हो गई। 

कुछ लोग इस आंकड़े को कम बताते हैं। कुछ लोगों का अंदाज है कि भारत में फेसबुक और व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वालों की संख्या 27 करोड़ के पार है। 2022 तक भारत में फेसबुक इस्तेमाल करने वालों की संख्या 30 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है। भारत में अभी इंस्टाग्राम इस्तेमाल करने वालों की संख्या 6.4 करोड़ है। इंस्टाग्राम इस्तेमाल करने वालों में भारत से आगे सिर्फ तीन देश हैं।

हाल के सालों में गलत सूचनाओं की खान के तौर पर भारत वैश्विक स्तर पर उभरा है। पिछले दो साल में अमेरिका और मैक्सिको समेत जिन देशों में चुनाव हुए हैं, उन देशों में भारत की ऑनलाइन कंटेट मार्केटिंग कंपनियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। ये कंपनियां सत्ता प्रतिष्ठान के करीब हैं। ऐसे में यह उम्मीद करना स्वाभाविक है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में सोशल मीडिया का काफी अधिक इस्तेमाल होने वाला है।

 

हमारे सोशल मीडिया सीरीज़ के अन्य आलेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें :-

#सोशल_मीडिया : सत्ताधारियों से पूरी दुनिया में है फेसबुक की नजदीकी

जब मोदी का समर्थन करने वाले सुषमा स्वराज को देने लगे गालियां!

फेसबुक पर फर्जी खबरें देने वालों को फॉलो करते हैं प्रधानमंत्री मोदी!

फर्जी सूचनाओं को रोकने के लिए फेसबुक कुछ नहीं करना चाहता!

#सोशल_मीडिया : क्या सुरक्षा उपायों को लेकर व्हाट्सऐप ने अपना पल्ला झाड़ लिया है?

#सोशल_मीडिया : क्या व्हाट्सऐप राजनीतिक लाभ के लिए अफवाह फैलाने का माध्यम बन रहा है?

#सोशल_मीडिया : क्या फेसबुक सत्ताधारियों के साथ है?

#सोशल_मीडिया : क्या नरेंद्र मोदी की आलोचना से फेसबुक को डर लगता है?

#सोशल_मीडिया : कई देशों की सरकारें फेसबुक से क्यों खफा हैं?

सोशल मीडिया की अफवाह से बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा

 

#socialmedia
Social Media
Facebook India
Real Face of Facebook in India
#Facebook
WhatsApp
fake news
Narendra modi
Donald Trump

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • tourism sector
    भाषा
    कोरोना के बाद से पर्यटन क्षेत्र में 2.15 करोड़ लोगों को रोज़गार का नुकसान हुआ : सरकार
    15 Mar 2022
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्यटन पर महामारी के प्रभावों को लेकर एक अध्ययन कराया है और इस अध्ययन के अनुसार, पहली लहर में 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा जबकि दूसरी लहर में 52…
  • election commission of India
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल
    15 Mar 2022
    दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली नगर निगम चुनावो को टालने का मन बना लिया है। दिल्ली चुनावो की घोषणा उत्तर प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले 9 मार्च को होनी थी लेकिन आयोग ने इसे बिल्कुल…
  • hijab
    सीमा आज़ाद
    त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है
    15 Mar 2022
    इस बात को दरअसल इस तरीके से पढ़ना चाहिए कि "हर धार्मिक रीति का पालन करना औरतों का अनिवार्य धर्म है। यदि वह नहीं है तभी उस रीति से औरतों को आज़ादी मिल सकती है, वरना नहीं। "
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
    15 Mar 2022
    एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
  • Karnataka High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब  मामला: हिजाब इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका
    15 Mar 2022
    अदालत ने अपना फ़ैसला सुनते हुए यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इसे संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कहा जा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License